पुलिस पर हत्या कबूल कराने का आरोप, परिवार बोला- 36 घंटे हिरासत में रखकर दो भाइयों की पिटाई, कूल्हे में गंभीर चोट और लाल निशान, SP से शिकायत

Police accused of coercing a murder confession; family alleges two brothers were beaten while held in custody for 36 hours, sustaining severe hip injuries and red marks—complaint lodged with the SP.

पुलिस पर हत्या कबूल कराने का आरोप, परिवार बोला- 36 घंटे हिरासत में रखकर दो भाइयों की पिटाई, कूल्हे में गंभीर चोट और लाल निशान, SP से शिकायत

राजनंदगांव : छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव जिले में दो भाइयों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि एक हत्या के मामले में पूछताछ के दौरान पुलिस वालों ने उनके साथ मारपीट की. दोनों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी.
मिली जानकारी के मुताबिक घूमका थाना क्षेत्र के बरबसपुर गांव के रहने वाले पवन साहू और प्रदीप साहू हत्या के मामले में संदिग्ध हैं. परिवार के लोगों का आरोप है कि उनकी दादी बिहासिन साहू उम्र 70 साल की मौत की जांच के दौरान दोनों भाइयों के साथ मारपीट की गई.
पूरा मामला
बिहासिन साहू का जला हुआ शव पिछले साल 13 नवंबर को गांव में धान के पुआल के ढेर में मिला था. पोस्टमार्टम में कथित तौर पर पता चला कि हत्या करने के बाद महिला के शव को जलाया गया था. इसके बाद पुलिस ने महिला के बेटे नेतराम साहू और पोते पवन और प्रदीप को पूछताछ के लिए बुलाया. परिवार के मुताबिक तीनों लोगों को 18 अगस्त की सुबह से 20 अगस्त की शाम तक थाने में रखा गया.
परिवार ने क्या आरोप लगाया?
परिवार ने आरोप लगाया कि इस दौरान पवन और प्रदीप से कबूलनामा लेने के लिए मारपीट की गई.
उनका दावा है कि 10 से 12 पुलिसकर्मियों ने दोनों भाइयों को पीटा. इसके बाद दोनों को बरबसपुर गांव के प्रवेश द्वार के पास छोड़ दिया गया.
शिकायत में कहा गया है कि घायल दोनों भाइयों को बाद में मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया. वहां दोनों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया.
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान तीनों लोगों को अपने रिश्तेदारों या वकील से मिलने नहीं दिया गया.
नेतराम और परिवार के सदस्यों का कहना है कि महिला की मौत वाले दिन तीनों लोग एक दूसरे गांव में शादी के लिए लड़की देखने गए थे। उन्हें फोन पर महिला की मौत की जानकारी मिली थी.
परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस सही दिशा में जांच करने के बजाय उन्हें हत्या के मामले में फंसाने की कोशिश कर रही थी.
पुलिस ने क्या कहा?
राजनंदगांव के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर ने कहा कि तीनों लोग हत्या के मामले में संदिग्ध हैं और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया था. राठौर ने कहा कि जांच चल रही है और आगे भी पूछताछ की जाएगी. उन्होंने कहा कि हिरासत में मारपीट के आरोपों की भी जांच की जा रही है.
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