पटेवा में शराब तस्करों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर लाठी-डण्डा और ईट-पत्थर से हमला, TI समेत कई पुलिसकर्मी गंभीर, महिला आरक्षक घायल
A police team that went to arrest liquor smugglers in Patewa was attacked with sticks and bricks, with several policemen, including the TI, seriously injured and a female constable injured.
महासमुंद/पचरी : महासमुंद जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक घटना सामने आई है. पटेवा थाना क्षेत्र के ग्राम पचरी में आबकारी मामले के फरार आरोपितों को दबोचने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों और आरोपितों के परिजनों ने संगठित होकर जानलेवा हमला कर दिया. इस झड़प में सांकरा थाना प्रभारी (टीआई) उत्तम तिवारी सहित कई पुलिसकर्मी लहूलुहान हो गए. पुलिस ने सख्ती बरतते हुए मौके से 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि अन्य की तलाश जारी है. घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है. यह मामला पटेवा थाना अंतर्गत पचारी ग्राम का है.
मिली जानकारी के मुताबिक शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच सांकरा टीआई उत्तम तिवारी वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर शनिवार को फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पटेवा पहुंचे थे. पटेवा पुलिस के साथ संयुक्त टीम जब शाम करीब छह से सात बजे के बीच ग्राम पचरी पहुंची तो आरोपी विजय मार्कंडेय और विनोद मार्कंडेय ने भागने की कोशिश की.
घेराबंदी कर जब पुलिस ने उन्हें पकड़ा और वाहन में बैठाने लगी. तभी आरोपितों ने गाली-गलौज शुरु कर दिया. देखते ही देखते आरोपियों के परिजन लाठी-डंडा, लोहे की रॉड और ईंट-पत्थर लेकर पुलिस पर टूट पड़े.
बहन हेमा, पिता छगन, चाचा गुलशन, दादी लीलाबाई, दादा गजेंद्र, पत्नी ज्योति, रिश्तेदार लक्की मार्कंडेय समेत अन्य लोगों के इस अचानक हमले में सांकरा टीआई उत्तम तिवारी, प्रधान आरक्षक अशवंत मन्नाडे, आरक्षक अभिषेक राज दीपक और महिला आरक्षकों को सिर, सीने और हाथ-पैरों में गंभीर चोटें आई हैं. हमले की उग्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उपद्रवियों ने पुलिस वाहन नम्बर CG 03-6100 के कांच भी चकनाचूर कर दिया.
संघर्ष के दौरान आरोपी की बहन हेमा पुलिस वाहन के सामने सड़क पर लेट गई. ताकि आरोपियों को ले जाने से रोका जा सके. महिला आरक्षकों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए उसे हटाया और कड़ी मशक्कत के बाद टीम आरोपियों को सुरक्षित थाने लाने में कामयाब रही.
पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है. सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिस दल पर जानलेवा हमला करने और दंगा भड़काने के आरोप में कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपितों में विजय मार्कंडेय, विनोद मार्कंडेय, छगन, लीला, ज्योति, विमला, खुशबू, ढेला बाई, संतोष कुमार टंडन और हेमा मार्कंडेय शामिल हैं. पुलिस प्रशासन का कहना है कि फरार आरोपितों लक्की, गुलशन और गजेंद्र मार्कंडेय को भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.
घटना के बाद से गांव में तनावपूर्ण हालात को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है. पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि वर्दी पर हाथ उठाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी. मामले की विस्तृत जांच जारी है और वारदात में शामिल अन्य चेहरों की पहचान की जा रही है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?mode=gi_t



