पिकनिक मनाने जा रहे युवक की सड़क हादसे में मौत, सिर पर आई गंभीर चोट, साथी घायल, अस्पताल में भर्ती, इलाज जारी, गांव में शोक का माहौल

A young man on a picnic died in a road accident, suffering serious head injuries, his companion injured, hospitalized, and undergoing treatment. An atmosphere of mourning prevailed in the village.

पिकनिक मनाने जा रहे युवक की सड़क हादसे में मौत, सिर पर आई गंभीर चोट, साथी घायल, अस्पताल में भर्ती, इलाज जारी, गांव में शोक का माहौल

बालोद : बालोद-धमतरी मुख्य मार्ग पर ग्राम जगतरा स्थित एफसीआई गोदाम मोड़ के पास हुए सड़क हादसे में एक 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई. हादसे में उसका एक साथी घायल हो गया. जिसका इलाज जारी है. युवक की मौत की खबर से गांव में शोक का माहौल है.
मिली जानकारी के मुताबिक गोविंदा कुंभकार उम्र 20 साल अपने दोस्तों के साथ करहीभदर क्षेत्र की तरफ पिकनिक मनाने जा रहा था. सभी युवक अलग-अलग मोटरसाइकिलों से निकले थे और अपने साथ पानी के केन और खाने-पीने का सामान भी ले जा रहे थे. उसके कुछ साथी झलमला, पड़कीभाट और लाटाबोड़ की तरफ से आगे निकल चुके थे.
जब गोविंदा ग्राम जगतरा स्थित एफसीआई गोदाम मोड़ के पास पहुंचा. तभी उसकी बाइक अनियंत्रित हो गई. संतुलन बिगड़ने के कारण वह सड़क पर गिर पड़ा. हादसा इतना गंभीर था कि उसके सिर में गंभीर चोट आई. बाइक पर सवार उसके साथ झलमला निवासी एक अन्य युवक भी घायल हो गया.
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से दोनों घायलों को फौरन अस्पताल पहुंचाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें रायपुर रेफर कर दिया. रायपुर में इलाज के दौरान गोविंदा कुंभकार ने दम तोड़ दिया. जबकि उसके साथी का इलाज जारी है.
सोमवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शाम करीब चार बजे गोविंदा का शव गांव लाया गया. जैसे ही शव गांव पहुंचा. परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं. अंतिम दर्शन के लिए बड़ी तादाद में लोग उसके घर पहुंचे. बाद में पूरे गांव की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार किया गया.
ग्रामीणों ने बताया कि गोविंदा मेहनती और मिलनसार स्वभाव का युवक था. वह परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को निभाने में अहम भूमिका निभा रहा था. दिन के समय वह गांव-गांव घूमकर मनिहारी और फैंसी सामान का ठेला लगाता था. जबकि शाम और रात में गांव में बड़ा-भजिया का स्टॉल संचालित करता था. उसकी मेहनत से परिवार को आर्थिक सहारा मिलता था और घर का खर्च चलाने में मदद मिलती थी.
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गोविंदा के परिवार पर पहले भी सड़क हादसे का दुख टूट चुका है. उसके पिता की भी मौत एक सड़क हादसे में हुई थी. अब बेटे की असमय मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है. गांव के लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन से सड़क सुरक्षा को लेकर प्रभावी कदम उठाने की मांग की है. इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है. गांव में मातम का माहौल है और लोग गोविंदा की मेहनत, व्यवहार और संघर्षपूर्ण जीवन को याद कर रहे हैं.
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