धमतरी गंगरेल जलाशय में नाव पलटने से टापू पर फंसा मछुआरा, सुरक्षित रेस्क्यू, ब्लू एडवेंचर की टीम ने वाटर एम्बुलेंस से सुरक्षित निकाला बाहर
A fisherman stranded on an island after his boat capsized in the Gangrel Reservoir in Dhamtari has been safely rescued; the 'Blue Adventure' team brought him to safety using a water ambulance.
धमतरी : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित गंगरेल जलाशय में अचानक मौसम बदलने और तेज लहरों के बीच संकट में फंसे एक मछुआरे को सुरक्षित बचा लिया गया. ग्राम बरारी निवासी बबलू निषाद की नाव पलटने के बाद वे एक टापू पर फंस गए थे. खबर मिलने पर गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ की टीम ने वाटर एम्बुलेंस की मदद से उनका रेस्क्यू किया और सुरक्षित गांव पहुंचाया. इस अभियान में स्थानीय लोगों की सतर्कता और जिला प्रशासन की मदद और तालमेल की अहम भूमिका रही.
मिली जानकारी के मुताबिक बबलू निषाद पेशे से मछुआरे हैं. वे बीते दिनों लकड़ी चुनने के लिए नाव से ठेमली आइलैंड गए थे. इसी दौरान मौसम में अचानक बदलाव आया और हवा की गति बढ़ने से गंगरेल जलाशय में लहरें तेज हो गईं. प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच उनकी नाव अनियंत्रित होकर पलट गई. हादसे से पहले उन्होंने अपने परिवार से संपर्क कर स्थिति की जानकारी दी थी. नाव पलटने के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर परिजन और ग्रामीण चिंतित हो गए.
हिम्मत दिखाकर दूसरे टापू पर पहुंचे मछुआरे
नाव पलटने के बाद बबलू निषाद ने मुश्किल परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने करीब 100 मीटर तक तैरकर दूसरे टापू पर पहुंचकर आश्रय लिया. हालांकि, अंधेरा होने की वजह जंगल में रास्ता तलाशना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो गया. जलाशय का विस्तृत क्षेत्र, तेज लहरें और अंधेरा होने से उनकी सुरक्षित वापसी की चिंता बढ़ गई थी. इस दौरान परिवार के सदस्य और ग्रामीण उनकी मदद के लिए प्रयासरत रहे.
वाटर एम्बुलेंस से किया गया सुरक्षित रेस्क्यू
परिजनों और ग्रामीणों से खबर मिलने के बाद गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ की टीम सक्रिय हुई. टीम ने मिले संसाधनों का उपयोग करते हुए वाटर एम्बुलेंस की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया. बचाव दल ने बबलू निषाद को सुरक्षित बाहर निकाला और उनके गांव पहुंचाया. इस अभियान में सत्येंद्र शिव, राजेश मुकेश सहित टीम के अन्य सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई. समय पर मिली खबर और बचाव दल की तत्परता से मछुआरे की सुरक्षित वापसी संभव हो सकी.
जिला प्रशासन के सहयोग से अभियान को मिला संबल
गंगरेल जलाशय जैसे बड़े जलक्षेत्र में आपात स्थिति के दौरान फौरन मिली खबर, मिले संसाधनों का सही इस्तेमाल और संबंधित पक्षों के बीच तालमेल बेहद अहम होता है. इस हादसे में स्थानीय लोगों की सतर्कता, बचाव दल की सक्रियता और जिला प्रशासन के सहयोग ने राहत एवं बचाव कार्य को प्रभावी बनाने में मदद की.
यह हादसा जलाशय में नाव से आवागमन करने वाले लोगों के लिए सावधानी बरतने का संदेश भी देता है. नाव से निकलने से पहले मौसम की हालत की जानकारी लेना, सुरक्षा के जरुरी उपाय अपनाना और तेज हवा या लहरों के दौरान जोखिम लेने से बचना जरुरी है. आपात स्थिति में फौरन परिजनों और संबंधित बचाव दल को खबर देने से समय पर मदद मिल सकती है.
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