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Saturday, September 18, 2021

गरियाबंद : जिले में बिक गया हजारों क्विंटल अमानक खाद, कृषि विभाग की छोटी सी लापरवाही किसानों पर पड़ गयी भारी

गरियाबंद : जिले में बिक गया हजारों क्विंटल अमानक खाद, कृषि विभाग की छोटी सी लापरवाही किसानों पर पड़ गयी भारी



गरियाबंद। जिले में 3700 क्विंटल अमानक खाद की बिक्री हो गयी है। कृषि विभाग की जांच रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। अहम बात ये है कि कृषि विभाग की एक छोटी सी लापरवाही के कारण ये घटना हुई है। विभाग की इस लापरवाही का खामियाजा जिले के उन किसानों को भुगतना पड़ेगा जिन्होंने अच्छी फसल की उम्मीद में अमानक खाद खरीदकर अपने खेतों में डाल दिया है।

दरअसल कृषि विभाग के फर्टिलाइजर इंसेक्टर द्वारा जिले की सहकारी समितियों और निजी प्रतिष्ठानों द्वारा भंडारण किये गए खाद के मई और जून माह में 140 सैम्पल लिए थे। 25 अगस्त को जब जांच रिपोर्ट आई तो उनमें से 8 सैम्पल अमानक पाए गए। जिसमे सहकारी समिति देवभोग, झाखरपारा, राजिम, बेलटुकरी और विपणव संघ छूरा के अलावा 3 निजी प्रतिष्ठान शामिल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अमानक पाए गए सैम्पल के जब नमूने लिए गए थे तब स्टॉक में कुल 3840 बोरा खाद था। लेकिन जब जांच रिपोर्ट आई तो उसमे से 3700 बोरा खाद किसानों ने खरीद कर अपनी फसल में डाल दिया। अमानक पाए गए सैम्पल से जुड़ी समितियों के अधिकारियों के मुताबिक कृषि विभाग ने सैम्पल लिए गए खाद के स्टॉक को रोकने के लिए कोई सूचना नही दी थी। इसलिए उन्होंने खाद किसानों को बेच दिया। जांच रिपोर्ट आने तक सैम्पल लिए गए स्टॉक को बिक्री के लिए नही रोकना कृषि विभाग के अधिकारियों की सबसे बड़ी गलती है।

झाखरपारा समिति से जुड़े असलम मेमन ने बताया कि मामले में कृषि विभाग से बड़ी लापरवाही हुईं है। यदि विभाग ने सैम्पल लिए गए खाद के स्टॉक को जांच रिपोर्ट आने तक नही बेचने के निर्देश समितियों को दिए होते तो समितियां उस खाद को नही बेचती ओर ना ही किसानों को अपनी फसल में अमानक खाद डालने पर मजबूर होना पड़ता।

अपनी गलती पर पर्दा डालने के लिए अब अधिकारी कार्रवाई की बात कर रहे है। कृषि विभाग के जिला उप संचालक फागुराम कश्यप ने समितियों को पत्र लिखकर अमानक खाद को वापिस करने निर्देश जारी किया है।

मिलावटी खाद फसल में डल चुका है और किसानों को नुकसान होना भी तय है, ऐसे में देखने वाली बात होगी कि किसानों के नुकसान की भरपाई कैसे होगी और लापरवाही अधिकारियों को क्या सजा मिलेगी।