डिजिटल अरेस्ट का खौफ दिखाकर 1 करोड़ की ठगी. पुलिस ने दो आरोपी किए गिरफ्तार, केवल दस्तावेज जब्त, 7 दिनों तक घर से बाहर नहीं निकलीं रिटायर्ड प्रोफेसर
A fraud of Rs 1 crore was perpetrated using the threat of digital arrest. Police arrested two accused, confiscated only documents, and the retired professor remained home for seven days.
बिलासपुर : रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने एक महिला को पुलिस, ईडी, आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई का डर दिखाकर 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया था. मामले में अपराध क्रमांक 02/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता एवं आईटी एक्ट की कई धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है. दोनों आरोपियों को राजस्थान के चुरू जिले से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया गया है.
व्हाट्सएप कॉल से शुरू हुआ ‘डिजिटल अरेस्ट’ का खेल..
मिली जानकारी के मुताबिक पीड़िता के परिवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि महिला के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आया. जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को ‘संजय PSI’ बताते हुए कहा कि महिला का नाम एक आतंकवादी संगठन से जुड़े मामले में सामने आया है और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया हैं.
इसके बाद आरोपियों ने वीडियो कॉल के जरिए महिला को कई घंटों तक तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा. लगातार पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), रिजर्व बैंक और सुप्रीम कोर्ट के नाम का डर दिखाते हुए महिला पर मानसिक दबाव बनाया गया. आरोपियों ने धमकी दी कि अगर महिला ने किसी को जानकारी दी तो उनके बेटे समेत पूरे परिवार को केस में फंसा दिया जाएगा. महिला को भरोसे में लेने के लिए आरोपियों ने फर्जी सरकारी नोटिस, ईडी जांच दस्तावेज, सुप्रीम कोर्ट के आदेश और आरबीआई के कथित नोटिस भी भेजे. लगातार डर और मानसिक प्रताड़ना के चलते महिला पूरी तरह आरोपियों के झांसे में आ गई.
अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए गए करोड़ों रुपये..
आरोपियों ने महिला को कई बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए. डर और दबाव में आकर महिला ने अलग-अलग तिथियों में कुल 1,04,80,000 रुपये कई खातों में ट्रांसफर कर दिए. इतनी बड़ी रकम लेने के बाद भी आरोपी नहीं रुके और केस खत्म कराने के नाम पर एक्स्ट्रा 50 लाख रुपये की मांग करने लगे. जब महिला ने पूरी बात अपने पुत्र को बताई। तब मामले का खुलासा हुआ और फौरन रेंज साइबर थाना बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई गई.
तकनीकी जांच से राजस्थान तक पहुंची पुलिस..
मामला दर्ज होने के बाद साइबर पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का गहन तकनीकी विश्लेषण किया. जांच में सामने आया कि ठगी की रकम कई बैंक खातों के जरिए अलग-अलग स्तरों पर ट्रांसफर की गई थी. बैंकिंग ट्रेल और तकनीकी सबूतों के आधार पर पुलिस टीम राजस्थान के चुरू जिले तक पहुंची. जहां से दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रूपेन्द्र सिंह (उम्र 21 साल) एवं विशाल सिंह (उम्र 20 साल), निवासी ग्राम पोती, थाना रतननगर, जिला चुरू (राजस्थान) के रूप में हुई है. पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते उपलब्ध कराए थे और ठगी की रकम निकालकर अन्य लोगों तक पहुंचाई थी. इसके बदले उन्हें कमीशन की रकम मिलती थी.
बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल जब्त..
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य जरुरी दस्तावेज जब्त किए हैं. मामले में साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और बैंक खातों की जांच अभी जारी है.
पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक गोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह एवं नोडल अधिकारी गगन कुमार के निर्देशन में रेंज साइबर थाना बिलासपुर की टीम द्वारा की गई.
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