बाप-बेटे की लड़ाई शांत कराना सिपाही को पड़ा भारी,पिता पर चाकू लेकर दौड़ा बेटा, पुलिस पहुंची तो आरक्षक पर कर दिया हमला, जवान हमले से लहूलुहान

A constable paid a heavy price for trying to defuse a dispute between a father and son; the son charged at his father with a knife and attacked the officer when the police arrived, leaving the policeman bloodied.

बाप-बेटे की लड़ाई शांत कराना सिपाही को पड़ा भारी,पिता पर चाकू लेकर दौड़ा बेटा, पुलिस पहुंची तो आरक्षक पर कर दिया हमला, जवान हमले से लहूलुहान

बिलासपुर : बिलासपुर शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक पारिवारिक विवाद ने उस समय गंभीर रूप ले लिया. जब एक युवक ने अपने ही पिता को चाकू लेकर दौड़ा दिया. हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि मौके पर पहुंची डायल-112 टीम को दखल करना पड़ा. आरोपी को काबू करने के दौरान उसने एक आरक्षक पर डंडे से हमला कर दिया. जिससे  घायल हो गया. पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ी घटना टल गई.
मिली जानकारी के मुताबिक 17 जून 2026 को डायल-112 को खबर मिली कि कुदुदंड क्षेत्र में रहने वाला सागर सूर्यवंशी अपने पिता मुन्ना सूर्यवंशी के साथ विवाद कर रहा है. विवाद के दौरान वह गाली-गलौच और मारपीट पर उतर आया और हाथ में चाकू लेकर पिता को जान से मारने की धमकी देते हुए दौड़ाने लगा. घर और आसपास का माहौल डर और अफरा-तफरी में बदल गया.
खबर मिलते ही सिविल लाइन ईगल-02 डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची. पुलिसकर्मियों ने हालात को संभालते हुए आरोपी के हाथ से चाकू छीन लिया. लेकिन जैसे ही जवान उसे कंट्रोल करने का प्रयास कर रहे थे. आरोपी ने पास में रखा डंडा उठाकर अचानक आरक्षक मोरज सिंह (क्रमांक 788) के सिर पर हमला कर दिया. हमले में आरक्षक को चोट आई. जिसके बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए आरोपी को काबू में किया.
हमले की खबर पर थाना सिविल लाइन की पेट्रोलिंग टीम भी मौके पर पहुंच गई और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने लाया गया. शुरुआती जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि आरोपी की मानसिक हालत सामान्य नहीं है और उसका इलाज भी चल रहा है. हालांकि पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि विवाद की असल वजह क्या थी.
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पारिवारिक विवाद कई बार अचानक हिंसक रूप ले सकते हैं. अगर डायल-112 की टीम समय पर नहीं पहुंचती. तो मामला किसी बड़ी अनहोनी में बदल सकता था। घायल आरक्षक की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है.
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया है और मामले में विधिसम्मत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है. वहीं, घटना के बाद इलाके में चर्चा का विषय यह भी बना हुआ है कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के मामलों में परिवारों को अतिरिक्त सतर्कता और चिकित्सकीय निगरानी की जरुरत है. ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके.
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