भाजपा के 5 पार्षदों का CM साय को लिखा सामूहिक इस्तीफा का लेटर वायरल, मचा हड़कंप, चर्चाओं का माहौल गर्म, उपाध्यक्ष बोले- यह पूरी तरह फर्जी
A collective resignation letter addressed to CM Sai by five BJP councilors has gone viral, sparking a stir and fueling intense speculation; the Vice-President has dismissed it as completely fake.
रायपुर : आरंग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली नगर पंचायत समोदा में भाजपा पार्षदों के कथित सामूहिक इस्तीफे से जुड़ा एक पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. वायरल पत्र में नगर पंचायत उपाध्यक्ष सहित पांच भाजपा पार्षदों के नाम और हस्ताक्षर दिखाई दे रहे हैं. भाजपा पार्षदों के कथित सामूहिक इस्तीफे को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल एक पत्र ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है.
वायरल पत्र मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम संबोधित बताया जा रहा है. इसमें आरोप लगाया गया है कि नगर पंचायत के अधिकारी और कर्मचारी जनप्रतिनिधियों की अनदेखी कर रहे हैं. जिससे वार्डों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं. पत्र में यह भी कहा गया है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य पूरे नहीं किए जा रहे हैं.
पत्र के मुताबिक नाली, पानी निकासी और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य लंबे समय से लंबित हैं. पार्षदों ने दावा किया है कि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होने से वे अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं. इसी वजह से पद छोड़ने जैसा फैसला लेने की बात पत्र में लिखी गई है
वायरल दस्तावेज में नगर पंचायत उपाध्यक्ष एवं वार्ड क्रमांक-6 के पार्षद अंगेश्वर देवांगन के अलावा वार्ड क्रमांक-4 के विक्रांत सोनकर, वार्ड क्रमांक-7 के अमर निषाद, वार्ड क्रमांक-10 के चेतन साहू और वार्ड क्रमांक-11 के डोमन साहू के नाम और हस्ताक्षर दिखाई दे रहे हैं.
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब नगर पंचायत समोदा के उपाध्यक्ष अंगेश्वर देवांगन ने वायरल पत्र को असत्य बताया. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित दस्तावेज सही नहीं है. हालांकि वायरल पत्र में उनके हस्ताक्षर दिखाई देने के कारण पूरे मामले को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है.
फिलहाल इस कथित इस्तीफे की न तो प्रशासन और न ही भाजपा संगठन की ओर से आधिकारिक पुष्टि की गई है. वायरल पत्र के बाद स्थानीय राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि संबंधित विभाग और संगठन इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं और वायरल दस्तावेज की सत्यता को लेकर क्या कार्रवाई की जाती है.
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