जमीन खरीदने का झांसा देकर महिला से 20 लाख की ठगी, दोनों चेक बाउंस, CSP का ड्राइवर आरक्षक और पत्नी दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
Woman defrauded of ₹20 lakh under the pretext of a land deal; both cheques bounced. An FIR has been registered against a CSP's driver (a police constable) and his wife.
अंबिकापुर : शहर के पटपरिया निवासी एक महिला से वर्ष 2023 में आरक्षक और उसकी पत्नी ने जमीन खरीदने के नाम पर 30 लाख रुपए उधार लिए थे. उन्होंने कहा था कि पीडब्ल्यूडी विभाग में उनका 75 लाख का काम बकाया है. मिलते ही रुपए चुका देंगे. लेकिन रुपए लौटाने में वे आनाकानी करते रहे. महिला ने जब दबाव बनाया तो 10 लाख रुपए लौटाए. बाद में आरक्षक और उसकी पत्नी ने 10-10 लाख के चेक दिए. जो बाउंस हो गए. ठगी की शिकार महिला ने मामले की रिपोर्ट गांधीनगर थाने में दर्ज कराई. पुलिस ने आरोपी आरक्षक और उसकी पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी का जुर्म दर्ज कर लिया है. पीडि़त महिला का कहना है कि आरोपित आरक्षक अंबिकापुर सीएसपी का ड्राइवर है.
अंबिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत पटपरिया निवासी अनुपमा सिंह 45 साल ने सीएसपी के ड्राइवर शहर के नवापारा गोधनपुर रोड निवासी प्रवीण प्रताप सिंह और उसकी पत्नी अल्का प्रताप सिंह के खिलाफ 6 जुलाई को थाने में 20 लाख रुपए ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पीडि़ता ने बताया कि वह परित्यक्ता है और अपने 2 बच्चों के साथ रहती है.
वह घर पर ही अनुपमा मेक ओवर के नाम से ब्यूटी पार्लर का संचालन करती है. उसने बताया कि अल्का सिंह उसकी रिश्तेदार है. इस वजह से उससे उसके घरेलू संबंध हैं. 11-30 जुलाई 2023 के बीच आरक्षक प्रवीण प्रताप सिंह और अल्का सिंह ने जमीन खरीदने के लिए फौरन जरुरत बताते हुए 30 लाख रुपए उधार लिए थे.
उन्होंने कहा था कि पीडब्ल्यूडी में 75 लाख का उनका काम बकाया है. रुपए मिलते ही वापस कर देंगे. पीडि़ता ने बताया कि जब वे रुपए मांगने लगी तो वे उसे झांसा देते रहे कि रायपुर पीडब्ल्यूडी ऑफिस में रुपए निकालने में लगे हैं. काफी दबाव बनाने के बाद मार्च 2025 में उन्होंने उसे 10 लाख रुपए वापस लौटाए.
20 लाख के चेक बाउंस
पीडि़ता ने बताया कि बाकी के बचे 20 लाख रुपए मांगने पर 5 जून और 13 जून 2025 को 10-10 लाख रुपए के दो चेक दिए. इसे बैंक में लगाने पर दोनों बाउंस हो गए. इस पर उसके द्वारा दोनों को नोटिस भेजा गया था. महिला का कहना है कि नोटिस के जवाब में उन्होंने बताया कि वे सिर्फ 13 लाख ही देंगे. क्योंकि मैं बाकी का ब्याज मांग रही हूं.
इसके बाद उन्होंने मुझ पर कर्जा एक्ट के तहत थाने में शिकायत दर्ज कराई. पीडि़ता का कहना है कि चूंकि प्रवीण प्रताप सिंह पुलिस विभाग में आरक्षक है. इस वजह से वह झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी उसे देता रहा है.
आरक्षक और पत्नी के खिलाफ जुर्म दर्ज
पीडि़ता ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया कि पुलिस विभाग में होने का फायदा उठाते हुए आरक्षक प्रवीण प्रताप सिंह ने कई लोगों से लाखों रुपए उधार लेकर गबन किया है. इधर गांधीनगर पुलिस ने पीडि़ता की रिपोर्ट पर 6 जुलाई को आरक्षक प्रवीण प्रताप सिंह और उसकी पत्नी अल्का प्रताप सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 व 34 के तहत जुर्म दर्ज कर मामले की जांच शुुरु कर दी है. मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक बीरेंद्र कुजूर को सौंपी गई है.
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