जिला जेल से प्रहरी को चकमा देकर दीवार फांदकर दुष्कर्म का विचाराधीन कैदी फरार, 8 घंटे के भीतर रेलवे स्टेशन से दोबारा गिरफ्तार, सुरक्षा व्यवस्था में चूक
An undertrial prisoner accused of rape escaped from the district jail by evading a guard and scaling the wall; he was re-arrested at the railway station within eight hours—a case of a security lapse.
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : जिला जेल पेंड्रारोड में सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक सामने आई. जब एक विचाराधीन कैदी जेल की मुख्य दीवार फांदकर फरार हो गया. हालांकि जेल प्रशासन और प्रहरियों की तत्परता के चलते आरोपी को कुछ ही घंटों के बाद पकड़कर दोबारा जेल भेज दिया गया.
10 जून को जेल में दाखिल किया गया था आरोपी
मिली जानकारी के मुताबिक पेंड्रा के बचरवार गांव का निवासी कुलदीप राठौर उर्फ पटेल उम्र 19 साल को भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत पेंड्रा पुलिस ने गिरफ्तार किया था. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के रिमांड वारंट पर उसे 10 जून को जिला जेल पेंड्रारोड में दाखिल किया गया था.
प्रहरी को चकमा देकर दीवार फांदकर हुआ फरार
बताया गया कि कैदियों को उनकी बैरकों से दिनचर्या के लिए बाहर निकाला गया था. 12 जून की सुबह करीब 6 बजे से 10 बजे के बीच आरोपी कैदी नंबर 11726 ने ड्यूटी पर तैनात प्रहरी को चकमा दिया और जेल की ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गया. बंदी के भागने की जानकारी मिलते ही जेल परिसर में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी खबर दी गई.
घेराबंदी कर स्टेशन से पकड़ा गया आरोपी
पुलिस प्रशासन ने बिना देरी किए आसपास के क्षेत्रों में घेराबंदी कर फरार बंदी की तलाश शुरू की. पुलिस ने पीछा करते हुए कुलदीप राठौर को शाम करीब 4 बजे जिला जेल से 5 किलोमीटर दूर पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन परिसर से पकड़ लिया. आरोपी स्टेशन से कहीं और भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे दबोच लिया. और सुरक्षित रूप से वापस जेल में दाखिल कर दिया.
भागने के प्रयास का मामला दर्ज कराने की तैयारी
घटना के बाद जिला जेल पेंड्रारोड के सहायक जेल अधीक्षक ने गौरेला थाना में आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ जेल से भागने के प्रयास का मामला दर्ज करने की मांग की. जेल प्रहरी अखिलेश पांडेय की शिकायत पर गौरेला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 262 के तहत जेल से भागने का नया जुर्म दर्ज किया और उसे वापस जेल में बंद कर दिया गया. मामले से संबंधित प्रतिवेदन केंद्रीय जेल बिलासपुर के अधीक्षक को भी भेजा गया है.
सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरु
जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि घटना के कारणों की पड़ताल की जा रही है. ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके.
सुरक्षा पर बड़े सवाल
इस संवेदनशील घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रहरियों की मुस्तैदी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि दिन के उजाले में एक कैदी इतनी आसानी से दीवार फांदकर कैसे भाग निकला.
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