शराब दुकान में सेल्समैन की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप, निष्कासित भाजपा नेता कृष्णा और बेटे प्रणव अवस्थी पर एक और FIR दर्ज
Another FIR registered against expelled BJP leader Krishna and his son Pranav Awasthi on charges of fraud under the pretext of securing a salesman's job at a liquor shop.
बलौदाबाजार : भाजपा से निष्कासित पूर्व जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी और उनके बेटे प्रणव अवस्थी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. बाप-बेटे के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी की एक और शिकायत सामने आई है. इस बार जिला अस्पताल में वार्ड बॉय की नौकरी लगाने का झांसा देकर 6 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया गया है. शिकायत के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने कृष्णा अवस्थी और प्रणव अवस्थी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरु कर दी है.
जिला अस्पताल में नौकरी लगाने का दिया था झांसा
शिकायतकर्ता जीवन लाल कमल ने पुलिस को बताया कि उन्हें जिला अस्पताल में वार्ड बॉय की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था. आरोप है कि नौकरी लगाने के नाम पर उनसे कुल 6 लाख रुपये लिए गए. शिकायतकर्ता के मुताबिक रकम के लेन-देन का संबंध भाजपा कार्यालय बलौदाबाजार से भी बताया गया है.
जीवन लाल कमल का आरोप है कि रकम देने के बाद भी उनकी नौकरी नहीं लगी. इसके बाद उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी. लेकिन उन्हें लगातार आश्वासन दिया जाता रहा. रकम वापस नहीं मिलने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की.
लगातार सामने आ रहे नौकरी के नाम पर लेन-देन के आरोप
कृष्णा अवस्थी और उनके बेटे प्रणव अवस्थी के खिलाफ इससे पहले भी नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने के आरोप सामने आ चुके हैं. हाल ही में प्रणव अवस्थी के खिलाफ शराब दुकान में सेल्समैन की नौकरी दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये लेने के आरोप में सिटी कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई थी. पुलिस के मुताबिक उस मामले में नौकरी के लिए 1.50 लाख रुपये की मांग किए जाने का आरोप है.
वहीं, मेघनाथ बंजारे ने भी कृष्णा अवस्थी पर ट्रांसफर और बाद में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये से ज्यादा लेने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी. इसके अलावा सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 2 लाख रुपये लेकर कथित फर्जी नियुक्ति पत्र देने का आरोप भी कृष्णा अवस्थी पर सामने आ चुका है.
फर्जी ट्रांसफर आदेश मामले में जेल में बंद है बाप-बेटे
कृष्णा अवस्थी और प्रणव अवस्थी पहले से ही कथित फर्जी स्थानांतरण आदेश से जुड़े मामले में न्यायिक हिरासत में हैं. इस मामले में पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी कर्मचारी को ट्रांसफर का फायदा दिलाने की कोशिश के आरोप में कार्रवाई की थी.
अब नौकरी के नाम पर 6 लाख रुपये लेने की नई शिकायत और एफआईआर के बाद पिता-पुत्र की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों, रकम के लेन-देन और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी.
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