किसानों के नाम पर फर्जी लोन, सदमे में समिति प्रबंधक ने की खुदकुशी, आत्महत्या के लिए उकसाने वाले तत्कालीन ब्रांच मैनेजर सहित अन्य पर FIR दर्ज
Fraudulent loans taken in farmers' names; society manager commits suicide due to shock; FIR registered against the then branch manager and others for abetment of suicide.
सरगुजा : सरगुजा जिले के केरजू सहकारी समिति में हुए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) घोटाले की जांच अब आत्महत्या मामले तक पहुंच गई है. पुलिस ने पेटला सहकारी बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक भूपेंद्र सिंह परिहार सहित अन्य के खिलाफ अपराध जुर्म दर्ज किया है. आरोप है कि किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से ऋण निकालकर लाखों रुपये का गबन किया गया और इसकी जिम्मेदारी समिति प्रबंधक पर डाल दी गई.
समिति प्रबंधक की आत्महत्या के मामले में कार्रवाई
यह मामला केरजू सहकारी समिति के तत्कालीन प्रबंधक दिनेश गुप्ता की आत्महत्या से जुड़ा है. पुलिस जांच में सामने आया कि आत्महत्या से पहले दिनेश गुप्ता मानसिक तनाव में थे. उन पर कथित तौर पर फर्जी ऋण मामले की जिम्मेदारी डाली जा रही थी.
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस अब पूरे मामले में अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.
किसानों के नाम पर निकाले गए फर्जी KCC लोन
मामला केरजू सहकारी समिति में किसान क्रेडिट कार्ड ऋण वितरण से जुड़ा है. किसानों ने आरोप लगाया था कि उनके नाम पर बिना जानकारी के ऋण स्वीकृत कर राशि निकाल ली गई. शिकायत के बाद हुई जांच में बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आई थी. प्रारंभिक जांच में दो करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी ऋण प्रकरण सामने आने की बात कही गई थी.
आरोप है कि इसी फर्जीवाड़े के एक हिस्से में करीब 52 लाख रुपये की राशि का गलत इस्तेमाल किया गया. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि फर्जी ऋण की पूरी प्रक्रिया कैसे संचालित हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही.
विवाद के बाद घर लौटकर उठाया आत्मघाती कदम
केरजू सहकारी समिति के प्रबंधक दिनेश गुप्ता की मौत 25 दिसंबर 2025 को हुई थी. जानकारी के अनुसार उस दिन समिति में कुछ किसानों ने अपने नाम पर फर्जी KCC ऋण निकलने को लेकर विरोध किया था.
घटना के बाद दिनेश गुप्ता काफी परेशान बताए गए। विवाद के बाद वह दोबारा समिति भी पहुंचे थे. इसके बाद रात में अपने घर लौटे और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. परिवार ने आरोप लगाया था कि लगातार दबाव और मानसिक प्रताड़ना के कारण दिनेश गुप्ता ने यह कदम उठाया.
पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप
मर्ग जांच के दौरान मृतक की पत्नी सुनीता गुप्ता का बयान पुलिस ने दर्ज किया. उन्होंने तत्कालीन शाखा प्रभारी भूपेंद्र सिंह परिहार पर गंभीर आरोप लगाए. पत्नी के मुताबिक किसानों के नाम पर फर्जी KCC ऋण निकालने की प्रक्रिया में बैंक अधिकारी की भूमिका थी. उन्होंने आरोप लगाया कि जब दिनेश गुप्ता ने इस मामले में राशि वापस करने की बात कही तो उन्हें दबाव में लिया गया. परिवार का आरोप है कि पूरी गड़बड़ी का जिम्मेदार दिनेश गुप्ता को बताया जा रहा था. उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी भी दी गई थी. इससे वह लगातार मानसिक तनाव में थे.
जांच में पहले ही सामने आ चुका था बड़ा घोटाला
केरजू सहकारी समिति में फर्जी ऋण का मामला पहले भी सामने आ चुका था. किसानों ने इस संबंध में सरगुजा कलेक्टर से शिकायत की थी. शिकायत के बाद विभागीय स्तर पर जांच कराई गई. जांच में सहकारी समिति के माध्यम से करोड़ों रुपये के फर्जी ऋण वितरण की पुष्टि होने की बात सामने आई थी. सहकारी बैंक की जांच टीम ने भी अनियमितताओं को लेकर रिपोर्ट दी थी. इसके बाद तत्कालीन शाखा प्रबंधक को पद से हटाने की कार्रवाई की गई थी.
कई किसान अब भी कर्ज के बोझ में
इस फर्जीवाड़े का असर किसानों पर भी पड़ा है। कई किसानों के नाम पर ऋण दर्ज होने से वे बैंक के रिकॉर्ड में कर्जदार बन गए. किसानों का कहना है कि उन्होंने ऋण लिया ही नहीं फिर भी उनके खातों में लाखों रुपये का कर्ज दिखाया जा रहा है. इस मामले में अब पुलिस जांच के साथ-साथ बैंक और सहकारिता विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है.
पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश
सीतापुर पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. केसीसी फर्जीवाड़े और समिति प्रबंधक की आत्महत्या से जुड़े इस मामले में अब जांच का दायरा बढ़ सकता है. पुलिस बैंक रिकॉर्ड, ऋण दस्तावेज और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर पूरी घटना की कड़ियां जोड़ रही है.
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