आपत्तिजनक फोटो दिखाने और बैड टच का आरोप, प्रधान पाठक नेतराम और शिक्षक सस्पेंड, FIR दर्ज, इधर महिला पुलिसकर्मी बर्खास्त
Accused of showing objectionable photos and bad touch, head teacher Netram and teacher suspended, FIR registered, while female police personnel dismissed
आपत्तिजनक फोटो दिखाने और बैड टच के आरोप बाद प्रधान पाठक नेतराम और शिक्षक सस्पेंड, FIR दर्ज
राजनांदगांव : ब्लॉक के मोहबा प्राथमिक स्कूल के प्रधानपाठक नेतराम वर्मा पर छात्राओं से अश्लील हरकत, आपत्तिजनक फोटो दिखाने और बैड टच जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. वहीं सहायक शिक्षक डीसम तिवारी पर पूरे मामले को दबाने का आरोप साबित होने के बाद दोनों को सस्पेंड कर दिया गया है. पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत प्रधानपाठक नेतराम वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच जारी है.
इस मामले जानकारी तब हुई जब कुछ छात्राओं ने स्कूल जाना बंद कर दिया. परिजनों को यह असामान्य लगा और जब उन्होंने बच्चों से कारण पूछा तो बच्चियों ने जो बताया. उसने सबको झकझोर कर रख दिया.
बच्चियों ने बताया कि प्रधानपाठक नेतराम वर्मा उन्हें अपने कमरे में बुलाकर अश्लील फोटो दिखाता था और उनके साथ अनुचित व्यवहार करता था. 6 अगस्त को पालक समिति की बैठक में अभिभावकों ने इस विषय को उठाया. आक्रोशित पालकों ने 7 अगस्त को बीईओ कार्यालय में लिखित शिकायत की. जिसके बाद संकुल समन्वयक द्वारा जांच कर रिपोर्ट डीईओ को सौंपी गई.
सहायक शिक्षक को थी जानकारी
सहायक शिक्षक डीसम तिवारी को इसकी जानकारी थी. लेकिन उन्होंने न विरोध किया. न ही विभाग को खबर दी. उनकी इस उदासीनता को लापरवाही मानते हुए डीईओ ने उन्हें भी सस्पेंड कर दिया. चिखली चौकी प्रभारी अरुण नामदेव ने बताया कि आरोपी प्रधानपाठक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कर मामले की जांच तेजी से की जा रही है.
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दुर्ग/भिलाई : छत्तीसगढ़ शासन गृह पुलिस विभाग ने महिला प्रधान आरक्षक 942 मोनिका सोनी उर्फ मोनिका गुप्ता को सेवा से बर्खास्त कर दिया है. विभागीय जांच में यह साबित हुआ कि उन्होंने एक व्यक्ति से नौकरी लगवाने के नाम पर अवैध तरीके से रकम लेकर अपने पद का दुरुपयोग किया. एसएसपी विजय अग्रवाल ने उनके सस्पेंड का आदेश जारी किया है.
एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि मोनिका सोनी पर आरोप था कि उन्होंने अभय कुमार की बेटी प्रीति पटेल साहू को नौकरी दिलाने के नाम पर रकम ली और अपने पद का दुरुपयोग कर पुलिस नियमावली व सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन किया. इस मामले में शिकायत पर विभागीय जांच 28 अक्टूबर 2024 को शुरु हुई. जांच के दौरान तत्कालीन पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों के निर्देश पर साक्ष्य और गवाहों के बयान लिए गए.
एसएसपी ने बताया कि जांच अधिकारी की रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि मोनिका सोनी के खिलाफ लगे आरोप प्रमाणित हैं. मोनिका को 19 जुलाई 2025 को आरोपपत्र की प्रति प्रदान की गई थी, लेकिन उन्होंने निर्धारित समय में अपना पक्ष पेश नहीं किया. इसके बाद 28 जुलाई 2025 को अंतिम स्मरण पत्र भी जारी किया गया. जिसका भी कोई जवाब नहीं दिया गया.
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