लापरवाही की भेंट चढ़ा डैम, गेट टूटने से भारी तबाही, हाईवे बना दरिया, 12 से अधिक गांवों में 20 घंटे से बह रहा पानी, फसल बर्बाद होने की आशंका, यातायात ठप

Dam collapses due to negligence, gate collapses causing massive destruction, highway turns into a river, water flows into more than two villages for 20 hours, fears of crop loss, traffic halted

लापरवाही की भेंट चढ़ा डैम, गेट टूटने से भारी तबाही, हाईवे बना दरिया, 12 से अधिक गांवों में 20 घंटे से बह रहा पानी, फसल बर्बाद होने की आशंका, यातायात ठप

रायगढ़ : रायगढ़।जिला मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर भूपदेवपुर थाने के पास स्थित बिलासपुर जलाशय का एक पुराना गेट शुक्रवार की शाम पानी का भारी दबाव नहीं झेल सका और अचानक भरभरा कर टूट गया. गेट टूटते ही जलाशय का लाखों गैलन पानी उफनती लहरों के साथ बाहर निकल पड़ा. जिसने रायगढ़-खरसिया हाईवे को पूरी तरह जलमग्न कर दिया. सड़क पर घुटने भर पानी भरने से यातायात ठप हो गया और हाईवे पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। सुबह होने के बाद नार्मल यातायात शुरु हुई है.
पिछले 19-20 घंटों से पानी लगातार सड़कों पर बह रहा है. हालांकि वर्तमान में जल प्रवाह की तीव्रता पहले के मुकाबले कुछ कम जरुर हुई है. लेकिन खतरा अभी टला नहीं है. अगर पानी का बहाव इसी तरह बना रहा तो यह आसपास के खेतों में घुस जाएगा. जिससे रबी की खड़ी फसलों के पूरी तरह बर्बाद होने की स्थिति बन हो रही है. भूपदेवपुर, दर्री, कीरितमाल, कुशवाबहरी और कोंडतराई के किसान अपनी महीनों की मेहनत को लेकर बेहद चिंतित हैं. जल संसाधन विभाग को तत्काल ऐसी व्यवस्था करनी पड़ेगी जिससे किसानों की फसल तक पानी न पहुंचे वरना पानी के ओवरफ्लो से फसल बर्बाद हो जाएगी.
हादसे के वक्त एक तरफ डैम का पानी सड़कों पर था. तो दूसरी तरफ आसमान से बारिश शुरू हो गई. इस दोहरी मुसीबत के बीच स्थानीय ग्रामीणों ने गजब का साहस दिखाया. खबर मिलते ही ग्रामीण टार्च, रापा, गैती और सब्बल लेकर मौके पर पहुंच गए. अपने घरों और मवेशियों को बचाने के लिए ग्रामीणों ने उफनते पानी और कीचड़ के बीच रात भर मोर्चा संभाला. रेत से भरी बोरियों के सहारे बहाव को कम करने की कोशिश की गई और मिट्टी काटकर पानी को सुरक्षित दिशा में मोड़ा गया.
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशिक्षु आईएएस एवं प्रभारी एसडीएम (खरसिया) अक्षय जोशी, एसडीएम प्रवीण तिवारी और तहसीलदार संदीप राजपूत दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे. भूपदेवपुर थाना प्रभारी संजय नाग और उनकी टीम ने मोर्चा संभालते हुए हाईवे पर सुरक्षा और यातायात को नियंत्रित किया. अधिकारियों और ग्रामीणों के बेहतर तालमेल से मुख्य सड़क के किनारे एक वैकल्पिक रास्ता बनाया गया. जिससे जमा हुआ पानी धीरे-धीरे कम हुआ और आवाजाही बहाल हो सकी.
थाना प्रभारी संजय नाग ने बताया कि बेकाबू पानी को नीचे स्थित एक प्राकृतिक नहर की ओर डायवर्ट कर दिया गया है. कलेक्टर ने स्थिति को जल्द नियंत्रण में लेने और नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने का आश्वासन दिया है.
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