छात्रों से दुर्व्यवहार व मारपीट के आरोप में प्रधान पाठक ममता शांडिल्य सस्पेंड, संभागीय संयुक्त संचालक ने आदेश किया जारी, शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई
Head teacher Mamta Shandilya suspended over allegations of mistreatment and physical assault of students; Divisional Joint Director issues order; major action by the Education Department.
दुर्ग : दुर्ग शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों से दुर्व्यवहार, अभद्र भाषा का प्रयोग और मारपीट के आरोपों में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पतोरा की प्रधान पाठक श्रीमती ममता शांडिल्य को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. इस बारे में संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग दुर्ग ने आदेश जारी किया है.
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम पतोरा के ग्रामीणों ने कलेक्टर दुर्ग से शिकायत कर आरोप लगाया था कि प्रधान पाठक श्रीमती ममता शांडिल्य विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार करती हैं. अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती हैं और मारपीट भी करती हैं. शिकायत के बाद जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग अरविंद मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी.
जांच समिति द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन, दस्तावेजों और गवाहों के बयानों के आधार पर शिकायत सही पाई गई. जांच में यह भी सामने आया कि प्रधान पाठक के व्यवहार से विद्यालय की छात्राओं में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया था. वहीं पालकों और जनप्रतिनिधियों में भी भारी नाराजगी थी. इससे विद्यालय का शैक्षणिक और अनुशासनात्मक वातावरण प्रभावित हुआ.
संभागीय संयुक्त संचालक ने अपने आदेश में कहा है कि श्रीमती शांडिल्य का आचरण शासकीय दायित्वों के प्रति लापरवाही, गैर-जिम्मेदाराना रवैया और स्वैच्छाचारिता को दर्शाता है. जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 का उल्लंघन है और गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है.
जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा के प्रस्ताव पर कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत श्रीमती ममता शांडिल्य को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है.
तीन सदस्य जांच समिति
जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने बताया कि प्रधान पाठक के खिलाफ मिली शिकायत के बाद तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया था. इस समिति में BEO पाटन ढालेंद्र देवांगन, ADPO हेमलता बंजारे और NIS प्रशासक शिवम कटारे शामिल थे. तीनों ही अधिकारियों के द्वारा जांच के दौरान मामला सही पाए जाने पर जांच रिपोर्ट सौपी गई थी. जिसके आधार पर आज कार्यवाही की गई है.
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, दुर्ग निर्धारित किया गया है. इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा. आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है.
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