डेम में ‘नंबर प्लेट खेल’ का चौंकाने वाला खुलासा!, विरोध करने पर सुपरवाइजर की पिटाई, निष्पक्ष कार्यवाही की मांग, मामला दर्ज, जांच में जुटी पुलिस

Shocking revelation of 'number plate game' at Dam! Supervisor beaten for protesting, demand for fair action, case registered, police investigating

डेम में ‘नंबर प्लेट खेल’ का चौंकाने वाला खुलासा!, विरोध करने पर सुपरवाइजर की पिटाई, निष्पक्ष कार्यवाही की मांग, मामला दर्ज, जांच में जुटी पुलिस

बिलासपुर/सीपत : बिलासपुर जिले के सीपत स्थित NTPC राखड़ डेम-02 में कथित फर्जीवाड़े और गुंडागर्दी का मामला सामने आया है. ‘नंबर प्लेट के खेल’ का खुलासा करने की कोशिश एक ट्रैफिक मार्शल सुपरवाइजर को भारी पड़ गई. आरोप है कि देवी प्रसाद कुर्रे और उसके साथियों ने उस पर हमला कर दिया. वही पूरे मामले में बीजेपी नेता नरेंद्र वस्त्रकार सरपंच प्रतिनिधि ग्राम पंचायत गतौरा ने बिलासपुर पुलिस, जिला प्रशासन सहित एनटीपीसी के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्यवाही की मांग की है.
नरेंद्र का आरोप है कि देवी प्रसाद कुर्रे फर्जी नंबर प्लेट के आधार पर सिंडिकेट चला रहा है और फर्जी तरीके से करोड़ों रुपए की कमाई कर रहा है. और विरोध करने पर अपने हथियार बंद गुर्गों के साथ ग्रामीणों के साथ मारपीट करता है. इतना ही नहीं सरपंच प्रतिनिधि का आरोप है कि देवी कुर्रे बिलासपुर जिले के कलेक्टर , एसपी और एनटीपीसी के अधिकारियों को अपनी मुट्ठी में रखने का दावा करते हुए क्षेत्र में आतंक मचाने का काम कर मालामाल हो रहा है.
ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम गतोरा निवासी सुपरवाइजर ड्यूटी पर था. तभी एक हाइवा नम्बर CG 13 S 1914 राखड़ लोड करने पहुंचा.  वाहन के आगे और पीछे अलग-अलग नंबर प्लेट (10 BW 9657) देखकर जब उसने सवाल किया तो चालक ने कथित रुप से वाहन मालिक देवी प्रसाद कुर्रे को बुला लिया. इसके बाद कुर्रे अपने दर्जनभर साथियों जिनमें प्रिंस कुर्रे और दारा सिंह भी शामिल बताए जा रहे है. हथियारों के साथ मौके पर पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी.
 पीड़ित के मुताबिक आरोपियों ने लात-घूंसे से हमला किया और जान से मारने की धमकी दी. साथी पहुंचने पर आरोपी वहां से भागे. लेकिन आरोप है कि उन्होंने ग्राम हरदा तक पीछा कर दोबारा मारपीट की. किसी तरह पीड़ितों ने स्थानीय लोगों की मदद से अपनी जान बचाई.
पूरे मामले में फरियादो ने मामले की खबर देते हुए सीपत थाने में शिकायत दर्ज करवाई है. जिसके बाद सीपत पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए  भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत जुर्म दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. हालांकि अभी तक इस मामले में किसी तरह के हथियार और गाड़ी पुलिस ने जब्त नहीं की है.
इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से फर्जी नंबर प्लेट और अवैध परिवहन का खेल चल रहा है. साथ ही कुछ अधिकारियों पर संरक्षण देने के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं. ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है. ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके.
वही पूरे मामले में अभी तक ntpc प्रबन्धन का कोई पक्ष सामने नहीं आया है. लेकिन जिस तरह से फर्जी नंबर प्लेट के जरिए राखड़ परिवहन के जरिए करोड़ो के खेल के आरोप एनटीपीसी प्रबन्धन पर लगे हैं. उससे प्रबन्धन कटघरे में खड़ा नजर आ रहा है.  अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या सच सामने आता है. और एनटीपीसी प्रबन्धन पूरे मामले में कब तक जांच कर फर्जी नम्बर प्लेट के जरिए हो रहे गोरखधंधे पर कब लगाम लगा पाता है??
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