खेत में फसल बचाने लगाए करंट वाले तार की चपेट में आई फुटू निकालने गई 12 साल की बच्ची, मौके पर मौत, परिवार में पसरा मातम, कार्रवाई की मांग

A 12-year-old girl died on the spot after coming into contact with an electrified wire—installed to protect crops—while she had gone to gather wild mushrooms; the incident has plunged the family into mourning, and demands for action are being raised.

खेत में फसल बचाने लगाए करंट वाले तार की चपेट में आई फुटू निकालने गई 12 साल की बच्ची, मौके पर मौत, परिवार में पसरा मातम, कार्रवाई की मांग

जगदलपुर : छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है. खेतों में फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए लगाए गए करंट वाले तार की चपेट में आने से 12 साल की बच्ची की मौत हो गई. घटना भानपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम बनियागांव के जामकोनाड़ी पारा की है. हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. वहीं हादसे के बाद परिवार में मातम पसर गया है. यह हादसा भानपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम बनियागांव के जामकोनाड़ी पारा का है.
फुटू निकालने खेत गई थी बच्ची
मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह करीब 6 बजे 12 वर्षीय बच्ची खेत की तरफ गई थी. बताया जा रहा है कि वह फुटू निकालने के लिए खेत पहुंची थी. इसी दौरान खेत में लगाए गए करंट प्रवाहित तार की चपेट में आ गई. करंट लगने से बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई. हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को खबर दी.
फसल बचाने लगाया गया था तार
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, किसान ने खेत में लगी फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए झटका मशीन का तार लगाया था. आरोप है कि इस तार में सीधे बिजली लाइन से करंट प्रवाहित किया गया था. इसी वजह से खेत में पहुंची बच्ची उसकी चपेट में आ गई और उसकी जान चली गई. हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद ही घटना की असल स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
पुलिस ने शुरु की जांच
खबर मिलने के बाद भानपुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और जरूरी सबूत जुटाए. इसके बाद बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खेत में करंट वाला तार किस तरह लगाया गया था और इसके लिए कौन जिम्मेदार है.
परिवार में पसरा मातम
मासूम बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में दुख का माहौल छा गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में फसल सुरक्षा के लिए लगाए जाने वाले ऐसे तारों से पहले भी हादसों का खतरा बना रहता है. ग्रामीणों ने खेतों में अवैध तरीके से बिजली प्रवाहित तार लगाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.
हादसे के बाद एक बार फिर खेतों में लगाए जाने वाले करंट वाले तारों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. जंगली जानवरों से बचाव के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों को सुरक्षित तरीके से लगाना जरूरी है. ताकि इंसानों और मवेशियों को नुकसान न पहुंचे. पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी.
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