शराब पीने को लेकर विवाद, धमतरी में रिश्तेदार के घर गई पत्नी, बंगाल चुनाव ड्यूटी से लौटे CAF जवान ने लगाई फांसी, इधर निलंबित कर्मचारी ने की खुदकुशी

A dispute over drinking led to a wife's departure to a relative's home in Dhamtari. A CAF soldier, returning from Bengal election duty, hanged himself. A suspended employee also committed suicide.

शराब पीने को लेकर विवाद, धमतरी में रिश्तेदार के घर गई पत्नी, बंगाल चुनाव ड्यूटी से लौटे CAF जवान ने लगाई फांसी, इधर निलंबित कर्मचारी ने की खुदकुशी

बंगाल चुनाव ड्यूटी से लौटे CAF जवान ने लगाई फांसी
धमतरी : धमतरी के सपना पिंक सिटी रोड स्थित किराए के मकान में छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (CAF) जवान ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. मृतक जागेश्वर प्रसाद ठाकुर उम्र 37 साल CAF की 10वीं बटालियन की F कंपनी में सूरजपुर में पदस्थ था. अभी उसकी ड्यूटी रायपुर के सिविल लाइन क्षेत्र में लगी थी.
मिली जानकारी के मुताबिक पश्चिम बंगाल चुनाव ड्यूटी से लौटने के बाद वह 5 दिनों के ब्रेक रेस्ट पर घर आया हुआ था. इस दौरान शराब पीने को लेकर पत्नी से झगड़ा हुआ. पत्नी नाराज होकर रिश्तेदार के घर चली गई थी. इसकी खबर पत्नी ने देवर को दी थी.
जवान का भाई जब घर पहुंचा तो जवान फांसी के फंदे पर लटका मिला. घटना की खबर मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा. फिलहाल, पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
जागेश्वर 24 मार्च को रायपुर से पश्चिम बंगाल चुनाव ड्यूटी पर गए थे और 2 मई को शाम 4 बजे वापस लौटे थे. उन्हें 5 दिन का ब्रेक मिला था, जिसके बाद वह धमतरी स्थित अपने किराए के मकान में आए थे. जागेश्वर पिछले 7-8 सालों से धमतरी में रह रहे थे और मूल रूप से भटगांव थाना क्षेत्र के रनचीराई के निवासी थे.
जवान नशे का आदी था. वो रोज ही शराब [पीता था. जिसे लेकर पत्नी के साथ उसका विवाद होता रहता था. 9 मई को भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था.
इस विवाद के बाद देर शाम जवान की पत्नी अपनी रिश्तेदार के घर चली गई. देवर ललित को उसने 9 मई की ही रात कॉल कर के सारी बात बताई. पत्नी ने कहा कि वह बच्चों के साथ पास के ही गांव में अपने परिजन के घर आ गई है.
अगले दिन ललित भाई से मिलने करीब 4 बजे धमतरी के पिंक सिटी पहुंचा तो देखा कि घर का दरवाजा अंदर से बंद था. उसने बहुत कोशिश की लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला. उसने भाभी को इसकी जानकारी दी.
भाभी ने पीछे के दरवाजे को तोड़कर कमरे में जाने को कहा. ललित जब वहां पंहुचा तो देखा कि भाई जागेश्वर ठाकुर ने पंखे के हुक से गमछे का फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली है. इसके बाद ललित ने पुलिस को खबर किया.
 फिलहाल खुदकुशी की वजह का खुलासा नहीं हो सका है. पुलिस मोबाइल फोन, निजी दस्तावेज और पारिवारिक परिस्थितियों की जांच कर रही है. परिचितों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जागेश्वर प्रसाद ठाकुर बेहद शांत और अनुशासित स्वभाव के थे. उनकी अचानक मौत से साथी जवानों और मोहल्ले के लोगों में भी गहरा सदमा है. जवान की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.
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निलंबित होमगार्ड जवान ने बैरक के बाथरूम में लगाई फांसी
कबीरधाम : कबीरधाम जिले के छिरहा स्थित होमगार्ड कार्यालय परिसर में दोपहर उस समय हड़कंप मच गया. जब बैरक के बाथरूम में एक होमगार्ड जवान का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला. घटना की जानकारी मिलते ही कार्यालय में मौजूद अन्य जवानों ने अधिकारियों और पुलिस को खबर दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है.
मृतक की पहचान नगर सैनिक क्रमांक 222 विनोद मेरावी, निवासी जंगल रेंगाखार के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि विनोद मेरावी होमगार्ड कार्यालय परिसर स्थित बैरक में ही रहता था. पुलिस के मुताबिक वह लंबे समय से नशे का आदी था और अक्सर ड्यूटी से गैरहाजिर रहता था. इसी वजह से विभागीय कार्रवाई करते हुए उसे कुछ दिनों पहले ससोएंद कर दिया गया था.
मिली जानकारी के मुताबिक दोपहर करीब साढ़े तीन बजे जवान शौचालय की तरफ गए थे. इसी दौरान बाथरूम के अंदर विनोद मेरावी का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला. घटना के बाद परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया.
मामले में थाना प्रभारी योगेश कश्यप ने बताया कि नगर सैनिक विनोद मेरावी द्वारा बाथरूम में फांसी लगाकर खुदकुशी किए जाने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है. मृतक कुछ दिनों से सस्पेंड था और नशे की लत से भी परेशान बताया जा रहा है. फिलहाल पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है.
इधर, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ कथित व्हाट्सएप चैट और महिला से बातचीत के स्क्रीनशॉट ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है. दावा किया जा रहा है कि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी पर महिला सैनिकों से अनुचित व्यवहार और दबाव बनाने जैसे आरोप लग रहे हैं. हालांकि इन वायरल चैट और तस्वीरों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. लेकिन इनके सामने आने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं.
जवानों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि विभाग में अधिकारियों द्वारा अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए कभी भी किसी सैनिक को सस्पेंड या बर्खास्त कर दिया जाता है. कई कर्मचारियों का आरोप है कि विरोध करने वालों पर कार्रवाई का डर दिखाया जाता है. जिससे जवान मानसिक दबाव में रहते हैं.
गौरतलब है कि इससे पहले कोरबा जिले में भी होमगार्ड विभाग के अधिकारियों पर महिला उत्पीड़न और मनमानी के आरोप सामने आए थे. उस मामले ने प्रदेशभर में सुर्खियां बटोरी थीं. अब कवर्धा की घटना ने एक बार फिर विभागीय व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है.
मामले को लेकर पुलिस जांच में जुटी हुई है. वहीं विभागीय स्तर पर भी अंदरूनी चर्चा तेज हो गई है. जवान की आत्महत्या के पीछे सिर्फ व्यक्तिगत कारण थे या फिर विभागीय प्रताड़ना और दबाव भी इसकी वजह बना. यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. फिलहाल पूरे मामले ने होमगार्ड विभाग की छवि को ताक पर रख दिया है.
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