अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, ओडिसा-यूपी कनेक्शन का खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार, प्रतिबंधित दवाइयां, गांजा, इंजेक्शन और सिरिंज बरामद
Interstate drug smuggling network busted; Odisha-UP connection revealed; 4 accused arrested; banned medicines, cannabis, injections, and syringes seized.
रायपुर : रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने बैकवर्ड लिंक जांच के आधार पर एक बड़े अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का खुलासा करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई में भारी तादाद में प्रतिबंधित दवाइयां, गांजा, इंजेक्शन और सिरिंज बरामद किए गए हैं। अब तक इस मामले में कुल 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और लगभग 16.15 लाख रुपये मूल्य का मादक पदार्थ और अन्य सामग्री जब्त की गई है। यह संयुक्त कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला, पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और थाना गंज पुलिस की टीम द्वारा की गई.
पहले आरोपी की गिरफ्तारी से शुरू हुआ नेटवर्क का खुलासा
पुलिस ने 30 जून 2026 को थाना गंज क्षेत्र स्थित राजपूताना होटल के सामने कार्रवाई करते हुए आरोपी अभिषेक कुमार को 10.710 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया था. आरोपी के पास से करीब 5.35 लाख रुपये मूल्य का गांजा और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया था. शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी यह गांजा ओडिशा से लेकर उत्तर प्रदेश के मेरठ ले जा रहा था. पूछताछ में आरोपी ने अहम जानकारी दी. जिसके आधार पर पुलिस ने बैकवर्ड लिंक पर जांच शुरू की और पूरे तस्करी नेटवर्क की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं.
तकनीकी जांच से खुला पूरा नेटवर्क
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि इस गिरोह के सदस्य फिर बड़ी खेप लेकर रायपुर आने वाले हैं. खबर की पुष्टि के बाद संयुक्त टीम ने रणनीति बनाकर घेराबंदी की और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान किशोर साहू, अजय विश्वकर्मा, शुभम साहू उर्फ बऊ और प्रिंस प्रजापति के रुप में हुई है. तलाशी के दौरान इनके पास से 3 किलो गांजा, 2000 नाइट्रोटेन टैबलेट, 30 कोडीन सिरप, 290 पेंटाजोसीन इंजेक्शन, 300 सिरिंज और 3100 रुपये नगद बरामद किए गए. जब्त सामग्री की कुल कीमत तकरीबन 10.70 लाख रुपये आंकी गई है.
किशोर साहू का आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपी किशोर साहू का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है. उसके खिलाफ जिला महासमुंद के थाना खल्लारी में पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है. इस मामले में उसे 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई जा चुकी थी. हालांकि वह वर्तमान में उच्च न्यायालय से जमानत पर था और बाहर आकर फिर से नशे के अवैध कारोबार में सक्रिय हो गया था.
अंतर्राज्यीय नेटवर्क की गहराई से जांच जारी
पुलिस जांच में यह साफ हुआ कि यह पूरा नेटवर्क अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय है. जिसमें ओडिशा, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों के लोग शामिल हैं. यह गिरोह गांजा और प्रतिबंधित दवाइयों की सप्लाई कई राज्यों में करता था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के अन्य सदस्य कौन हैं. सप्लाई चैन किन राज्यों से जुड़ा है और किन-किन इलाकों में यह नशीला पदार्थ खपाया जाना था.
आगे की कार्रवाई
थाना गंज में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 201/26 धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में और भी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं. पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए END TO END जांच जारी है. और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है. रायपुर पुलिस ने साफ़ किया है कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. इस तरह के अंतर्राज्यीय नेटवर्क के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. ताकि युवाओं को नशे के जाल से बचाया जा सके.
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