एक करोड़ का बीमा-फिर 19 लाख की उगाही का खेल, दिवंगत आरक्षक के परिवार को धमकाने के आरोप में थाना प्रभारी गिरफ्तार, वकील फरार, मची खलबली
A ₹1 crore insurance payout followed by a ₹19 lakh extortion racket: Station House Officer arrested for threatening the family of a deceased constable; lawyer absconding; stir ensues.
नारायणपुर : छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के खिलाफ सख्त कार्रवाई का एक बड़ा मामला सामने आया है. नारायणपुर जिले में सड़क हादसे में दिवंगत हुए डीएसएफ आरक्षक के परिवार को मिले एक करोड़ रुपये के दुर्घटना बीमा दावे में अनियमितता और अवैध वसूली के आरोप में तत्कालीन थाना प्रभारी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया. मामले में एक अधिवक्ता की संलिप्तता भी सामने आई है. जिसकी पुलिस तलाश कर रही है.
मिली जानकारी के मुताबिक डीएसएफ आरक्षक स्व धनेश्वर नुरेटी की सड़क हादसे में मौत के बाद उनकी पत्नी के बैंक खाते में भारतीय स्टेट बैंक के वेतन पैकेज के तहत एक करोड़ रुपये की दुर्घटना बीमा राशि जमा हुई थी. आरोप है कि बीमा राशि दिलाने के नाम पर तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश चंद्र यादव और अधिवक्ता कृष्ण कुमार वर्मा ने मृतक के परिजनों से 19 लाख रुपये ले लिया.
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दोनों आरोपियों ने शेष बीमा राशि में भी 50% हिस्सेदारी की मांग की. परिजनों द्वारा इसका विरोध करने पर उन्हें अदालत में मुकदमा दर्ज कराने, कानूनी कार्रवाई में फंसाने तथा लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की धमकी दी गई. लगातार कथित दबाव और अतिरिक्त राशि की मांग से परेशान होकर मृतक आरक्षक के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय, नारायणपुर में शिकायत दर्ज कराई.
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. शुरुआती जांच में मिले तथ्यों के आधार पर कोतवाली नारायणपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318, 308 तथा अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत जुर्म दर्ज किया गया. इसके बाद तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश चंद्र यादव को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया. जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया. वहीं सह-आरोपी अधिवक्ता कृष्ण कुमार वर्मा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार तलाश कर रही है.
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और मिले सबूतों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. जांच में अगर अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
यह मामला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि आरोप एक ऐसे परिवार से जुड़े हैं, जिसने सड़क हादसे में अपने सदस्य को खोया और उसके बाद बीमा राशि को लेकर कथित दबाव और अवैध वसूली का सामना करना पड़ा. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस आगे के सबूतों के आधार पर कार्रवाई कर रही है.
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