मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में फहराया तिरंगा, 35 अधिकारियों और जवानों को पदक देकर किया सम्मानित
Chief Minister Vishnu Dev Sai hoisted the tricolor at the Police Parade Ground in Raipur, honored 35 officers and soldiers by giving them medals
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली. उन्होंने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव का दिन है. अंग्रेजी साम्राज्यवाद से लड़ते हुए हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपना सर्वस्व बलिदान कर हमें स्वतंत्रता का उजाला सौंपा.
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और सेना के वीर जवानों को नमन करते हुए कहा कि हम छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 गौरवशाली वर्षाें की विकास यात्रा को ’’छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव’’ के रूप में मना रहे हैं. उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के शुभारंभ की घोषणा की. उन्होंने यह भी घोषणा कि रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली जल्द ही लागू की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर हम विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लें. छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता श्रद्धेय अटल जी के सुशासन का दृढ़ संकल्प हमें शक्ति देता है। हम निश्चित ही जन-जन की सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को साकार करेंगे. गोस्वामी तुलसीदास जी का कथन ‘‘रामकाजु कीन्हें बिनु मोहि कहां बिश्राम‘‘ हमारा आदर्श वाक्य है और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय के सिद्धांत हमारे पथप्रदर्शक हैं.
राष्ट्रहित में स्वदेशी अपनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वदेशी को जन-आंदोलन का रूप दिया है. आत्मनिर्भर भारत 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है. स्वतंत्रता दिवस का यह प्रेरक अवसर हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की प्रेरणा देता है. मुख्यमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए प्रदेशवासियों से राष्ट्रहित में यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि हर नागरिक स्वदेशी वस्तु खरीदना देशभक्ति का कार्य माने, हर व्यवसाय गुणवत्ता और स्थिरता को अनिवार्य मानें, हर नवाचारी सबसे पहले भारत के बारे में सोचे, हर किसान पर्यावरण अनुकूल समावेशी कृषि को अपनाए और हर क्षेत्र निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े.
वोकल फॉर लोकल अभियान में अग्रणी छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के वोकल फॉर लोकल अभियान को आगे बढ़ाने में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका हो. स्वदेशी रोजगार सृजन का ही नहीं देशभक्ति का भी एक उपक्रम है. हम नई औद्योगिक नीति के जरिए प्रदेश में बनने वाले उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री जी के लोकल फॉर ग्लोबल विजन पर काम कर रहे हैं. अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को अपनाने से स्थानीय कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों को रोजगार मिलता है. इसका सीधा परिणाम देश और प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के रूप में सामने आता है. हमारी आयात निर्भरता कम होती है. हम खादी को बढ़ावा देकर स्थानीय बुनकरों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं, इससे हमें टैक्सटाइल क्षेत्र में अपनी वैश्विक पहचान बनाने में मदद मिलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई को प्रोत्साहित कर हम मेक इन इंडिया अभियान में अपनी भागीदारी बढ़ा रहे हैं. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देना होगा.
जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान हो हमारा ध्येय वाक्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई के लिए प्रधानमंत्री जी द्वारा दिया गया जीरो डिफेक्ट – जीरो इफेक्ट का मंत्र अत्यंत कारगर है। हमारे गांव, नगर और जिले स्तर पर तैयार होने वाली वस्तुएं गुणवत्ता के मामले में किसी से कम नहीं है। इसके लिए उन्हें डिजिटल संसाधनों, नवाचार, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी और एआई जैसी तकनीक को अपनाना होगा. अब जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान… के ध्येय वाक्य के साथ हम आगे बढ़ेंगे.
प्राकृतिक खेती हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेक इन इंडिया अभियान के जरिए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करते हुए भारत सैन्य उपकरणों का निर्यातक के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि आज जलवायु संकट का सीधा असर हमारे जीवन पर पड़ रहा है। कृषि क्षेत्र इससे अछूता नहीं है। ऐसे समय में रसायन मुक्त, प्राकृतिक खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी साबित होगी। श्रीअन्न, दलहन-तिलहन और मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा देकर छत्तीसगढ़ के हमारे किसान भाई कृषि लागत को कम कर सकते हैं। इससे रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी.
स्वतंत्रता संग्राम के नायकों का पुण्य स्मरण
मुख्यमंत्री ने देश की आजादी की लड़ाई में स्वर्णिम अक्षरों में लिखे गये परलकोट विद्रोह के नायकों का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि इस वर्ष परलकोट विद्रोह के 200 वर्ष पूरे हो गए हैं। आज भी शहीद गेंदसिंह की वीरता के किस्से प्रदेश की जनता उतने ही गौरव भाव से सुन रही है। भूखे और उत्पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिए शहीद वीरनारायण सिंह द्वारा की गई लड़ाई को कौन भूल सकता है। उन्होंने रायपुर सिपाही विद्रोह के नायक हनुमान सिंह जी का भी इस अवसर पर स्मरण किया। उन्होंने कहा कि भूमकाल विद्रोह के माध्यम से वीर गुंडाधुर ने अपनी मातृभूमि के लिए जिस अद्भुत शौर्य का प्रदर्शन किया, वो इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। शहीद यादव राव, वेंकट राव, धुरवा राव, डेबरी धुर, आयतु माहरा सहित हमारे अनेक जनजातीय नायकों का बलिदान देशभक्ति की अद्भुुत मिसाल है.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सरकार बनने के तीन महीने के भीतर हमने महतारी वंदन योजना शुरू की। प्रदेश में 70 लाख महिलाओं को हर महीने एक-एक हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना से महिलाएं आत्मनिर्भरता की राह पर कदम बढ़ा रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत माताओं-बहनों को अब तक 11 हजार 728 करोड़ रूपए की राशि दी जा चुकी है। रायगढ़ जिले से हमने महिला समूहों को रेडी टू ईट फूड निर्माण का काम सौंपा है और इसका विस्तार जल्द ही हम अन्य जिलों में करेंगे।
नवा रायपुर में हम सौ एकड़ में एजुकेशन सिटी बना रहे हैं। विज्ञान और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए यहां साइंस सिटी का भी निर्माण कर रहे हैं। नवा रायपुर में हमने नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी के कैंपस का भूमिपूजन किया है। देश में लागू नये कानूनों में फारेंसिक का महत्व काफी बढ़ गया है, जिससे राज्य के युवाओं को इस क्षेत्र में करियर निर्माण के अवसर सुलभ होंगे। छत्तीसगढ़ में आईटी और एआई क्रांति दस्तक दे चुकी है। हम नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया की सिलिकॉन वैली के रूप में तैयार कर रहे हैं। नवा रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नॉलाजी की स्थापना करने जा रहे हैं, जिससे आईटी का बड़ा टैलेंट पूल यहां तैयार होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए हमने नई स्टार्टअप नीति बनाई है। इसके माध्यम से हम राज्य के 100 तकनीकी संस्थाओं के 50 हजार छात्र-छात्राओं तक पहुंच बनाएंगे। राज्य में हमने 150 स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। ईज ऑफ लिविंग के साथ ही स्पीड ऑफ बिजनेस की ओर बढ़ते हुए हमने 350 से अधिक रिफॉर्म किये हैं। सिंगल विंडो सिस्टम से प्रदेश में निवेश सरल, सहज और पारदर्शी हो गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए 441 करोड़ रुपए की लागत से हम स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था बेहतर कर रहे हैं। राज्य के 543 सरकारी अस्पतालों को क्वालिटी सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है। अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ की लगातार भर्ती की जा रही है। पिछले महीने हमने एनएचएम के तहत 109 संविदा चिकित्सकों तथा 563 बांड अनुबंधित चिकित्सकों की नियुक्ति की है। हम नवा रायपुर में मेडिसिटी बना रहे हैं, जहां राष्ट्रीय स्तर के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल संचालित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों की सूरत संवारने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना आरंभ की गई है। इसके तहत सात नगर निगमों में 157 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत किये गये हैं। इनमें आक्सीजोन, बस टर्मिनल, बायपास, आडिटोरियम निर्माण जैसे काम शामिल हैं। प्रदेश के नगरीय निकायों ने स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैंक हासिल की है। प्रधानमंत्री जी ने मन की बात कार्यक्रम में बिल्हा की हमारी स्वच्छता दीदियों की विशेष रूप से प्रशंसा की है।
राज्य की कला-संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में कलाग्राम की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कलाकारों और साहित्यकारों को दी जाने वाली पेंशन राशि 2 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए प्रति माह कर दी गई है। प्रदेश के 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से भांचा राम के दर्शन लाभ मिला। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से भी हम तीर्थयात्रियों को देश भर के पुण्यस्थलों की यात्रा करा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में हमने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन’ डॉक्यूमेंट के रूप में एक ऐसा रोडमैप तैयार किया है, जिसके माध्यम से हम विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करेंगे। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य है जिसने विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है। इसमें हमने निकटवर्ती, मध्यवर्ती और दीर्घकालीन लक्ष्य रखे हैं। इन्हें प्राप्त करने हमने सामाजिक आर्थिक विकास के 13 थीम चुने हैं और इनके क्रियान्वयन के लिए 10 मिशन तैयार किये हैं। छत्तीसगढ़ राज्य को संवारने के लिए आप सभी के सहयोग से हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर हम सभी विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें।
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पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 35 पुलिस अधिकारियों और जवानों को उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस पदकों से सम्मानित किया. साय ने पुलिस वीरता पदक से 11, राष्ट्रपति पुलिस पदक से 1, सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से 11, सुधार सेवा पदक से 5, गृहरक्षक एवं सराहनीय सेवा पदक 1 और राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पदकों से 6 अधिकारी-कर्मचारियों को अलंकृत किया.
राष्ट्रपति के पुलिस वीरता पदक 2025
लालजी सिन्हा, निरीक्षक, जिला-कबीरधाम, भुवनेश्वर साहू, निरीक्षक, जिला-रायपुर, संजय पोटाम, निरीक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, कमलेश मरकाम, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, अंजु कुमारी, उप पुलिस अधीक्षक, जिला-कबीरधाम, दिनेश भास्कर, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, चैतराम गुरूपंच, निरीक्षक, जिला-सुकमा, हेमला नंदू, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, प्यारस मिंज, सहायक उप निरीक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, मनोज पुनेम, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा। जिला-दंतेवाड़ा के शहीद प्रधान आरक्षक बुधराम कोरसा के लिए उनकी पत्नी सुखमति ने पुलिस वीरता पदक प्राप्त किया.
विशिष्ट सेवा हेतु राष्ट्रपति का पुलिस पदक 2025
महेश राम साहू, सेवानिवृत्त, निरीक्षक विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर
सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक 2025
राहुल भगत (भा.पु.से.), सचिव, माननीय मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री सचिवालय एवं सचिव, सुशासन एवं अभिसरण विभाग (छ.ग. शासन)
सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक 2025
ज्ञानेन्द्र कुमार अवस्थी, सेवानिवृत्त सहायक पुलिस महानिरीक्षक सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, अनिल कुमार कश्यप, उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, हरिशंकर प्रताप सिंह, निरीक्षक विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, नरेश कुमार पैकरा, कंपनी कमांडर 7वी वाहिनी छसबल, भिलाई, वली मोहम्मद शेख, निरीक्षक योजना प्रबंध शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, समैया चिप्पनपल्ली, सहायक उप निरीक्षक, नक्सल सेल, जिला-बीजापुर, सुशील कुमार श्रीवास, प्रधान आरक्षक, विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, तुलाराम चुरेन्द्र, प्रधान आरक्षक, थाना-रावघाट, जिला-कांकेर, हरिश्चन्द्र मरकाम, प्रधान आरक्षक, 8वीं वाहिनी छसबल, राजनांदगांव, सुशील कुमार चौबे, आरक्षक, अपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर
सराहनीय सुधारात्मक सेवा पदक 2025
मधु सिंह, उप जेल अधीक्षक, केन्द्रीय जेल जगदलपुर, साहेबुद्दीन अंसारी, (सेवानिवृत्त) मुख्य प्रहरी, जिला जेल बेमेतरा, हरवंश लाल मकराम, प्रहरी, जिला जेल दंतेवाड़ा, ज्ञानप्रकाश पैकरा, प्रहरी, जिला जेल दंतेवाड़ा, झीमन राम टोप्पो, मुख्य प्रहरी, जिला जेल सूरजपुर
गृह रक्षक व नागरिक सुरक्षा सराहनीय सेवा पदक 2025
महेश कुमार मिश्रा, नायक, नगर सेना कोरिया
राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पुरस्कार 2024
गुरू घासीदास पुरस्कार
निशा सिन्हा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी जिला-गरियाबंद
राज्यपाल पुरस्कार
मंजूलता राठौर, उप पुलिस अधीक्षक, जिला-रायपुर
मुख्यमंत्री पुरस्कार
रागिनी मिश्रा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुरुद, जिला-धमतरी
रानी सुबरन कुंवर पुरस्कार
मंजूलता राठौर, उप पुलिस अधीक्षक, जिला-रायपुर
शहीद वीरनारायण सिंह पुरस्कार
रविन्द्र अनंत, निरीक्षक, अजाक थाना-बिलासपुर
पुलिस महानिदेशक पुरस्कार
नर्मदा कोठारी महिला प्रधान आरक्षक, जिला-बालोद
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