आकाशीय बिजली का कहर, बारिश से बचने झोपड़ी में खड़े तीन लोगों की दर्दनाक मौत और 2 महिलाओं समेत 3 घायल, मची अफरा-तफरी, गांव में शोक का माहौल
Lightning strikes with deadly force: three people seeking shelter from the rain in a hut die tragically, while three others—including two women—are injured; chaos ensues, and the village is plunged into mourning.
जांजगीर-चांपा/बलौदा : जिले के बलौदा क्षेत्र में शनिवार को अचानक बदले मौसम के बीच बड़ा हादसा हो गया. महुदा गांव में आसमानी बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई. जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए. हादसे के समय सभी लोग बाड़ी में काम कर रहे थे. अचानक बारिश शुरु होने के बाद भीगने से बचने के लिए वे पास में बनी एक झोपड़ी में चले गए थे, इसी दौरान तेज गड़गड़ाहट के साथ आसमानी बिजली गिरी और सभी उसकी चपेट में आ गए.
मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार को बलौदा और आसपास के इलाकों में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया. आसमान में बादल छाने के साथ बूंदाबांदी शुरु हो गई और बिजली चमकने लगी. इसी दौरान महुदा गांव में कुछ लोग बाड़ी में काम कर रहे थे. बारिश तेज होने की आशंका को देखते हुए सभी ने काम रोक दिया और बचने के लिए पास की झोपड़ी में पनाह ली. बताया जा रहा है कि इसी बीच तेज गर्जना के साथ झोपड़ी के पास आकाशीय बिजली गिर गई. इसकी चपेट में वहां मौजूद छह लोग आ गए. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. आसपास मौजूद ग्रामीण घटनास्थल की तरफ पहुंचे और पीड़ितों को संभालने का प्रयास किया.
इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान महुदा थाना बलौदा निवासी नरेश खैरवार पिता रामू खैरवार उम्र 24 साल, रामभरोस पटेल पिता कंश राम पटेल उम्र 32 साल और तुलसी राम पटेल पिता बेदराम पटेल उम्र 51 साल के रूप में बताई गई है। वहीं घटना में तीन लोग घायल हो गए. घायलों में अंजू पटेल पति रामभरोस पटेल उम्र 26 साल, दुलारा बाई पटेल पति तुलसी पटेल उम्र 46 साल औरबैशाखू पिता रामू खैरवार उम्र 32 साल शामिल हैं. हादसे के बाद घायलों को इलाज के लिए जांजगीर के अस्पताल भेजा गया. जहां उनका इलाज किया जा रहा है.
एक साथ तीन लोगों की मौत की खबर से महुदा गांव में शोक का माहौल है. हादसे की जानकारी मिलने के बाद मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों में मातम पसर गया. वहीं घायलों के स्वास्थ्य पर भी परिवार के लोगों की नजर बनी हुई है.
बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थान, खेत या पेड़ के नीचे रुकना खतरनाक हो सकता है. मौसम खराब होने और बिजली चमकने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित पक्के भवन में शरण लेने और बिजली के खंभों, तारों और खुले स्थानों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है.
महुदा गांव में हुई इस घटना ने एक बार फिर आकाशीय बिजली के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है. घटना से संबंधित आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी का इंतजार है.
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