भाजपा पार्षद प्रत्याशी के भाई को खुलेआम पैसे बांटते पकड़ा, कांग्रेस ने किया थाना का घेराव, रायगढ़, कोरबा और दुर्ग में मतदान के दौरान हुआ हंगामा
BJP councilor candidate's brother caught openly distributing money, Congress surrounded the police station, uproar during voting in Raigarh, Korba and Durg.
रायगढ़, कोरबा और दुर्ग में मतदान के दौरान हुआ हंगामा
रायपुर : छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव के लिए मतदान के दौरान कई स्थानों पर हंगामे की खबरें सामने आई हैं. रायगढ़, कोरबा और दुर्ग में चुनावी माहौल गर्मा गया, जहां भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़पें हुईं.
रायगढ़ : रायगढ़ नगर निगम के वार्ड नंबर 19 में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता मतदाताओं को पैसे बांट रहे हैं. जिसके चलते तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई. मामले को बढ़ता देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और हालात को संभाला. कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यकर्ता पोलिंग बूथ के अंदर प्रवेश कर गए थे. जिसके बाद पुलिस ने दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं को बूथ से बाहर कर दिया.
कोरबा : कोरबा नगर निगम में भी मतदान के दौरान हंगामा हुआ. भाजपा प्रत्याशी और नोडल अधिकारी के बीच मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर बहस छिड़ गई. वार्ड नंबर 19 और 20 में कई मतदाताओं के नाम दोनों जगह दर्ज होने की वजह से विवाद की हालत बन गई. पुराने मतदाता सूची के मुताबिक वोटिंग की जा रही थी. जिससे प्रत्याशी नाराज हो गए और नोडल अधिकारी से तीखी नोकझोंक हो गई.
दुर्ग : दुर्ग नगर निगम के वार्ड 53 में भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच ही विवाद हो गया. मतदाता पर्ची वितरण के लिए लगाए गए पंडाल को भाजपा नेताओं ने हटवा दिया. जिससे कार्यकर्ता नाराज हो गए और आपस में भिड़ गए. वार्ड के ही भाजपा नेताओं के बीच इस मुद्दे को लेकर तनातनी हो गई.
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव के दौरान हुए इन घटनाक्रमों ने मतदान प्रक्रिया को प्रभावित किया और चुनावी माहौल को गर्म कर दिया. हालांकि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया.
भाजपा पार्षद प्रत्याशी के भाई को खुलेआम पैसे बांटते पकड़ा, कांग्रेस ने किया थाना का घेराव
बिलासपुर : बिलासपुर नगर निगम चुनाव के दौरान वार्ड क्रमांक 68 स्वामी रामकृष्ण परमहंस नगर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पार्षद प्रत्याशी ममता अमित मिश्रा के देवर आशीष मिश्रा को खुलेआम पैसे बांटते रंगे हाथों पकड़ा गया. कांग्रेस नेताओं ने इस मामले को उजागर करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्यवाही की.
मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा नेता अमित मिश्रा के भाई आशीष मिश्रा और उनके सहयोगी अमर ज्योति सिंह गढ़वाल, जो कटिया पारा के निवासी हैं. कोनी इलाके में खुलेआम पैसे बांट रहे थे. जब कांग्रेसियों को इस गतिविधि की खबर मिली. तो कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास ने इस बात की जानकारी महापौर पद के कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद नायक को दी. इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया और तत्काल कार्रवाई की मांग की.
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कोनी थाना प्रभारी नवीन देवांगन ने मौके पर पहुंचकर आशीष मिश्रा को करीब 2 लाख नकद के साथ पकड़ा. उनके साथी अमर ज्योति सिंह को भी पैसे के साथ गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने दोनों को कोनी थाना ले गई. लेकिन गिरफ्तारी के बावजूद अभी तक कोई ठोस कानूनी कार्यवाही नहीं हुई. जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया.
इस घटना से नाराज कांग्रेस नेताओं और स्थानीय लोगों ने महापौर प्रत्याशी प्रमोद नायक के नेतृत्व में कोनी थाने का घेराव कर दिया. इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास, वरिष्ठ नेता अशोक अग्रवाल, पूर्व महापौर राजेश पांडे, शिवा मिश्रा, अभय नारायण राय समेत हजारों लोगों ने हिस्सा लिया.
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा अपनी संभावित हार से हताश होकर चुनाव में धांधली करने और मतदाताओं को खरीदने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि भाजपा समर्थक लिटिल प्रिंस स्कूल को खुलवाकर वहां भी पैसों का वितरण कर रहे थे. इसके अलावा उन्होंने शासकीय शिक्षक विजय यादव पर भी भाजपा का प्रचार करने और पैसे बांटने का आरोप लगाया.
महापौर उम्मीदवार प्रमोद नायक और कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास ने प्रशासन से मांग की कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो. अन्यथा कांग्रेस बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी. इस घटना को लेकर इलाके में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. और आने वाले दिनों में चुनावी माहौल और अधिक गर्माने की संभावना है.
कोनी थाना प्रभारी नवीन देवांगन ने कहा कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच जारी है. वहीं सीएसपी आशीष ने भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी.
इस घटना के बाद बिलासपुर नगर निगम चुनाव का माहौल और अधिक गर्मा गया है. जहां कांग्रेस इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है. वहीं भाजपा इस मामले में चुप्पी साधे हुए है. अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और चुनावी नतीजों पर इसका क्या असर पड़ता है.
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