गुरु घासीदास जयंती पर बवाल, भड़के सतनामी युवाओं ने लगाए RSS वापस जाओ और मुर्दाबाद के नारे, युवा बोले- जाओ अपने घर में मनाओ

Chaos on Guru Ghasidas Jayanti; enraged Satnami youth raised slogans of "RSS go back" and "Down with it", and the youth said, "Go and celebrate at your home."

गुरु घासीदास जयंती पर बवाल, भड़के सतनामी युवाओं ने लगाए RSS वापस जाओ और मुर्दाबाद के नारे, युवा बोले- जाओ अपने घर में मनाओ

बिलासपुर : गुरुघासीदास जयंती समारोह में शिरकत करने पहुंचे राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ RSS के पदाधिकारियों को सतनामी समाज के युवाओं का भारी विरोध का सामना करना पड़ा. युवाओं ने RSS के खिलाफ नारेबाजी शुरु कर दी और पदाधिकारियों को कार्यक्रम स्थल से जाने के लिए मजबूर कर दिया. यह मामला जरहाभाठा मिनी बस्ती स्थित महंत बाड़ा का है.
गुरुघासीदास जयंती समारोह  में शामिल होने के लिए विभाग संघ चालक डॉ. राजकुमार सचदेव, जिला संघ चालक रामधन रजक, नगर संघ चालक प्रदीप शर्मा सहित अन्य RSS कार्यकर्ता पहुंचे थे. जैसे ही संघ के पदाधिकारी जैतखंभ और पूजा स्थल के पास पहुंचे.
आरएसएस के पदाधिकारियों को कार्यक्रम में देखकर समाज के युवा भड़क उठे. नाराज युवाओं ने पदाधिकारियों को वापस जाने कहा. युवाओं के विरोध के बीच जब राजमंहत ने बात संभालने की कोशिश की तो युवाओं ने उनकी नहीं सुनी और आरएसएस के खिलाफ नारेबाजी शुरु कर दी. बहस और विवाद के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों को कार्यक्रम से वापस लौटना पड़ा. नारेबाजी कर रहे युवाओं ने आरएसएस के पदाधिकारियों से दो टूक कहा- निकलिए यहां से.. कार्यक्रम से आरएसएस के पदाधिकारियों को अपमानित होकर लौटना पड़ा. वीडियो अब सोशल मीडिया में तेजी के साथ वायरल हो रहा है.
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गुरु घासीदास जयंती समारोह के दौरान उस वक्त जमकर बवाल हो गया. जब समाज के भाजपा समर्थित लोगों ने RSS के पदाधिकारियों को कार्यक्रम में शामिल होने आमंत्रित कर दिया. आमंत्रण के बाद पदाधिकारी कार्यक्रम में पहुंचे. आरएसएस के पदाधिकारियों को देखते ही समाज के युवा भड़क उठे.
पदाधिकारियों की कार्यक्रम में मौजूदगी को लेकर युवाओं ने सवाल उठाए और वापस जाओ के नारे लगाने लगे. नारेबाजी के बीच युवाओं ने आरएसएस वापस जाओ के नारे लगाने लगे. युवाओं के विरोध को देखते हुए महंत बाड़ा के राजमहंत डा बसंत अंचल ने हस्तक्षेप करते हुए मनखे-मनखे एकसमान जैसे गुरुघासीदास के संदेश को बोलते हुए कहा कि अगर आ गए हैं तो आपत्ति क्यों होनी चाहिए.
नाराज युवाओं ने राजमंहत की भी एक नहीं सुनी और नारेबाजी करते रहे. इसके चलते कार्यक्रम स्थल जरहाभाठा मिनीबस्ती महंत बाड़ा का माहौल कुछ देर के लिए असहज हो गया था. नारेबाजी के बीच आरएसएस के पदाधिकारियों ने अपनी बात भी रखी. हंगामा मचाने वाले युवाओं ने उनकी एक नहीं सुनी.
18 दिसंबर को देश व प्रदेश के साथ ही शहर में गुरु घासीदास जयंती के मौके पर समारोह का महंत बाड़ा में आयोजन किया गया था. सतनामी समाज के लोगों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ समारोह का आयोजन किया. इस दौरान महिला और पुरुष श्रद्धालु अपनी-अपनी मन्नत लेकर नारियल और पूजा सामग्री के साथ जैतखंभ पहुंचे. जहां विधि विधान से पूजा-अर्चना की गई.
महंत बाड़ा के राजमहंत डॉ. बसंत अंचल के आमंत्रण पर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के विभाग संघ चालक डॉ राजकुमार सचदेव, जिला संघ चालक रामधन रजक, नगर संघ चालक प्रदीप शर्मा सहित RSS के पदाधिकारी और स्वयंसेवक कार्यक्रम स्थल महंत बाड़ा पहुंचे थे.
जब कार्यक्रम में RSS के पदाधिकारी पहुंचे, तब उन्हें देखकर समाज के युवा भड़क गए. उन्होंने RSS की मौजूदगी पर आपत्ति जताई. जिसके बाद नारेबाजी करते हुए उन्हें वापस जाने के लिए दबाव बनाने लगे. युवाओं ने RSS के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. जिसके चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया.
आरएसएस के पदाधिकारियों को कार्यक्रम स्थल में देखते ही समाज के युवा जितेंद्र बंजारे सहित अन्य लोगों ने विरोध करते हुए RSS के पदाधिकारियों को अपमानित करना शुरु किया. तब राजमहंत डॉ. बसंत अंचल ने विरोध करने वालों को समझाइश देने की कोशिश की. लेकिन विरोध दर्ज करा रहे युवाओं ने उनकी एक नहीं सुनी. इस कार्यक्रम में मौजूद आरएसएस के पदाधिकारियों को अपमानतित करते रहे. उनकी हरकतों को देखकर RSS के पदाधिकारी कहते रहे कि वे पूजा-आराधना करने आए थे. जब उन्हें आपत्ति है तो वे जा रहे हैं.
सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल हो रहे वीडियो में यह सब वीडियो में युवाओं के नारेबाजी और आरएसएस पदाधिकारियों को अपमानित करने के बीच राजमहंत डॉ. अंचल ने युवाओं को चेतावनी दी तब मामला और गरमा गया.
डॉ. अंचल का कहना था कि यह हरकत बाबा गुरु घासीदास के आदर्शों के खिलाफ है. उन्होंने खुद कहा था मनखे-मनखे एक समाज, वो किसी एक समाज के गुरु नहीं थे. उनकी बातों को सुनकर युवा भड़क गए और RSS के पदाधिकारियों से कहने लगे कि जाओ अपने घर में गुरु घासीदास जयंती मनाना. यह उनका पारिवारिक आयोजन है. जिसमें वो शामिल नहीं हो सकते.
घटना के बाद महंत बाड़ा के राजमहंत डॉ. बसंत अंचल ने आपत्ति दर्ज कराई है. सतनामी समाज ने हंगामा करने वाले जितेंद्र बंजारा पर साम्प्रदायिक उन्माद फैलाने का आरोप लगाया है और शिकायत करने का फैसला किया है. सभी मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और जिले के SSP से शिकायत करेंगे. दूसरी तरफ युवाओं के समूह का कहना है कि वे अपनी सामाजिक पहचान और स्वायत्तता को बचाने के लिए यह विरोध कर रहे थे.
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