मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने पहुंचे 10वीं के छात्र से इलाज के बहाने गंदी हरकत का आरोप, एडॉप्शन सेंटर संचालक डॉक्टर सुधीर कुमार हिसीकर गिरफ्तार

Doctor Sudhir Kumar Hisikar, operator of an adoption center, has been arrested following allegations that he committed an indecent act under the pretext of medical treatment against a Class 10 student who had come to obtain a medical certificate.

मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने पहुंचे 10वीं के छात्र से इलाज के बहाने गंदी हरकत का आरोप, एडॉप्शन सेंटर संचालक डॉक्टर सुधीर कुमार हिसीकर गिरफ्तार

दुर्ग : दुर्ग जिले में नाबालिग से छेड़छाड़ और गंदी हरकत का मामला सामने आया है. पूरी घटना पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र की है. उसके बाद दुर्ग पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है. उसके बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया. अदालत ने आरोपी डॉक्टर सुधीर कुमार हिसीकर को जेल भेज दिया है.
एक्शन में दुर्ग पुलिस
सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि 17 वर्षीय नाबालिग युवक इलाज कराने के लिए आरोपी डॉक्टर के पास पहुंचा था. आरोप है कि चेकअप के बहाने डॉक्टर उसे एक अलग कमरे में ले गया. इसी दौरान डॉक्टर ने नाबालिग के साथ कथित तौर पर गलत तरीके से छेड़छाड़ की और उसके निजी अंगों को भी छुआ.
पीड़ित ने दर्ज कराई शिकायत
घटना के बाद नाबालिग युवक बुरी तरह सहम गया उसने पहले अपने दोस्तों को घटना की जानकारी दी और इसके बाद अपने परिजनों को पूरी बात बताई. बेटे की आपबीती सुनने के बाद परिजन तत्काल पद्मनाभपुर थाने पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. नाबालिग की शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डॉक्टर सुधीर कुमार हिसीकर को गिरफ्तार कर लिया- सत्यप्रकाश तिवारी, सीएसपी, दुर्ग भिलाई
आरोपी डॉक्टर को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी डॉक्टर पूर्व में भी अवैध गर्भपात के एक मामले में जेल जा चुका है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है.
पंजीयन रद्द करने के निर्देश
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग को सेंटर की जांच करने और उसका पंजीयन रद्द करने के निर्देश दिए हैं. जानकारी के अनुसार, इस सेंटर से विदेश समेत कई राज्यों में 12 बच्चों को गोद दिया जा चुका है.
पति-पत्नी करते हैं सेंटर का संचालन
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी डॉक्टर सुधीर मूल रूप से महाराष्ट्र का रहने वाला है. उसने आयुर्वेद चिकित्सा से डॉक्टरी की है. उसके पास आयुर्वेद की डिग्री है. अधिकारियों ने बताया कि उनकी पत्नी भी डॉक्टर हैं. दोनों की नियुक्ति अंडा गांव में संविदा पर है. इसके साथ ही पति-पत्नी सेवा भारती मातृ छाया एडॉप्शन सेंटर का भी संचालन करते हैं.
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