हनीट्रैप से नाबालिग का अपहरण, साजिश में लड़की शामिल, इंस्टाग्राम पर की बात, कार भेजकर किडनैप, मांगा 1 करोड़ फिरौती, मास्टरमाइंड भांजा समेत 5 गिरफ्तार

Minor kidnapped through honeytrap, girl involved in conspiracy, talked on Instagram, kidnapped in car, demanded 1 crore ransom, 5 arrested including mastermind nephew

हनीट्रैप से नाबालिग का अपहरण, साजिश में लड़की शामिल, इंस्टाग्राम पर की बात, कार भेजकर किडनैप, मांगा 1 करोड़ फिरौती, मास्टरमाइंड भांजा समेत 5 गिरफ्तार

दुर्ग : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने हनीट्रैप के जरिए रची गई नाबालिग के अपहरण की साजिश का चंद घंटों में खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि अपहरण की साजिश का मास्टरमाइंड पीड़ित परिवार का परिचित और रिश्ते में भांजा निकला.
मिली जानकारी के मुताबिक 12 अप्रैल 2026 को थाना अमलेश्वर में प्रार्थी ने शिकायत दर्ज कराई कि उसका नाबालिग बेटा मोटरसाइकिल बनवाने के बहाने तिरंगा चौक अमलेश्वर बुलाया गया था. जहां से अज्ञात व्यक्तियों ने उसका अपहरण कर लिया. इसके बाद आरोपियों ने मोबाइल फोन के जरिए परिवार से संपर्क कर 1 करोड़ फिरौती मांगी.
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना अमलेश्वर पुलिस, साइबर सेल और एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित की गई. पुलिस ने तकनीकी जांच के तहत मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मुखबिर से मिली खबर के आधार पर जांच शुरू की. शुरुआती जांच में ही पुलिस को अहम सुराग मिले. जिससे आरोपियों की पहचान की दिशा स्पष्ट हो गई.
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी जिला धमतरी क्षेत्र में छिपे हुए हैं. इसके बाद दुर्ग पुलिस ने धमतरी पुलिस के साथ समन्वय कर संयुक्त कार्रवाई की और योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर सभी आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया. साथ ही अपहृत नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया गया. जिससे पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली.
पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी संजय साहू पीड़ित परिवार का परिचित और रिश्ते में भांजा बताया जा रहा है. उसने इस पूरी साजिश की प्लान बनाई थी. उसने महिला आरोपी हेम पुष्पा साहू की मदद से हनीट्रैप का जाल बिछाया और अन्य साथियों के साथ मिलकर बच्चे का अपहरण किया.
आरोपियों का मकसदआर्थिक लाभ और फिरौती वसूलना था. उन्होंने प्लान बनाकर पहले बच्चे को झांसे में लिया और फिर उसे अपने साथ ले गए. इसके बाद परिवार को धमकी देकर पैसे की मांग की गई.
इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. जिनमें शैलेन्द्र लहरे, कृष्णा साहू उर्फ करण (मास्टरमाइंड), रविंद्र लहरे, संजय साहू और हेम पुष्पा साहू शामिल हैं. सभी आरोपी अलग-अलग स्थानों के रहने वाले बताए जा रहे हैं.
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक सेंट्रो कार और छह मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं. जिनका इस्तेमाल जुर्म की प्लान और संपर्क के लिए किया गया था. मोबाइल फोन और तकनीकी सबूतों को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है.
इस मामले में थाना अमलेश्वर पुलिस ने धारा 137(2), 140(3), 351(3), 61 बीएनएस के तहत जुर्म दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह एक सुनियोजित आपराधिक साजिश थी. जिसे हनीट्रैप के जरिए अंजाम दिया गया. हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई की वजह से यह मामला ज्यादा गंभीर रुप नहीं ले सका और नाबालिग को सुरक्षित बचा लिया गया.
इस कार्रवाई में थाना अमलेश्वर पुलिस, साइबर सेल, एसीसीयू टीम और धमतरी पुलिस की संयुक्त भूमिका सराहनीय रही. सभी टीमों ने मिलकर तकनीकी और मैदानी स्तर पर समन्वय बनाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया. फिलहाल पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है कि क्या आरोपियों का कोई और नेटवर्क भी सक्रिय है या उन्होंने पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है.
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