महा-लापरवाही: जिंदगी से खिलवाड़! बीपी की मरीज को ठोक दिया गर्भनिरोधक इंजेक्शन!, ​प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सांकरा बना ‘एक्सपेरिमेंट लैब

Gross Negligence: Playing with a Life! Contraceptive Injection Administered to BP Patient; Sankara Primary Health Centre Turned into an ‘Experimental Lab’

महा-लापरवाही: जिंदगी से खिलवाड़! बीपी की मरीज को ठोक दिया गर्भनिरोधक इंजेक्शन!, ​प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सांकरा बना ‘एक्सपेरिमेंट लैब
महा-लापरवाही: जिंदगी से खिलवाड़! बीपी की मरीज को ठोक दिया गर्भनिरोधक इंजेक्शन!
​प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सकरा बना ‘एक्सपेरिमेंट लैब’, बिना पर्ची देखे नर्स ने किया कांड;
 ग्रामीणों में भारी आक्रोश, कानूनी कार्रवाई की उठी मांग!
​बालोद (संकरा) : सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और स्टाफ की लापरवाही के किस्से तो आम हैं, लेकिन जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) सकरा से जो खबर आ रही है, वह न सिर्फ हैरान करने वाली है बल्कि स्वास्थ्य तंत्र के माथे पर एक बड़ा कलंक है। अस्पताल में लो-ब्लड प्रेशर (Low BP) और कमजोरी का इलाज कराने आई एक बेकसूर महिला को वहां तैनात नर्स ने बिना पर्ची देखे सीधे ‘अंतरा’ (गर्भनिरोधक) इंजेक्शन लगा दिया!
​इस महा-लापरवाही के बाद पूरे इलाके में बवाल मच गया है। ग्रामीणों और परिजनों ने अस्पताल का घेराव कर सिस्टम की धज्जियां उड़ा दी हैं।
???? लापरवाही की इंतेहा:
नसबंदी हो चुकी महिला को जबरन बनाया ‘निशाना’
​पीड़ित महिला के पति टोकस ने अस्पताल प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए बताया कि उनकी पत्नी की पहले ही नसबंदी हो चुकी है। इसके बावजूद नर्स आराधना बंजारा ने बिना कोई जांच किए, बिना डॉक्टर का पर्चा देखे यह गंभीर कदम उठा लिया।

​"अगर यही गलती किसी ऐसी महिला के साथ होती जिसकी नसबंदी नहीं हुई होती, तो उसके वैवाहिक और सामाजिक जीवन का क्या होता? इसका जिम्मेदार कौन होता?" — पीड़ित के पति का तीखा सवाल।

​???? नर्स का पुराना ट्रैक रिकॉर्ड:

पहले ताकत की जगह दे दी थी खांसी की सिरप!
​ग्रामीणों का गुस्सा इस बात पर और भड़क गया कि उक्त नर्स आराधना बंजारा का विवादों से पुराना नाता है। जगन्नाथपुर में भी इस नर्स के खिलाफ शिकायत आई थी, जहां एक महिला ताकत की सिरप लेने गई थी, लेकिन उसे सर्दी-खांसी की दवा थमा दी गई थी।
नर्स के बदजुबान व्यवहार और कार्यशैली को लेकर पहले भी कई शिकायतें हुईं, लेकिन राजनीतिक या प्रशासनिक वरदहस्त के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

​???? प्रभारी डॉक्टर का 'गैर-जिम्मेदाराना' तर्क: "हड़बड़ी में हो गई मानवीय त्रुटि"

​जब मामले ने तूल पकड़ा और ग्रामीण भूपत बघेल के नेतृत्व में अस्पताल पहुंचे, तो प्रभारी चिकित्सक डॉक्टर आशीष पंथी ने इस संगीन अपराध को बेहद हल्के में लेते हुए कहा— "हड़बड़ी और अधिक कार्यभार के कारण यह मानवीय त्रुटि हुई है, हम क्षमा चाहते हैं।" डॉक्टर साहब का दावा है कि महिला की काउंसलिंग कर दी गई है और 'अंतरा' इंजेक्शन से कोई नुकसान नहीं होगा।

​बड़ा सवाल: 

क्या सरकारी अस्पतालों में मरीजों की जान 'ट्रायल एंड एरर' (गलती सुधारो और सीखो) के लिए है? 

आज गलत इंजेक्शन लगा है, कल को अगर किसी की जान चली गई तो क्या डॉक्टर साहब सिर्फ "सॉरी" बोलकर पल्ला झाड़ लेंगे?

​⚖️ इन धाराओं के तहत हो सकती है घोर लापरवाही पर कानूनी कार्रवाई!

​स्वास्थ्य विभाग भले ही इस मामले को दबाने की कोशिश करे, लेकिन भारतीय कानून के तहत यह एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, इस मामले में नर्स और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए:
​भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 (पुराने IPC की धारा 336): दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला लापरवाही भरा कृत्य। (बिना पर्ची देखे गलत इंजेक्शन लगाना सीधे तौर पर मरीज की जान जोखिम में डालना है)।
​BNS की धारा 122 (पुराने IPC की धारा 337): लापरवाही के कृत्य द्वारा किसी को चोट या मानसिक/शारीरिक आघात पहुंचाना.
​BNS की धारा 61 / 112: यदि इस कृत्य के पीछे कोई साजिश या गंभीर आपराधिक लापरवाही पाई जाती है, तो विभागीय जांच के साथ-साथ ड्यूटी में कोताही बरतने के तहत कार्रवाई.
​उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (Consumer Protection Act): चिकित्सा सेवा में गंभीर कमी (Deficiency in Service) के तहत भारी मुआवजे और लाइसेंस रद्दीकरण की कार्रवाई.

​???? जनता का अल्टीमेटम: सस्पेंशन से कम कुछ भी मंजूर नहीं!

​ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दो टूक शब्दों में जिला स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और कलेक्टर से मांग की है कि:
​आरोपी नर्स आराधना बंजारा को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) किया जाए।
​अस्पताल प्रभारी डॉक्टर आशीष पंथी की भूमिका की जांच हो, जिन्होंने इस घोर लापरवाही को "हड़बड़ी की चूक" बताकर दबाने की कोशिश की.

​अस्पताल में 'बिना पर्ची दवा और इंजेक्शन' देने के इस रैकेट और ढर्रे को तुरंत बंद किया जाए...

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