आज पूरी दुनिया में मनाया जाएगा जश्न, जानिए ईद की नमाज का वक्त, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद हाफिज खान ने दी ईद-उल-फितर की मुबारकबाद

Eid moon sighted, celebrations to take place across the world tomorrow; former Block Congress President Mohammad Hafiz Khan extends Eid al-Fitr greetings

आज पूरी दुनिया में मनाया जाएगा जश्न, जानिए ईद की नमाज का वक्त, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद हाफिज खान ने दी ईद-उल-फितर की मुबारकबाद

रायपुर :  देश भर में कल शनिवार 21 मार्च, 2026 को ईद मनाई जाएगी. छत्तीसगढ़ में ईद का चांद देखा गया है. रायपुर के मदरसा इस्लाहुल मुस्लिमिन की जानिब से एलान किया गया कि आज ईद का चांद देखा गया है और कल शनिवार 21 मार्च, 2026 को ईद मनाई जाएगी. इस मौके पर पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद हाफिज खान ने दी ईद-उल-फितर की मुबारकबाद दी है.
ईद का त्योहार नजदीक आने के साथ ही बाजारों में भी भारी भीड़ देखी गई. रेडीमेड कपड़ों और जूतों की दुकानों पर खरीददारों की भीड़ उमड़ पड़ी जिससे कारोबार में तेजी आई. वहीं, 
शहर सीरतुन्नबी कमेटी के सदर सोहेल सेठी की फल पर मुस्लिम हाल, बैजनाथपारा में 10 दिनों के लिए लगाया ईद बाजार लगाया गया. इस बाजार में शहर के लोग अपने परिवार के साथ आकर ईद की जमकर खरीदारी की. जहां कई तरह के सामान एक ही जगह पर आसानी से मुहैया हो रहे थे.
यह बाज़ार एक छोटे मेले के तौर पर आयोजित किया गया. जहां मेहंदी आर्ट, गेम ज़ोन वगैरह का भी इन्तेजाम किया गया. जिससे शहर के लोग अपने परिवार के साथ आए. सुकून से खरीदारी की. और ईद की तैयारियों का लुत्फ़ लिया.
नयापारा के पेश इमाम आले नबी ने कहा कि इस्लाम रवादारी का मजहब है. यह इंसानियत को अपनाने की बात करता है. अच्छा मुस्लिम वही है, जिसके हाथ-पैर से किसी को नुकसान न पहुंचे. उन्होंने कहा कि ईद खुशी का त्योहार है. ईद को खुशी के तौर पर मनाया जाना चाहिए. ईद के दिन नमाज पढ़ें और देश में अमन-चैन की दुआ मांगे.
चांद नजर आने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देनी शुरू कर दी है. लोग ईद के दिन एक-दूसरे से गले मिलते हैं. मिठाइयाँ बाँटते हैं और गरीबों की मदद कर इंसानियत का पैगाम देते हैं. अब सबकी निगाहें ईद की नमाज़ पर टिकी हैं. जिसके बाद ईद का जश्न पूरे जोश के साथ शुरू हो जाएगा.
ईद उल फितर का अर्थ है ‘रोजा खोलने का त्योहार’. यह रमजान के समापन का उत्सव है. जो इबादत, दान और आत्म-ज्ञान का महीना होता है. इसे इस्लाम की पांच प्रमुख शिक्षाओं में से एक माना जाता है और इसे आभार, पुरस्कार और आनंद के रूप में मनाया जाता है.
संक्षेप में, ईद का चांद दिखना उत्सव, एकता और चिंतन का समय है. यह एक ऐसा अवसर है जो लोगों को एकजुट करता है. आध्यात्मिक एकता की भावना को बढ़ावा देता है और परंपरा के महत्व और इस्लामी रीति-रिवाजों के संरक्षण की याद दिलाता है.

ईद की नमाज का वक्त
1. बड़ी ईदगाह, ईदगाहभाटा, सुबह 10:00 बजे
2. बैरन बाज़ार ईदगाह, सुबह 9:30 बजे
3. संजय नगर ईदगाह, सुबह 9:00 बजे
4 संजय नगर मस्जिद, सुबह 10:30 बजे
5. अशरफुल औलिया मस्जिद मौदहापारा 3 जमात, सुबह 7:00 बजे, 9:00 बजे, 10:00 बजे
6. मस्जिद अब्दुल गफूर अफ़रोज़ बाग, मौदहापारा, सुबह 9:30 बजे
7. नयापारा मस्जिद, 2 जमात, सुबह 9:00 बजे, 10:00 बजे
8. दरगाह सै. शेर अली आगा रिसालानाका ईदगाह, सुबह 9:00 बजे
9. छोटापारा मस्जिद 2 जमात, सुबह 6:45 बजे, 10:45 बजे
10. फातेशाह मस्जिद 2 जमात, सुबह 7:00 बजे, 9:30 बजे
11. नूरानी उर्दू स्कूल पंडरी, सुबह 7:30 बजे
12. नूरानी मस्जिद राजातलाब, 2 जमात, सुबह 9:00 बजे, 10:00 बजे
13. नूरे नबी मस्जिद नई बस्ती राजातालाब, 2 जमात 9:30 बजे 10:30 बजे
14. मोहसिने मिल्लत मक्का मस्जिद तेलीबांधा, सुबह 9:00 बजे
15. मदीना मस्जिद तेलीबांधा, सुबह 9:30 बजे
16. पारसनगर मस्जिद, सुबह 9:00 बजे
17. मोवा मस्जिद, सुबह 9:00 बजे,
18. मोवा ईदगाह, सुबह 7:00 बजे
19. हलवाई लाइन जामा मस्जिद सुबह 10:45 बजे
20. औलिया मस्जिद अश्वनी नगर, सुबह 8:00 बजे
21. मदरसा इस्लाहुल मुस्लेमीन बैजनाथपारा, 2 जमात, सुबह 7 बजे, 11:00 बजे
22. गौसिया मस्जिद संतोषी नगर 2 जमात, सुबह 7:30 बजे, 9:30 बजे
23. मोहसिन मिल्लत मस्जिद चुनाभट्टी, सुबह 9:30 बजे
24. गौसुलवरा मस्जिद रोटरी नगर, सुबह 9:30 बजे
25. फैजाने मदीना मस्जिद आर डी ए प्लाट संजय नगर, 2 जमात सुबह 8:00 बजे, 9:30 बजे
26. सुन्नी हनफी बुखारी मस्जिद, कबीरनगर, सुबह 9:30
27. सुन्नी हनफी मुबारक मस्जिद, मुबारकनगर, फेस-2, रायपुरा, सुबह 9:00 बजे
28. गौसुल आज़म अमीने शरीयत मस्जिद, आरडीए कालोनी, बोरिया खुर्द, फेस 2 सिब्तैनी नगर, सुबह 9:30 बजे
29. मस्जिदे मोहम्मदी, ईदगाहभाटा, 2 जमात सुबह 7:00 बजे, 10:30 बजे
30. गौसुलवरा मस्जिद, गाज़ी नगर बीरगाँव 2 जमात 8:00 बजे, 8:45 बजे
31. पूरानी बस्ती मस्जिद, सुबह 9:00 बजे
32. अनुपम नगर मस्जिद, सुबह 9:30 बजे
33. मठपुरैना मदरसा, सुबह 9:30 बजे
34. शक्ति नगर मस्जिद, 2 जमात सुबह 8:30 बजे, 9:30 बजे
35. सुन्नी हनफी कादरी मस्जिद, ताजनगर, पण्डरी, सुबह 9:30 बजे
36. गौसूल आज़म मस्जिद, जनता कालानी गुढ़ियारी 2 जमात, सुबह 7:30 बजे, 8:30 बजे
37. मस्जिदे महबूबे इलाही, रामनगर, गुढ़ियारी, सुबह 8:30 बजे
38. गौसुलवरा मस्जिद, कुंदरापारा, गुढ़ियारी, सुबह 10:00 बजे
39. काशीरामनगर मस्जिद 2 जमात, सुबह 8:30, 9:30 बजे
40. नूरी मस्जिद, रामेश्वरनगर, भनपुरी, सुबह 9:00 बजे
41. सुन्नी जामा मस्जिद, कोटा सुबह 9:00 बजे
42. कादरी मस्जिद, मोतीनगर 2 जमात, सुबह 8:00 बजे, 9:00 बजे
43. इमामे आजम मस्जिद, चौरसिया कालोनी, 2 जामत 9:00 बजे, 10:0 बजे
44. गरीब नवाज़ मस्जिद हीरापुर, 2 जमात सुबह 8:00 बजे, 9:00 बजे
45. मस्जिदे तैबा अमन नगर, मोवा, सुबह 8:30 बजे
46. आयशा मस्जिद, वल्लभनगर, सुबह 8:30 बजे
47. मदरसा जौहरे इस्लाम, श्रीमुर्तीनगर फाफाडीह, सुबह 9:00 बजे
48. मस्जिदे हसनैन, कुकरीपारा, 2 जमात, सुबह 8:30 बजे, 9:30 बजे
49. मदरसा सै. इंसान अली शाह, डी.डी.यू. नगर, सुबह 8:00 बजे
50. मस्जिद बिलाल बुरिया खुर्द, 2 जमात, सुबह 9:00 बजे, 10:00 बजे
51. तेगिया जौहरे आज़म मस्जिद रावाभाटा, सुबह 8:30 बजे
52. नुरी निज़ामी मस्जिद सुभाषनगर, 2 जमात, सुबह 7:30 बजे, 8:30 बजे
53. नया रायपुर, सेक्टर-20, सुबह 8:30 बजे
54. फैजाने इश्के रसुल मस्जिद, सेजबहार, सुबह 9:00 बजे
55. मस्जिदे अफशा भाटागाँव, सुबह 9:00 बजे
56. ईदगाह मदरसे के बाजू सारखी, सुबह 7:00 बजे
57. मस्जिदे फ़ैज़ाने रज़ा बीएसयूपी कॉलोनी भाटागांव सुबह 8:00 बजे
58. फ़ैज़ान मौला अली मस्जिद चिश्तिया नगर सुबह 9:00 बजे
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????️ बिलासपुर में नमाज़-ए-ईद का टाइम टेबल
⏰ सुबह 7:30 बजे
फैज़ाने मदीना – फैज़ नगर,,,
फैज़ाने गरीब नवाज़ मस्जिद – तालापारा
मक्का मस्जिद (पहली जमात) – खामूशगंज
इमाम अहमद रज़ा मस्जिद – भारतीय नगर
⏰ सुबह 8:00 बजे
फैज़ाने गौसे आज़म – मसानगंज,,,
ईदगाह / मस्जिद अबु हुरैरह – मोमिनपारा
फैज़ाने मुफ्तिए आज़म – मोपका
जुना बिलासपुर मस्जिद – अशोक नगर
⏰ सुबह 8:15 बजे
सुन्नी हनफी मस्जिद – जुना बिलासपुर
नूरानी मस्जिद – चुचुहियापारा
मस्जिदे आएशा – तालापारा
सुन्नी हुसैनी मस्जिद – जरहाभाटा
रज़ा मस्जिद – तालापारा
⏰ सुबह 8:30 बजे
ख्वाजा गरीब नवाज़ मस्जिद – मंगला
सुन्नी औलिया मस्जिद – कासिम पारा
मस्जिद जीनते गौसिया – यदुनंदन नगर
फैज़ाने रज़ा मस्जिद – कोनी
मदीना मस्जिद – गोलबाजार
हज़रते आमिना सुन्नी मस्जिद – सिरगिट्टी
अजमेरी मस्जिद – लालखदान
मस्जिदे सिद्दीके अकबर – उसलापुर
गुलशन-ए-रज़ा मस्जिद – कुदुदंड
मस्जिदे बिलाल – राजकिशोर नगर
नगीना मस्जिद – चांटीडीह
नगीना मस्जिद – तारबाहर
मस्जिदे बिलाल – राजेंद्र नगर
⏰ सुबह 8:45 बजे
मस्जिद इमामे आज़म – लोको खोली
⏰ सुबह 10:00 बजे
सैय्यद अमीरुल्लाह शाह मस्जिद – सरकंडा
⏰ सुबह 10:15 बजे
मक्का मस्जिद (दूसरी जमात) – खामूशगंज
गरियाबंद जिला के के मैनपुर में सुबह 9 बजे ईद की नमाज अदा की जाएगी.
नवापारा राजिम में ईद की नमाज नई ईदगाह में सुबह 9 बजे और पुरानी ईदगाह में सुबह 10 बजे अदा की जाएगी.

ईद की नमाज़ के लिए जाने से पहले गुस्ल करना और अपने सबसे अच्छे कपड़े पहनना सुन्नत है.
ईद की नमाज़  पढ़ने का सुन्नत तरीका
ईद की नमाज में 2 रकात होती है। नमाज पढ़ने से पहले नियत बांधी जाती है. इस नमाज में 6 तकबीर “अल्लाहू अकबर” कहना होता है. आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना है कि ईद उल अजहा की नमाज में नियत के बाद अल्लाहू अकबर कहने पर हांथ बांध कर सना पढ़ना है. इस चीज को बिल्कुल भी भूले नहीं.
बकरीद  नमाज की नियत कैसे करें
वैसे तो जब लोग नमाज अदा करते है, तो इमाम साहब पहले इसकी नियत को दोहरा कर सबको बता देते है. लेकिन जिसे ये नियत याद नहीं होती वो एक बार में इसे नहीं समझ पाते तो उनके लिए हम नाम की नियत बताने जा रहे हैं. सबसे पहले “आउजू बिल्लाही मिनश शयी तानिर रजीम बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम” पढ़ें। फिर पढ़ें कि मैं नीयत करता हूं दो रकात नमाज़ ईद-उल-अजहा की, छः ज़ायेद तकबीरों के साथ, वास्ते अल्लाह ताला के, पीछे इस ईमाम के, रुख मेरा काबा शरीफ़ के तरफ अल्लाहु अकबर
बकरीद नमाज का तरीका
ईद उल अजहा नमाज की पहली रकात
नमाज से पहले नियत करेंगे.
इमाम साहब के अल्लाहु अकबर कहने पर अपने हांथो को बांधेंगे.
अगर आपको नियत याद नहीं है तो ये कहे कि जो नीयत इमाम की वही मेरी है.
इसके बाद सना यानी ‘सुब्हान कल्ला अल्लाहुम्मा’ पूरी जरूर पढ़ें। इसे पढ़ना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
इसके बाद दो बार अल्लाहु अकबर कहने पर अपना हांथ उठा कर छोड़ देना है.
तो वहीं तीसरी बार अल्लाहु अकबर कहते ही हाथों को बांध लेना है.
अब यहां से इमाम साहब पढ़ेंगे। इस दौरान आपको खामोश रहकर उन्हें सिर्फ सुनना है.
पहले इमाम अउजुबिल्लाह मिनश शैतानीर्रजीम पढ़ी जाएग.। फिर तस्मियह पढ़ेंगे.
इसके बाद सूरह फातिहा पूरा पढ़ेंगे. इसके बाद आहिस्ते से सभी आमीन कहेंगे।
इसके बाद कोई भी एक सूरह पढ़ी जाएगी। फिर अल्लाहु अकबर कहने पर रूकूअ में जाएंगे.
अब रूकूअ में 3, 5 या 7 बार सुब्हान रब्बियल अज़ीम पढ़ी जाएगी.
फिर 'समिअल्लाहु लिमन हमिदह' कहते हुए रूकूअ से उठ जाएंगे.
फिर रूकूअ से उठते हुए रब्बना लकल हम्द कहें.
फिर अल्लाहु अकबर कहकर सजदे में जाएं.
अब कम से कम तीन बार या अपनी इच्छानुसार इससे ज्यादा बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ें.
इसके बाद अल्लाहु अकबर कहने पर उठ कर बैठ जाएंगे.
फिर तुरंत अल्लाहु अकबर कहने पर दूसरा सज्दा करेंगे और तीन बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ें.
अब अल्लाहु अकबर कहने पर दूसरी रकात के लिए खड़े होंगे.
ईद उल अजहा नमाज की दूसरी रकात
अब सबसे पहले यहां पर तअव्वुज और तस्मियह पढ़ें.
इमाम साहब द्वारा अउजुबिल्लाह और बिस्मिल्लाह शरीफ पढ़ी जाएगी.
फिर सूरह फातिहा पढ़ेंगे। यहां पर कोई एक सूरह को पढ़ा जाएगा.
अब यहां पर फिर से जाईद तकबीरें बोली जाएंगी जिससे आपको ध्यान से सुनना है।
अब पहले की ही तरह एक बार अल्लाहु अकबर कहने पर हाथ उठा कर छोड़ना है.
फिर दूसरी बार भी अल्लाहु अकबर कहने पर हांथ उठा कर छोड़ देना है.
यहां तीसरी बार भी अल्लाहु अकबर कहने पर हांथ छोड़ना है.
फिर चौथी बार अल्लाहु अकबर कहने पर बिना हांथ को उठाए बाध बांध लेना है.
आप अब रूकुअ में जाएंगे हर बार की तरह ध्यान रहे.
अब रूकूअ में कम से कम 3 बार या इससे ज्यादा बार सुब्हान रब्बियल अज़ीम पढ़ें.
फिर समिअल्लाहु लिमन हमिदह कहते हुए रूकूअ से उठेंगे और आप साथ में रब्बना लकल हम्द‌ कहेंगे.
इसके बाद तुरंत अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दा में जाना है.
यहां कम से कम 3 बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ी जाएगी। फिर अल्लाहु अकबर कहते हुए सजदे से उठ जाना है.
फिर फ़ौरन अल्लाहु अकबर कहते हुए दूसरी सजदा में जाना है.
दुसरी सज्दा में 3 बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ें। फिर अब अल्लाहु अकबर कहते हुए उठ कर बैठ जाएंगे.
इसके बाद तशह्हुद यानी अत्तहिय्यात पढ़ा जाता है.
अत्तहिय्यात पढ़ते हुए कलिमे ला पर उंगली खड़ी करेंगे.
फिर तुरंत ही इल्लल ला हु पर उंगली गिरा कर सीधी कर लेंगे.
इसके बाद दुरूदे इब्राहिम पढ़ी जाती है फिर रब्बना आतिना फिद्दुन्या पढ़ी जाएगी.
अब अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह कहते हुए सलाम फेर लेना है.
बकरीद की नमाज के समाप्त होने के बाद इमाम साहब खुत्बा पढेंगे जिसे ध्यान से सुनें.
इसके बाद लोग सभी लोग एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देंगे.

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