राहुल गांधी के खिलाफ नहीं दर्ज होगी एफआईआर, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दोहरी नागरिकता मामले में कुछ ही घंटो में रोका अपना ही आदेश
No FIR will be filed against Rahul Gandhi; Allahabad High Court stays its own order in dual citizenship case within hours
इलाहाबाद : एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में इलाहाबाद उच्च न्यायालय (लखनऊ बेंच) ने भाजपा कार्यकर्ता की उस याचिका पर अपना अंतिम आदेश रोक दिया है. जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ ब्रिटिश नागरिक होने के दावों के बारे में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है. अब हाईकोर्ट ने माना है कि राहुल गांधी को बिना नोटिस जारी किए एफआईआर का आदेश नहीं दिया जा सकता है.
लाइव लॉ के मुताबिक न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की अध्यक्षता वाली पीठ ने कल खुले अदालत में सुनाए गए उस फैसले को प्रभावी रूप से स्थगित कर दिया. जिसमें गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था. पीठ ने इस आदेश को टाइप और दस्तखत होने से पहले ही रोक दिया.
गौरतलब है कि अदालत ने अपने 17 अप्रैल के आदेश में जिसे कुछ ही मिनट पहले अपलोड किया गया है. यह टिप्पणी की है कि याचिका पर तब तक कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता जब तक कि संभावित आरोपी को सुनवाई का मौका न दिया जाए.
दो पेज के आदेश के मुताबिक बेंच ने जगन्नाथ वर्मा और अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य 2014 के मामले में उच्च न्यायालय के पूर्ण पीठ के फैसले को देखने के बाद फैसला रोक देने का फैसला लिया.
इस मामले में, इसने माना कि धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत मामला दर्ज करने और जांच के लिए आवेदन को अस्वीकार करने का मजिस्ट्रेट का आदेश एक अंतरिम आदेश नहीं है और धारा 397 सीआरपीसी के तहत आपराधिक पुनरीक्षण के उपाय के लिए उत्तरदायी है. इस पर भरोसा करते हुए, न्यायमूर्ति विद्यार्थी ने कहा कि इस तरह की पुनरीक्षण कार्यवाही में, संभावित आरोपी या अपराध करने के संदिग्ध व्यक्ति को आख़री फैसला लेने से पहले सुनवाई का मौका पाने का अधिकार है.
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