भोले मांझी ने प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल के हाथों में थमाया मांगों का पुलिंदा, देवभोग में ब्लड बैंक, जर्जर छात्रावास और पेपर लीक पर सीधी कार्रवाई की मांग

Bhole Manjhi handed over a memorandum of demands to Minister-in-Charge Dayaldas Baghel, calling for a blood bank in Devbhog, repairs to the dilapidated hostel, and direct action regarding the paper leak.

भोले मांझी ने प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल के हाथों में थमाया मांगों का पुलिंदा, देवभोग में ब्लड बैंक, जर्जर छात्रावास और पेपर लीक पर सीधी कार्रवाई की मांग

गरियाबंद/देवभोग : गरियाबंद जिले के देवभोग ब्लॉक स्थित खोखसरा में आयोजित ‘सेवा सेतु शिविर’ में उस वक्त हलचल तेज हो गई. जब सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग (कांदाडोंगर परिक्षेत्र) के अध्यक्ष भोले मांझी ने क्षेत्र की उपेक्षा और प्रशासनिक लापरवाही का कच्चा चिट्ठा प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल के सामने खोलकर रख दिया. स्वास्थ्य, शिक्षा और छात्रों की सुरक्षा से सीधे जुड़े तीन बेहद संवेदनशील मुद्दों पर सीधे मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए व्यवस्था पर कड़े सवाल खड़े किए गए हैं. भोले मांझी द्वारा सौंपे गए आवेदनों में व्यवस्था की बदहाली को सीधे तौर पर उजागर किया गया:
रक्त के अभाव में तड़पते मरीजों की सुध कब?
देवभोग के शासकीय अस्पताल में आज तक ब्लड बैंक की सुविधा उपलब्ध नहीं है. सड़क हादसों के घायलों, प्रसव पीड़ा झेलती महिलाओं और गंभीर मरीजों को खून की एक-एक बूंद के लिए दूसरे शहरों या निजी सेंटरों की चौखट पर भटकना पड़ता है. समय पर रक्त न मिलने से मरीजों की जिंदगी दांव पर लग जाती है. जबकि गरीब तबका लाचारी में पिस रहा है. संगठन ने दो टूक मांग की है कि देवभोग में अविलंब सरकारी ब्लड बैंक स्थापित किया जाए.
1965 का जर्जर खंडहर: 50 मासूम छात्रों की जान से कब तक होगा खिलवाड़?
देवभोग स्थित आदिवासी छात्रावास वर्ष 1965 में बना था. जो अब जर्जर होकर मौत का साया बन चुका है. खंडहरनुमा इस भवन में करीब 50 आदिवासी छात्र हर रोज अपनी जान हथेली पर रखकर सोने और पढ़ने को मजबूर हैं. समाज ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय तत्काल सर्वसुविधायुक्त नवीन छात्रावास भवन मंजूर किया जाए और निर्माण होने तक छात्रों को सुरक्षित वैकल्पिक जगह पर शिफ्ट किया जाए.
त्रैमासिक पेपर लीक कांड: डीईओ के गैर-जिम्मेदाराना बयान पर बिफरा समाज
जिले के स्कूलों में त्रैमासिक परीक्षा से पहले ही संकुल समन्वयकों द्वारा खुलेआम व्हाट्सएप ग्रुपों में प्रश्न-पत्र लीक कर दिया गया. हद तो तब हो गई जब शासन के साफ नियम (20% अंक मुख्य परीक्षा में जुड़ने) को दरकिनार करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने गैर-जिम्मेदाराना बयान देकर पूरे मामले पर पर्दा डालने और दोषियों को बचाने की कोशिश की. भोले मांझी ने इस पूरे फर्जीवाड़े की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच और पेपर लीक करने वालों सहित डीईओ के आचरण पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है.
भाजपा कार्यकर्ताओं की गैरमौजूदगी बनी चर्चा
बता दें कि छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल के मैनपुर प्रवास के दौरान क्षेत्र में एक अलग राजनीतिक तस्वीर देखने को मिली. मंत्री के दौरे के दौरान स्वागत और मुलाकात के दौरान भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं की अपेक्षित मौजूदगी नजर नहीं आने की चर्चा राजनीतिक हलकों में होती रही.
हालांकि, भाजपा कार्यकर्ताओं की गैरमौजूदगी को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है. ऐसे में इस संबंध में किसी तरह का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा. बावजूद इसके, मंत्री के दौरे के दौरान सामने आई राजनीतिक तस्वीर स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय जरुर बनी रही.
मंत्री से मुलाकात के दौरान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रामकृष्ण ध्रुव सहित शाहिद मेमन, तनवीर ठाकुर, गेंदू यादव, दुलेंद्र नेगी, लिकेश यादव और डोमर साहू समेत क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ता और सदस्य मौजूद रहे.
अब सबसे बड़ा और तीखा सवाल यही खड़ा होता है कि क्या शासन-प्रशासन आदिवासियों के हक, मासूम छात्रों की सुरक्षा और मरीजों की जान से जुड़ी इन जायज मांगों पर वाकई कोई ठोस कदम उठाएगा, या फिर हर बार की तरह अधिकारियों की लीपापोती के बीच इन आवेदनों को भी फाइलों के ढेर और कचरे के डिब्बे में फेंक दिया जाएगा? यह देखना बाकी है कि प्रभारी मंत्री का यह ‘सेवा सेतु’ आम जनता की उम्मीदों का पुल बनता है या महज एक औपचारिक फोटो खिंचवाने का जरिया साबित होता है.
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