महिला से अभद्रता और धमकी, थाना परिसर में मारपीट का आरोप, दोनों पक्षों के खिलाफ FIR दर्ज, पूर्व जिला पंचायत सदस्य समेत 3 गिरफ्तार, जांच में जुटी पुलिस

Allegations of indecent behavior towards a woman, threats, and assault within the police station premises; FIRs registered against both parties; three individuals, including a former District Panchayat member, arrested; police investigating the matter.

महिला से अभद्रता और धमकी, थाना परिसर में मारपीट का आरोप, दोनों पक्षों के खिलाफ FIR दर्ज, पूर्व जिला पंचायत सदस्य समेत 3 गिरफ्तार, जांच में जुटी पुलिस

दुर्ग : दुर्ग जिले के अमलेश्वर थाना क्षेत्र में एक महिला और उसके परिवार के साथ कथित अभद्रता, गाली-गलौज और धमकी देने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में पूर्व जिला पंचायत सदस्य मोरध्वज साहू उर्फ मोनू भी शामिल हैं. तीनों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
मिली जानकारी के मुताबिक अमलेश्वरडीह निवासी एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि 7 जून की रात करीब 11 बजे कुछ लोग कार नम्बर CG04 NE 8055 से उसके घर पहुंचे और बाहर खड़े होकर गाली-गलौज करने लगे.
शिकायत के मुताबिक जब महिला ने गैलरी से बाहर आकर शोर-शराबे की वजह पूछा, तो आरोपी दीपक वर्मा, जय साहू और मोरध्वज साहू उर्फ मोनू ने उसके पति के बारे में पूछते हुए कथित रूप से अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया और अभद्र टिप्पणियां कीं.
महिला का आरोप है कि आरोपियों ने अशोभनीय इशारे किए और घर में घुसने की भी कोशिश की. इसी दौरान उसके पति उमेश साहू बाहर आए तो उन्हें भी कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई. घटना के दौरान आसपास के लोगों ने भी हंगामा होते देखा और सुना. इसके बाद पीड़िता ने अमलेश्वर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई.
शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला
महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 333, 296, 351(3), 79 और 3(5) के तहत जुर्म दर्ज कर जांच शुरू की. जांच के दौरान पुख्ता आधार मिलने पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया. जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
राजनीति में सक्रिय रहा है मोरध्वज साहू
मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल मोरध्वज साहू उर्फ मोनू क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं. वर्ष 2019 में वे पाटन क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए थे. बाद में वर्ष 2022 में उन्होंने भाजपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी. वर्ष 2025 के नगरीय निकाय चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में अमलेश्वर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद का चुनाव भी लड़ा था. हालांकि उन्हें कामयाबी नहीं मिली थी.
पहले भी विवादों में रहा नाम
मोरध्वज साहू का नाम पूर्व में भी विवादों से जुड़ चुका है. वर्ष 2022 में रायपुर के एक मीडिया कर्मी पर कथित हमले और उसकी पत्नी के साथ दुर्व्यवहार से जुड़े मामले में भी उनका नाम सामने आया था.
थाने पहुंचे दोनों पक्षों के बीच मारपीट, FIR दर्ज
इसी मामले में अमलेश्वर थाना परिसर पहुंचे दोनों पक्ष में मारपीट और जान से मारने की धमकी भी दी गई. पुलिस ने शिकायत के आधार पर नगर पालिका परिषद अमलेश्वर के पूर्व उपाध्यक्ष उमेश साहू, उनकी पत्नी अनिता साहू और अन्य लोगों के खिलाफ जुर्म दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
पुलिस के मुताबिक हेमंत साहू ने शिकायत दर्ज कराई कि 8 जून 2026 को दोपहर करीब 12 से 12:30 बजे के बीच वह अपने चाचा मोरध्वज साहू की जमानत संबंधी काम के सिलसिले में अमलेश्वर थाना पहुंचे थे.
थाना परिसर में मारपीट का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी दौरान अनिता साहू, उनके पति उमेश साहू और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज की. विरोध करने पर कथित रूप से हाथ-मुक्कों से मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई.
हेमंत साहू ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि घटना थाना परिसर के भीतर हुई. जिसे वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने भी देखा.
पुलिस ने दर्ज किया मामला
लिखित शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच की. प्रथम दृष्टया आरोपों में तथ्य पाए जाने पर अमलेश्वर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 351(2), 115(2) एवं 3(5) के तहत जुर्म दर्ज किया है.
पुलिस का बयान
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कर आरोपियों को अदालत में पेश किया गया. जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. मामले की आगे की जांच जारी है.
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