सांभर के अवैध शिकार में 12 आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी, इधर अतिक्रमण की बड़ी कोशिश नाकाम, 53 आरोपी गए जेल
12 Accused Arrested in Sambar Poaching Case, Search for Others Continues; Major Encroachment Attempt Foiled, 53 Accused Sent to Jail
सांभर के अवैध शिकार में 12 आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
गरियाबंद : उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यप्राणी संरक्षण को लेकर एंटी-पोचिंग टीम को बड़ी कामयाबी मिली है. वन विभाग की टीम ने वन्यप्राणी सांभर के अवैध शिकार के मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जबकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं.
वन विभाग को पेट्रोलिंग के दौरान स्पाई कैमरा और गोपनीय सूचना के जरिए जानकारी मिली कि कुछ लोग ग्राम स्तर पर अवैध शिकार की योजना बना रहे हैं. खबर के आधार पर निगरानी बढ़ाई गई और संदिग्ध हालात पर नजर रखी गई.
जांच में सामने आया कि शिकार की इस गतिविधि में आसपास के 3 से 4 गांवों के लोग शामिल थे. आरोपी आपस में मिलकर जंगल में प्रवेश करते, सांभर का शिकार करते और बाद में मांस को आपस में बांट लेते थे.
जांच के दौरान यह साफ हुआ कि दिनांक 11 दिसंबर 2025 को उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के कूल्हाड़ीघाट परिक्षेत्र में एक नर सांभर का अवैध तरीके से शिकार किया गया. इसके बाद 12 दिसंबर को गांव उड़ीसा में मांस को आपस में बांटने की जानकारी मिली. जिसके बाद वन विभाग की टीम ने परिक्षेत्र अधिकारी के नेतृत्व में आरोपियों के घरों की विधिवत तलाशी ली. तलाशी के दौरान सांभर का मांस, तीर-धनुष, फंदे, धारदार हथियार और शिकार में इस्तेमाल अन्य सामग्री बरामद की गई.
सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की कई धाराओं के तहत वन जुर्म दर्ज किया गया. गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया.
वन विभाग ने बताया कि इस मामले में कुछ आरोपी अभी फरार हैं. जिनकी तलाश लगातार जारी है. टीम द्वारा संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. वन अधिकारियों ने साफ किया कि वन्यप्राणी शिकार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
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अतिक्रमण की बड़ी कोशिश नाकाम, कोंडागांव जिले के 53 आरोपी गिरफ्तार
गरियाबंद/धमतरी : उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अतिक्रमण कर खेती करने की एक बड़ी कोशिश को वन विभाग ने समय रहते नाकाम कर दिया है. कोर जोन में अवैध तरीके से घुसकर जंगल साफ किए जाने की खबर पर की गई सख्त कार्रवाई में कोंडागांव जिले से आए 53 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. सभी आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद 14 दिनों के लिए जेल दाखिल कर दिया गया है. इस मामले में आरोपियों पर 3 से 7 साल तक की सजा का प्रावधान है।
कोर जोन में पेड़-पौधों की कटाई कर खेती की तैयारी
मिली जानकारी के मुताबिक 16 दिसंबर 2025 को उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व के सीतानदी (कोर) परिक्षेत्र अंतर्गत आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 323, परिसर घोटबेड़ा में अतिक्रमण की खबर मिली थी. जांच में सामने आया कि कोंडागांव जिले के विभिन्न गांवों—देवडोंगर, डोंडरा, कोरगांव, रावबेड़ा, पिटसपाल, रहटीपारा, हरवेल, कोडकामेटा, बड़बतर, छोटे राजपुर, चिलपुड़ी, करमरी, कोकड़ी, बागबेड़ा, डोंगाईपारा सहित अन्य गांवों के ग्रामीण बिना अनुमति के टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में घुसकर खेती करने के मकसद से छोटे-छोटे पेड़ एवं झाड़ियों की कटाई-सफाई कर रहे थे.
जानकारी मिलते ही सहायक संचालक सीतानदी, परिक्षेत्र अधिकारी सीतानदी एवं परिक्षेत्र अधिकारी अरसीकन्हार के नेतृत्व में तीन परिक्षेत्रों की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर दबिश दी गई. वन अमले ने मौके से सभी 53 आरोपियों को हिरासत में लिया और उनके पास से 53 नग कुल्हाड़ी जब्त की गईं. जिनका इस्तेमाल जंगल की कटाई में किया जा रहा था.
वन विभाग द्वारा आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 27, 29, 31, 50, 51 एवं 52 तथा भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26(1)(क) के तहत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 15/05, 15/06 एवं 15/07 दर्ज किया गया. सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला धमतरी के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया.
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