छत्तीसगढ़ में बस सफर हुआ महंगा, साधारण बसों के किराये में 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी, 80 साल या उससे ज्यादा उम्र के नागरिकों को मिलेगी छुट

Bus travel in Chhattisgarh has become costlier, with fares for ordinary buses hiked by up to 40 percent; however, citizens aged 80 years or older will be granted an exemption.

छत्तीसगढ़ में बस सफर हुआ महंगा, साधारण बसों के किराये में 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी, 80 साल या उससे ज्यादा उम्र के नागरिकों को मिलेगी छुट

रायपुर : छत्तीसगढ़ में बस से सफर करना अब महंगा हो गया है. डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का हवाला देकर बस मालिक लंबे समय से किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे. राज्य सरकार ने नई किराया दरें लागू कर दी हैं. करीब छह साल बाद हुई इस वृद्धि से बस संचालकों को राहत मिलेगी. लेकिन रोजाना बसों से सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर एक्स्ट्रा बोझ पड़ेगा. परिवहन विभाग ने 8 अक्टूबर को नई किराया दरों की अधिसूचना जारी की. जिसे 12 अक्टूबर को राजपत्र में प्रकाशित किया गया. नई दरें राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रभावी हैं. ये दरें नगरीय बस सेवाओं को छोड़कर अन्य यात्री बस सेवाओं पर लागू होंगी.
पांच किलोमीटर के सफर से ही बढ़ेगा खर्च
पहले निर्धारित किराया व्यवस्था में शुरुआती पांच किलोमीटर का किराया औसतन सात रुपए था. नई व्यवस्था में साधारण बसों के लिए यह राशि 10 रुपए और डीलक्स और सुपर लग्जरी बसों के लिए 12 रुपए तय की गई है. साधारण बसों में पांच किलोमीटर के बाद प्रत्येक अतिरिक्त किलोमीटर या उसके हिस्से के लिए 1.75 रुपए किराया लगेगा. डीलक्स बसों में यह दर 2.20 रुपए और सुपर लग्जरी वातानुकूलित बसों में 3.30 रुपए होगी. इस तरह लंबी दूरी के यात्रियों को भी पहले की तुलना में ज्यादा किराया चुकाना पड़ेगा.
किस श्रेणी की बस में कितना किराया
राजपत्र में बसों की प्रकृति और उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं.
साधारण बस सेवा: पहले पांच किलोमीटर के लिए 10 रुपए, इसके बाद 1.75 रुपए प्रति किलोमीटर.
साधारण रात्रिकालीन बस: साधारण बस के निर्धारित किराए से 10 प्रतिशत ज्यादा.
डीलक्स और डीलक्स रात्रिकालीन बस: पहले पांच किलोमीटर के लिए 12 रुपए, इसके बाद 2.20 रुपए प्रति किलोमीटर.
बिना एसी वाली डीलक्स स्लीपर और सेमी-स्लीपर: पहले पांच किलोमीटर के लिए 12 रुपए, इसके बाद सीट और स्लीपर बर्थ के लिए 2.20 रुपए प्रति किलोमीटर.
एसी डीलक्स स्लीपर और सेमी-स्लीपर: पहले पांच किलोमीटर के लिए 12 रुपए, इसके बाद सीट और स्लीपर बर्थ के लिए 3.20 रुपए प्रति किलोमीटर.
वॉल्वो, स्कैनिया और मर्सिडीज जैसी सुपर लग्जरी एसी बसें: पहले पांच किलोमीटर के लिए 12 रुपए, इसके बाद 3.30 रुपए प्रति किलोमीटर.
सुपर लग्जरी एसी सेमी-स्लीपर और स्लीपर: शुरुआती पांच किलोमीटर के लिए 12 रुपए. इसके बाद सेमी-स्लीपर सीट के लिए 3 रुपए और स्लीपर बर्थ के लिए 3.30 रुपए प्रति किलोमीटर निर्धारित हैं.
रात्रिकालीन बस और किराए की गणना के नियम भी तय
राजपत्र के मुताबिक रात्रिकालीन बस सेवा वही मानी जाएगी, जो सामान्यतः सूर्यास्त से सूर्योदय के बीच संचालित होती है और जिसकी एक ओर की यात्रा दूरी 200 किलोमीटर से ज्यादा हो. एसी, स्लीपर और सेमी-स्लीपर जैसी श्रेणियों का उल्लेख बस के पंजीयन प्रमाणपत्र और परमिट में होना जरुरी है. किराए की गणना में 50 पैसे या उससे ज्यादा की राशि को अगले पूर्ण रुपए में जोड़ा जाएगा. जबकि 50 पैसे से कम की राशि छोड़ दी जाएगी.
इन यात्रियों को किराए में पूरी छूट
सरकार ने कुछ श्रेणियों के यात्रियों को किराए में शत-प्रतिशत छूट जारी रखी है. इनमें दृष्टिहीन, बौद्धिक दिव्यांग, दोनों पैरों से चलने में असमर्थ दिव्यांग, 80 साल या उससे ज्यादा उम्र के नागरिक और एचआईवी/एड्स से पीड़ित व्यक्ति शामिल हैं. इनके साथ यात्रा करने वाले एक सहायक को भी किराया नहीं देना होगा. इसके अलावा सक्षम प्राधिकारी से प्रमाणित नक्सल प्रभावित व्यक्तियों को राज्य के भीतर बस यात्रा पर 50% छूट मिलेगी. निर्धारित छूट का उल्लंघन करने पर परमिटधारक और परिचालक के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई का प्रावधान है.
बस मालिकों को राहत, यात्रियों का खर्च बढ़ा
डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच बस संचालक किराया संशोधन को जरूरी बता रहे थे. सरकार ने उनकी मांग के अनुरूप नई दरें निर्धारित कर दी हैं. हालांकि इसका सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो नौकरी, कारोबार, पढ़ाई और अन्य जरूरतों के लिए नियमित रूप से बसों पर निर्भर हैं. खासकर रोजाना आने-जाने वालों के मासिक यात्रा खर्च में बढ़ोतरी होगी.
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