रेल यात्रियों के लिए बुरी खबर, महाकुंभ के बीच अगले कई दिनों तक रद्द रहेगी छपरा-दुर्ग- छपरा सारनाथ एक्सप्रेस, पनप रहा आक्रोश

Bad news for railway passengers Chhapra Durg Chhapra Sarnath Express will remain canceled for the next several days amid Mahakumbh anger is growing

रेल यात्रियों के लिए बुरी खबर, महाकुंभ के बीच अगले कई दिनों तक रद्द रहेगी छपरा-दुर्ग- छपरा सारनाथ एक्सप्रेस, पनप रहा आक्रोश

दुर्ग/रायपुर/बिलासपुर : छत्तीसगढ़ राज्य को प्रयागराज से जोड़ने का सबसे बेहतर ट्रेन विकल्प दुर्ग-छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस है. जो कि दिसंबर, जनवरी और फरवरी में 76 दिनों तक रद्द रहेगी.
प्रयागराज महाकुंभ के बीच रेलवे के इस फैसले के खिलाफ प्रदेशवासियों में आक्रोश पनप रहा है. दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर समेत आसपास के अन्य जिलों व संभाग के लोग भी इसी ट्रेन से सफर करना पसंद करते हैं. सभी इससे नाराज हैं.
 बता दें कि दुर्ग-छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस छत्तीसगढ़ से प्रयागराज के बीच सफ़र करने वाले हजारों लोगों के लिए सबसे बढ़िया साधन है. इस साल प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है. जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद अहम है. ऐसे में ट्रेन के रद्द होने से छत्तीसगढ़ के यात्रियों को परेशानी हो सकती है.
महाकुंभ के आयोजन को देखते हुए सारनाथ एक्सप्रेस का रद्द होने पर छत्तीसगढ़ के मुसाफिरों के लिए एक बड़ी परेशानी हो सकती है. यह ट्रेन 22 डिब्बों वाली है और हर सफ़र में करीब 1500 मुसाफिर सफर करते हैं. 76 दिनों तक यह सेवा बंद रहने से करीब तीन लाख मुसाफिरों को दुसरे जरिए की तलाश करनी पड़ेगी. इनमें से ज्यादातर यात्री महाकुंभ में शामिल होने के इच्छुक हैं. ऐसे में उनके सफर की प्लान पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.
रेलवे प्रशासन ने इस फैसले के पीछे कोहरे का तर्क दिया है. जिसे कई लोग हास्यास्पद मानते हैं. ठंड के मौसम में कोहरा सिर्फ कुछ दिनों तक ही रहता है. विशेषज्ञों के मुताबिक साल भर में अधिकतम 30-35 दिनों तक ही कोहरा पड़ता है. इसके बावजूद पूरे तीन महीने के लिए ट्रेन सेवा रद्द करना समझ से परे है. रेलवे प्रशासन से सवाल उठता है कि कोहरे की हालत का पूर्वानुमान महीनों पहले कैसे लगाया जा सकता है?
छत्तीसगढ़ ने केंद्र में भारतीय जनता पार्टी को भारी समर्थन दिया है. बावजूद इसके राज्य के साथ भेदभाव का आरोप लग रहा है. सवाल उठता है कि क्या छत्तीसगढ़ के नागरिकों को रेलवे जैसी बुनियादी सेवाओं से वंचित किया जा रहा है? सारनाथ एक्सप्रेस जैसी अहम सेवा के रद्द होने पर राज्य सरकार और केंद्र सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है.
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जानिए वंदे भारत में कितना वसूला जाता है कैंसिलेशन चार्ज
भारतीय रेल, बुक की गई टिकट को कैंसिल करने पर कैंसिलेशन चार्ज वसूलता है. इस कैंसिलेशन चार्ज से ही रेलवे हर साल करोड़ों रुपये की कमाई करता है. अगर आपने वंदे भारत एक्सप्रेस की एसी चेयर कार में टिकट बुक किया है और किसी वजह से आपको टिकट कैंसिल करना है तो रेलवे आपसे टिकट के बेस प्राइस से 180 रुपये का कैंसिलेशन चार्ज वसूल करेगा और बाकी की राशि वापस कर देगा. इसके अलावा अगर आपने वंदे भारत की एग्जीक्यूटिव क्लास में टिकट बुक किया था. जिसे अब कैंसिल कराना है तो आपके टिकट के बेस प्राइस से 240 रुपये काटे जाएंगे.
वापस नहीं मिलता जीएसटी का पैसा
टिकट कैंसिल कराते समय आपको रिजर्वेशन चार्ज और जीएसटी के पैसे वापस नहीं किए जाते हैं. टिकट कैंसिल कराने पर आपको टिकट के बेस प्राइस से कैंसिलेशन चार्ज काटकर बाकी का पैसा रिफंड कर दिया जाता है. बताते चलें कि भारतीय रेल थर्ड क्लास एसी टिकट पर भी 180 रुपये का कैंसिलेशन चार्ज वसूल करता है. स्लीपर क्लास की टिकट कैंसिल कराने पर 120 रुपये और जनरल क्लास की टिकट कैंसिल कराने पर 60 रुपये का कैंसिलेशन चार्ज वसूला जाता है.
दिल्ली से वाराणसी तक का किराया
वंदे भारत एक्सप्रेस के चेयर कार में नई दिल्ली से वाराणसी तक का किराया 1805 रुपये है. जबकि एग्जीक्यूटिव क्लास में सफर करने के लिए आपको 3355 रुपये खर्च करने होंगे. बताते चलें कि ये टिकट का बेस प्राइस है. इसके अलावा, आपको रिजर्वेशन चार्ज, जीएसटी भी अलग से चुकाना होगा. लेकिन क्या आपको मालूम है कि वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में बुक की गई टिकट को कैंसिल करने पर कितने रुपये का कैंसिलेशन चार्ज लगता है.
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