पाकिस्तानी रानी के चक्कर में बॉर्डर क्रॉस कर फंस गया बादल, अब माता-पिता बेटे को लाने जा रहे पाकिस्तान, पासपोर्ट के लिए आवेदन
Badal got stuck crossing the border after being linked to a Pakistani queen; his parents are now trying to bring their son back to Pakistan and are applying for a passport.
अलीगढ़ : पाकिस्तान की लाहौर जेल में बंद बादल बाबू को रिहा कराने के लिए उसके माता-पिता ने 17 मार्च को पाकिस्तान के लिए रवाना होंगे. यहां से वे पहले नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान दूतावास जाएंगे. वहां से वीजा हासिल कर पाक जाने की पूरी प्रक्रिया समझेंगे. शनिवार को दोनों ने पासपोर्ट के लिए आवेदन कर दिया. करीब एक महीने में पासपोर्ट बन जाएगा.
मिली जानकारी के मुताबिक बरला के गांव खिटकारी निवासी बादल बाबू 27 दिसंबर 2024 को पाकिस्तान में गिरफ्तार हो गया. फेसबुक पर एक युवती से दोस्ती के बाद उसके प्यार में उसने सीमा पार कर दिया. 30 अप्रैल को उसे एक साल कैद की सजा सुनाई गई. तभी से वह लाहौर जेल में है. उसके केस की पैरवी कर रहे करांची के अधिवक्ता फियाज रामे ने एक महिना पहले वीडियो डालकर बताया कि बादल ने सजा पूरी कर ली है. बादल के माता-पिता अपने जिगर के टुकड़े को रिहा कराने के लिए पाकिस्तान जाएंगे.
करीब एक साल पहले एक बादल अचानक से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अखबारों, टीवी चैनलों और हर सोशल मीडिया पर छा गया था. अलीगढ़ का बादल बाबू को क्या पता था कि दिल लगाने की सजा उसे इतनी बड़ी मिलेगी. दरअसल बादल बाबू अलीगढ़ में बरला थाना क्षेत्र के खिटकारी गांव का रहने वाला है. फेसबुक पर उसकी पाकिस्तान में रहने वाली एक लड़की से बातचीत शुरु हुई. धीरे-धीरे बातचीत बढ़ती गई और दोनों में नंबर एक्सचेंज हुए और बातचीत प्यार में बदल गई. प्यार परवान चढ़ा तो वह साल 2024 की सितंबर में घर वालों को बिना बताए पाकिस्तान पहुंच गया. पुलिस को शक हुआ तो पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की पुलिस ने अवैध तरीके से बॉर्डर क्रॉस करने के जुर्म में उसे 27 दिसंबर 2024 में अरेस्ट कर लिया.
पाकिस्तान के मंडी बहाउद्दीन में 27 दिसंबर को बादल को गिरफ्तार किया गया. बादल ने बिना किसी वैध दस्तावेज या वीजा के सरहद पार किया था. उसके खिलाफ पाकिस्तान विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 13 और 14 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया.
इस दौरान भारतीय एजेंट होने के शक में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने भी लंबी पूछताछ की थी और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया था. यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था.
शुक्रवार को डीएम से आश्वासन मिलने के बाद शनिवार को पिता कृपाल सिंह व माता गायत्री देवी ने पासपोर्ट के लिए आवेदन कर दिया. पिता ने बताया कि एक महीने में पासपोर्ट बन जाएगा. 17 मार्च को वह पाकिस्तान जाएंगे. यहां से वे पहले नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान दूतावास जाएंगे.
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