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Tuesday, October 19, 2021

गरियाबंद : "सफलता की कहानी" शिवलाल के नाम पर विभाग ने जारी की डाक टिकट

गरियाबंद : "सफलता की कहानी" शिवलाल के नाम पर विभाग ने जारी की डाक टिकट




गरियाबंद। सफलता के लिए सुविधाओं की नही बल्कि कड़ी मेहनत और लगन की जरूरत होती है। ऐसा ही एक कारनामा गरियाबंद के शिवलाल निषाद ने कर दिखाया है।

देवभोग निवासी शिवलाल निषाद के नाम पर डाक संचार विभाग ने डाक टिकट जारी की है। विभाग ने उन्हें यह सम्मान उनके बीमा पॉलिसी कलेक्शन में बेहतर प्रदर्शन करने पर दिया है। शिवलाल विभाग के प्रदेशभर में फैले उन 500 एजेंटो में से एक है जिन्होंने पॉलिसी कलेक्शन में प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। शिवलाल ने एक वित्तीय वर्ष में 4 करोड़ 16 लाख की बीमा पॉलिसी कलेक्शन की है। डाक संचार विभाग ने उन्हें 15 हजार नगद और उनके नाम पर डाक टिकट जारी कर सम्मानित किया है।

वैसे शिवलाल के लिए ये सब करना इतना आसान नही था। एक तो देवभोग पिछड़ा इलाका है जहां लोग आर्थिक एवं शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े हुए है। ऐसे इलाके में लोगो की जेब से बीमा पॉलिसी के लिए रकम निकालना बहुत मुश्किल काम होता है। दूसरा बुनियादी सुविधाओं की कमी होना। शिवलाल के लिए यह सबसे बड़ी चुनौती थी।

ग्राहकों की क़िस्त समय पर जमा हो यह किसी भी बीमा एजेंट के लिए सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। मगर जब ऑफिस का लिंक ही फेल हो तो ऐसे में यह जिम्मेदारी निभाना और भी मुश्किल हो जाता है। शिवलाल के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ।

शिवलाल के मुताबिक ग्राहकों से इक्कठा की गई क़िस्तो की रकम को उसे देवभोग उप डाकघर में जमा करना होता था। मगर आये दिन लिंक फेल होने के कारण समय पर क़िस्त जमा करना उसके लिए बहुत मुश्किल था। इसके लिए उसे ओडिसा के धर्मगढ़ डाकघर का सहारा लेना पड़ता है। शिवलाल ने बताया कि वह प्रतिदिन कम से कम 5 गांवो की विजिट करता था। वहां से कलेक्शन करने के बाद उसे देवभोग उप डाकघर में जमा करता था। यदि लिंक फेल हुआ तो फिर क़िस्त जमा कराने धर्मगढ़ तक की एक्स्ट्रा दौड़ लगानी पड़ती थी।


देवभोग उप डाकघर के डाक मास्टर प्रशांत चौधरी भी शिवलाल की परेशानियों से पूरी तरह सहमत नजर आए। उन्होंने बताया कि बीएसएनएल की सर्विस अच्छी नही होने के कारण उनके ऑफिस का लिंक आये दिन फेल रहता है। जिसके कारण ना केवल उनकी योजनाएं प्रभावित हो रही है बल्कि डाकघर पहुंचने वाले ग्राहकों को भी परेशानियों से दो-चार होना पड़ता है।

खैर, शिवलाल ने जो सफलता हासिल की है वह इन्ही समस्याओं का सामना करते हुए उनकी मेहनत और लगन का परिणाम है। उनकी इस सफलता पर डाकघर स्टॉफ के अलावा उनके शुभचिन्तको ने भी उन्हें बधाई दी है।  शिवलाल सम्भवतः देवभोग के पहले व्यक्ति है जिनके नाम पर डाक टिकट जारी हुए है।