ट्रिपल इंजन सरकार से छग के कर्मचारी एवं पेंशनरों व उनके परिवार के सदस्यों के लिए मेडिकल कैशलेश सुविधा को बजट में शामिल करने की मांग
Demand to include medical cashless facility for employees and pensioners of CG and their family members in the budget from Triple Engine Government
रायपुर : छत्तीसगढ़ मेडिकल कैशलेस कर्मचारी कल्याण संघ के प्रांतीय सदस्यों ने शासन से मांग की है कि आने वाले बजट में प्रदेश के कर्मचारी और उनके सदस्यों के लिए मेडिकल कैशलेश सुविधा जल्द से जल्द प्रदान करे. जिससे आने वाले सत्र से ही कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सके.
समय समय पर संगठन के द्वारा शासन को ज्ञापन के जरिए, पोस्टकार्ड अभियान के जरिए और ट्विटर के जरिए लगातार मेडिकल कैशलेश सुविधा की मांग की जानकारी प्रेषित की गई. जिसमें छत्तीसगढ़ के सभी जिले के मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल को इलाज के लिए शामिल किया जाए और जिस तरह secl, भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारियों को इलाज की सुविधा कैशलेश जरिए दी जाती है उसी तरह सभी कर्मचारियों को भी यह सुविधा दी जाए.
मेडिकल प्रतिपूर्ति शासन की एक टेढ़ी खीर सुविधा है. जिसमें खर्च राशि का 60% राशि ही प्राप्त होती है. जिस राशि को पहले कर्मचारियों को खर्च करना पड़ता है. उसमें में सालों ऑफिसों के चक्कर लगाना पड़ता है और कभी कभी यह राशि प्राप्त भी नहीं होती. मंहगाई के इस समय में इलाज जैसी सुविधाएं काफी महंगी हो चुकी है कभी कभी अपने या अपने परिजनों के इलाके लिए जमा पूंजी ,बच्चों की पढ़ाई के लिए विवाह के लिए जोड़े हुए पैसे को खर्च करना होता है अक्सर ये भी देखने को मिलता है कि लोगों को कर्ज लेना पड़ता है या अपने जमीन भी बेचनी पड़ जारी है. जिससे कर्मचारी साथी पूरी तरह से टूट चुका होता है. ऊपर से अगर कर्मचारी मेडिकल अवकाश में है तो उसका वेतन भी नहीं प्राप्त होता है.
संगठन ने मांग करते हुए कहा कि इन्हें ऐसी सुविधा प्रदान की जाए जिसमें इलाज का सारा खर्च शासन द्वारा किया जाए. इसके लिए भी शासन स्तर पर चर्चा के दौरान संगठन ने बताया कि इस सुविधा को लागू करने से शासन के ऊपर किसी भी तरह का अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा. बल्कि कर्मचारियों को दी जाने वाली चिकित्सा प्रतिपूर्ति की राशि शुद्ध बचेगी. साथ ही शासन और कर्मचारियों के संबंध और भी मजबूत होंगे.
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में ट्रिपल इंजन सरकार का गठन हो चुका है और मोदी गारंटी के तहत महिला, किसान सहित कई संवर्गों के लिए जनहित में आदेश जारी किए जा रहे .हैं ऐसी स्थिति में सरकार के रीढ माने जाने वाले कर्मचारियों के मांगों को बजट में शामिल करने की मांग संघ द्वारा किया गया.
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