अंतरराज्यीय डकैत गैंग का पर्दाफाश, 4 खूंखार बदमाश गिरफ्तार, 12 लाख की ज्वेलरी लूट का खुलासा, 100 से ज्यादा वारदातों में शामिल गिरोह पर कार्रवाई
Interstate dacoit gang busted; 4 dreaded criminals arrested; ₹12 lakh jewelry heist solved; action taken against a gang involved in over 100 crimes.
बलौदाबाजार-भाटापारा : भाटापाारा थाना इलाके में 12 लाख के ज्वेलरी लूटकांड को अंजाम देने वाले बदमाश गिरफ्तार हुए हैं. पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानि एआई तकनीक की मदद से डकैती डालने वाले बदमाशों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक पकड़े गए बदमाश 100 से ज्यादा आपराधिक वारदातों को अंजाम दे चुके हैं. पकड़े गए बदमाश यूपी और मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं. पकड़े गए बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने हथियार सहित जेवरात बरामद किए हैं.
AI तकनीक से पकड़े गए बदमाश
भाटापारा पुलिस ने पहली बार आपराधिक वारदात को सुलझाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित वीडियो और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग किया. पुलिस ने बदमाशों तक पहुंचने के लिए 1 हजार से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले.
16 जुलाई को हुई थी दिनदहाड़े लूट
पुलिस के मुताबिक 16 जुलाई 2026 को ग्राम रोहरा निवासी बलराम सोनी तरेंगा से रोहरा लौट रहे थे. रोहरा हाई स्कूल के पास 2 मोटरसाइकिलों पर सवार 4 नकाबपोश बदमाश उनको वहां पर घेर लेते हैं. बदमाश बलराम सोनी के पास रखे जेवरात और कीमती सामान लूट ले जाते हैं. पुलिस के मुताबिक लूटे गए सामान की कीमत करीब 12 लाख थी. एसपी ने टीम बनाकर लूटकांड को जल्द सुलझाने के निर्देश अधिकारियों को दिए. जांच टीम में भाटापारा ग्रामीण थाना और सायबर सेल के अधिकारी शामिल रहे. सभी के संयुक्त प्रयास से लूटकांड के आरोपी बदमाश गिरफ्तार हुए.
1000 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले गए
लूटकांड को सुलझाने के लिए पुलिस टीम ने करीब 1000 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए. पुलिस ने वारदात वाली जगह से लेकर तरेंगा, मारो, बेमेतरा, मुंगेली, तखतपुर, बिलासपुर और रतनपुर तक एक हजार से अधिक सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की. सिर्फ वीडियो ही नहीं, बल्कि मोबाइल लोकेशन, वाहन मूवमेंट और अन्य तकनीकी डेटा को भी खंगाला.
AI तकनीक बनी सबसे बड़ा हथियार
इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस ने AI आधारित वीडियो और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग किया. अलग-अलग स्रोतों से मिले डेटा का विश्लेषण कर संदिग्धों की गतिविधियों का रूट मैप तैयार किया गया. साइबर सेल और मुखबिर तंत्र से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी और 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह किसी भी वारदात से पहले कई दिनों तक इलाके की रेकी करता था और भागने के रास्ते पहले से तय कर लेता था. पुलिस का दावा है गिरोह करीब 10 करोड़ से ज्यादा की लूट और डकैती की वारदातों में शामिल रहा है.
पहले भी भाटापारा में दे चुके हैं वारदात को अंजाम
पूछताछ में यह भी सामने आया कि यही गिरोह वर्ष 2022 और 2024 में भाटापारा क्षेत्र के दो ज्वेलर्स से लूट की घटनाओं में भी शामिल रहा है. इनमें महालक्ष्मी ज्वेलर्स और आयुष ज्वेलर्स के संचालकों से हुई लूट शामिल है. पुलिस अब इन मामलों में भी आरोपियों से पूछताछ कर रही है. आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 1 पिस्तौल, एक देशी कट्टा, 14 जिंदा कारतूस, 1 धारदार तलवार, महिंद्रा स्कॉर्पियो, 2 मोटरसाइकिल, 5 मोबाइल फोन, नकद राशि और करीब एक लाख मूल्य के चांदी के जेवरात जब्त किए हैं. इस तरह से कुल 26 लाख का सामान बरामद किया गया है. पुलिस सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है.
आरोपी
1. ओमप्रकाश साहू (उम्र 19 साल) निवासी के.के. वार्ड, भाटापारा शहर
2. टाकेश सेन (उम्र 22 साल) निवासी ग्राम देवरी, थाना भाटापारा ग्रामीण
3. निलेश वर्मा (उम्र 20 साल) निवासी ग्राम सेमरिया घाट, थाना भाटापारा ग्रामीण
4. तीजू वर्मा (उम्र 23 साल) निवासी ग्राम सेमरिया घाट, थाना भाटापारा
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