फर्जी पुलिस बनकर चौकी बुलाने की दी धमकी, युवक ने किया सुसाइड, आत्महत्या से पहले लाइव वीडियो वायरल, असली गुनहगार सचिन गिरफ्तार
A man threatened to call a police station after posing as a policeman, resulting in a suicide attempt. A live video of the suicide went viral, and the real culprit, Sachin, was arrested.
कोरबा/जांजगीर-चाम्पा : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां उरगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पताड़ी गांव में एक युवक ने कथित तौर पर पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर खुदकुशी कर ली है। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और इलाके में हड़कंप मच गया है. जांजगीर-चाम्पा पुलिस ने जांच के बाद उस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. जो फर्जी पुलिसकर्मी बनकर युवक को प्रताड़ित कर रहा था. शुरुआती खबरों में पंतोरा चौकी पुलिस पर प्रताड़ना के आरोप लग रहे थे. लेकिन पुलिस की सघन जांच ने असली गुनहगार को बेनकाब कर दिया है.
वर्दी का डर दिखाकर दी थी चौकी बुलाने की धमकी
मिली जानकारी के मुताबिक़ कोरबा जिले के ग्रेवरा बस्ती निवासी सचिन खरे ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर सनत कश्यप को कॉल किया था. उसने युवक को किसी मामले में फंसाने और पंतोरा चौकी बुलाने की धमकी दी. पुलिस की वर्दी और कानून के पचड़े से घबराए युवक ने उरगा थाना क्षेत्र में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. सुसाइड से पहले युवक ने एक वीडियो बनाया था. जिसमें उसने अपनी मानसिक प्रताड़ना का जिक्र किया था.
जांजगीर-चाम्पा पुलिस ने साइबर सेल की मदद से कॉल रिकॉर्ड्स और लोकेशन ट्रैक किया. जांच में पता चला कि जिस नंबर से धमकी मिली थी, वह किसी पुलिसकर्मी का नहीं बल्कि कोरबा जिले के ग्रेवरा बस्ती निवासी सचिन खरे ने खुद को पुलिस बताकर मृतक को फोन किया था. सचिन खरे ने अपने भाई शैलेन्द्र पाटले के मोबाइल नंबर से सनत कश्यप को कॉल कर पंतोरा चौकी से बोलने की बात कही और उसे गाली-गलौज करते हुए थाने आने के लिए कहा. पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया है. आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने महज डराने के लिए पुलिस का नाम इस्तेमाल किया था.
दरअसल, सचिन खरे की बहन स्नेहा खरे 12 मार्च को कॉलेज जाने की बात कहकर घर से निकली थी और रात तक घर नहीं लौटी. तलाश के दौरान सचिन को पता चला कि वह धीरेन्द्र पाटले के साथ गई है. इसी शक में उसने धीरेन्द्र के दोस्त सनत कश्यप को फोन कर पुलिस बनकर धमकाया.
फोन कॉल से घबराकर सनत कश्यप ने उरगा थाना क्षेत्र के पताढ़ी में आत्महत्या कर ली. मामले में पुलिस ने आरोपी सचिन खरे को हिरासत में लेकर पूछताछ की. जहां उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
“युवक की मौत के मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही थी. लेकिन तकनीकी जांच में साफ हुआ कि आरोपी फर्जी पुलिसवाला बनकर धमका रहा था. हमने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है.” - जिला पुलिस अधीक्षक (SP), जांजगीर-चाम्पा
इस घटना ने स्थानीय लोगों को गहरे तनाव में डाल दिया है. पुलिस प्रशासन ने नागरिकों के लिए विशेष सलाह जारी की है. ताकि भविष्य में ऐसे फर्जीवाड़े का शिकार होने से बचा जा सके:
आईडी कार्ड मांगें: अगर कोई खुद को पुलिस बताकर फोन पर धमकाता है, तो तुरंत उसका नाम, पद और बेल्ट नंबर पूछें.
सीधे थाने पहुंचें: किसी अज्ञात जगह मिलने के बजाय हमेशा नजदीकी पुलिस स्टेशन जाकर ही बात करें.
डायल 112 का उपयोग: किसी भी संदिग्ध कॉल या धमकी की जानकारी तत्काल ‘डायल 112’ पर दें.
अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया पर बिना जांचे किसी भी पुलिस अधिकारी या चौकी के खिलाफ आरोप न लगाएं.
पुलिस अब आरोपी के पुराने रिकॉर्ड्स खंगाल रही है कि कहीं उसने पहले भी किसी और को इसी तरह शिकार तो नहीं बनाया. फिलहाल आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और फर्जी अधिकारी बनने का मामला दर्ज किया गया है. बलौदा थाना में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 113/26 के तहत धारा 204 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है. वहीं आरोपी की बहन स्नेहा खरे की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना कुसमुंडा, जिला कोरबा में दर्ज है.
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