मूलभूत सुविधाओं के लिए के लिए ग्रामीणों का नेशनल हाईवे 130 सी मैनपुर देवभोग मार्ग में सुबह 4 बजे से अनिश्चितकालीन चक्काजाम, पुल-सड़क-बिजली की मांग तेज
Villagers staged an indefinite blockade of National Highway 130C, Mainpur Devbhog, from 4 am to demand basic amenities; demands for bridges, roads, and electricity intensified.
गरियाबंद : नेशनल हाईवे 130 सी मुख्य मार्ग गरियाबंद देवभोग ओड़ीसा जोड़ने वाले मार्ग में आज मंगलवार सुबह 4 बजे से ग्रामीण ग्राम जुगाड़ के पास चक्काजाम शुरू कर दिया. सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण नेशनल हाईवे के ऊपर बैठकर लगातार नारेबाजी की. जिसकी वजह से दोनों तरफ वाहनों की लंबी काफिला लग गई.
अमाड देवझर अमली जाने वाले मार्ग में निर्माण किए गए पुल को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क विभाग द्वारा बगैर अनुमति लिए तोड़ दिया गया और नया पुल का निर्माण नहीं किया जा रहा है. इसके साथ ही क्षेत्र में सड़क पुल पुलिया की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मैनपुर पहुंचकर एस डी एम कार्यालय में कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा था. चक्काजाम की चेतावनी पूर्व में ही दिया गया था. उनके समस्याओं के समाधान नहीं होने के कारण ग्रामीण आज सुबह तड़के 4 बजे से ही नेशनल हाईवे में चक्काजाम कर दिया. जिसकी वजह से आने जाने या यात्रियों और अन्य वाहनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
बता दें कि NH130C जुगाड़ मार्ग से करीब 9 किलोमीटर दूर घने जंगलों में बसे ग्राम अमांड, देवझरअमली और कुमकोट के ग्रामीण आजादी के 77 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं. क्षेत्र में न तो पक्की सड़क है. न ही बिजली की सुविधा उपलब्ध है और न ही नालों-नदियों पर पुल-पुलिया का निर्माण हो सका है.
ग्रामीणों का कहना है कि इन सुविधाओं के अभाव में सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं, स्कूली बच्चों, बीमार मरीजों और राशन सामग्री लाने-ले जाने में होती है. बरसात के दिनों में हालत और भी गंभीर हो जाती है. जब संपर्क पूरी तरह टूट जाता है.
ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि वे समय-समय पर ग्राम पंचायत के जरिए शासन-प्रशासन को आवेदन देकर समस्याओं से अवगत कराते रहे हैं. लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
वर्तमान में पटटाबाहाल नाला पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पुलिया निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई थी. पूर्व में वहां रपटा (अस्थायी मार्ग) बनाया गया था. जिसे ठेकेदार द्वारा पुल निर्माण के लिए तोड़ दिया गया. हालांकि रपटा तोड़े जाने के एक हफ्ते बाद ही वन विभाग ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी. जिससे ग्रामीणों की समस्या और बढ़ गई है.
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें इस तरह हैं:
पटटाबाहाल नाला पर पुलिया का शीघ्र निर्माण किया जाए.
अमांड नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की जाए.
NH130C जुगाड़ मार्ग से अमांड होते हुए देवझरअमली तक डामरीकरण सड़क का निर्माण कार्य कराया जाए.
ग्राम पंचायत अमांड के सभी आश्रित ग्रामों का विद्युतिकरण किया जाए.
चक्काजाम आंदोलन में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी तादाद में शामिल हुए. इस दौरान संजय नेताम, लोकेश्वरी नेताम और उमेश डोंगरे सतीश साहू सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
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