बस स्टैंड के लिए प्रस्तावित जमीन पर बना इको पार्क, लाखों खर्च और 4 साल बाद भी अधूरा, नेशनल हाईवे पर मॉर्निंग वॉक को मजबूर नगरवासी

Eco Park built on the land proposed for bus stand lakhs spent and incomplete even after 4 years residents forced to take morning walk on National Highway

बस स्टैंड के लिए प्रस्तावित जमीन पर बना इको पार्क, लाखों खर्च और 4 साल बाद भी अधूरा, नेशनल हाईवे पर मॉर्निंग वॉक को मजबूर नगरवासी

गरियाबंद : शहर में साल 2019 में इको पार्क की नींव रखी गई. तय हुआ कि इसे ऑक्सी जोन के रुप में विकसित कर एक संपूर्ण गार्डन का स्वरुप दिया जाएगा. अनुमानित बजट में फाउंटेन, ओपन हाउस, बच्चों के लिए जरुरी झूले, रोज गार्डन, पाथवे और कई तरह के पेड़ों के अलावा एक विकसित आकर्षक गार्डन बनाना था. इस तय अनुमान में ढाई करोड़ से ज्यादा खर्च होने थे.
साल 2019 में करीब 45 लाख रुपए कैंपा मद में आए. जिससे वृक्षारोपण और तार-घेरा जैसे काम कराए गए. करीब 20 लाख रुपए बाउंड्री वॉल, गेट, पाथवे और रखरखाव जैसे अन्य कार्यों में खर्च किए गए. अब तक करीब 65 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं. फिर भी लाखों का यह गार्डन किसी काम में नहीं आ रहा है और महीनों से प्रवेश द्वार पर ताला लटका हुआ है.
जिला बनने के बाद गरियाबंद का विकास जिस गति से होना चाहिए था. नहीं हुआ. मॉर्निंग वॉक के लिए लोग नेशनल हाईवे पर चलते हैं. धुंध में जान जोखिम में लिए लोग वॉकिंग पर निकल रहे हैं. कुछ लोग कलेक्टर परिसर, पुलिस ग्राउंड और खेल मैदान भी जाते हैं.
मॉर्निंग वॉक पर निकले इमरान मेमन, तरुण यादव और बिंदु ने बताया कि इको पार्क में ताला लगा रहता है. जिसके चलते हम सड़क पर मजबूरी में वॉकिंग करते हैं. इको पार्क जिस हालत में भी है. अगर गेट खोल देते तो यह वॉकिंग के काम आता.
मॉर्निंग वॉक पर निकले अधिवक्ता प्रशांत मानिकपुरी ने कहा कि इको पार्क और ऑक्सीजोन जैसे स्थान औद्योगिक क्षेत्र के लिए बनाए जाने थे. फिर भी अगर इसे बनाया गया तो इसका इस्तेमाल करने के लिए खोला जाना चाहिए था. देखरेख की कमी में पेड़-पौधे मर रहे हैं.
तत्कालीन कलेक्टर श्रुति सिंह के समय स्थल को बस स्टैंड के लिए प्रस्तावित किया गया था. आज बस स्टैंड के लिए जमीन तलाशी जा रही है. जरुरत को प्राथमिकता देते हुए अगर नगरवासी इको पार्क के लिए सहमत हुए तो इसे नगर को तैय्यार देना चाहिए. इस मामले में जल्द ही जनहित याचिका दायर करूंगा.
गरियाबंद वन मंडल के डीएफओ लक्ष्मण सिंह ने कहा कि इको पार्क का काम होना बाकी है. फंड के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है. फंड आते ही काम शुरु करेंगे. उन्होने कहा कि वह जल्द ही मौके का निरीक्षण करेंगे. हालात का जायजा लेने के बाद जरुरत के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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