बीजेपी के पूर्व एल्डरमैन के घर घुसकर हमला, कई घायल, वीडियो वायरल, इधर थाने में नशे में धुत आरक्षक पर महिलाओं से दुर्व्यवहार का आरोप

Former BJP alderman's home attacked, several injured, video goes viral, while a drunk police constable is accused of misbehaving with women at the police station

बीजेपी के पूर्व एल्डरमैन के घर घुसकर हमला, कई घायल, वीडियो वायरल, इधर थाने में नशे में धुत आरक्षक पर महिलाओं से दुर्व्यवहार का आरोप

बिलासपुर/चकरभाठा : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के करीब बोदरी चकरभाटा में एक पूर्व एल्डरमैन और उनके परिवार पर जानलेवा हमला हो गया. आरोप है कि शेरे पंजाब ढाबा के संचालक पप्पू सरदार और उसके परिजनों ने नगर पालिका परिषद बोदरी के पूर्व एल्डरमैन राजकुमार यादव के घर में घुसकर हमला किया. घटना इतनी हिंसक थी कि राजकुमार यादव सहित उनके भाई राजेश और राजेंद्र गंभीर रुप से घायल हो गए. तीनों को नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां राजकुमार यादव आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं. यह मामला चकरभाठा थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 12 का है.
मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व एल्डरमैन राजकुमार यादव और उनके पड़ोसी अनिल शर्मा और आलोक शर्मा के बीच नाली सफाई को लेकर विवाद हुआ था.
इसी विवाद के दौरान कथित तौर पर अनिल शर्मा ने ढाबा संचालक पप्पू सरदार को मौके पर बुला लिया. इसके बाद पप्पू सरदार अपने परिवार के साथ यादव परिवार के घर में घुस आया और लाठी-डंडे और धारदार हथियारों से हमला कर दिया.
राजकुमार यादव पहले से लकवे के मरीज हैं. जिससे उनकी हालत और नाजुक हो गई. पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने महिलाओं पर भी हमला किया और घर में तोड़फोड़ की.
वारदात का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. जिसमें हमलावरों को घर के भीतर घुसकर परिवार के सदस्यों को बेरहमी से पीटते देखा जा सकता है.
वीडियो सामने आने के बाद शहर में सनसनी फैल गई और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं.
इस हमले में घायल राजकुमार यादव को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत को बेहद नाजुक बताया. उनके भाई राजेश और राजेंद्र भी गंभीर चोटों के साथ इलाज करा रहे हैं. परिवार के सदस्यों ने पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है. पीड़ित पक्ष के राजेंद्र यादव ने कहा कि हमारे ऊपर जानलेवा हमला हुआ है. महिलाएँ तक नहीं छोड़ीं. हम इंसाफ चाहते हैं.
इस घटना के बाद चकरभाठा क्षेत्र में तनाव का माहौल है. स्थानीय लोगों का कहना है कि नाली जैसे मामूली विवाद पर इस तरह की हिंसा ने पूरे मोहल्ले को डरा दिया है. पुलिस टीम ने जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है.
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बिलासपुर : बिलासपुर जिले के ग्रामीण इलाके ग्राम गुमा से भी एक और चौंकाने वाली वारदात सामने आई है. यहां नितमन गेंदले और उनके परिवार पर गांव के ही कुछ लोगों ने रात में हमला कर दिया. पीड़ित परिवार का कहना है कि वे पूजा कार्यक्रम में शामिल होने गए थे. तभी कुछ लोगों ने गाली-गलौज करते हुए पत्थरबाज़ी शुरु कर दी.
इस हमले में परिवार के कई सदस्य घायल हो गए. पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि हमले के पीछे खम्मन दास गेंदले, रिया, अजित और सोनी का नाम सामने आ रहा है.
पुलिस पर गंभीर सवाल
पीड़ितों के मुताबिक उन्होंने तत्काल 112 पर कॉल कर खबर दी और थाना बिल्हा पुलिस को भी जानकारी दी. मगर न तो तत्काल कार्रवाई हुई और न ही शाम तक एफआईआर दर्ज की गई. परिवार ने आरोप लगाया है कि ड्यूटी पर  आरक्षक शराब के नशे में था और उसने न सिर्फ शिकायत दर्ज करने से इंकार किया. बल्कि महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार भी किया. परिवार का कहना है कि उन्हें थाने में घंटों बैठाकर धमकाया गया.
एसपी को सौंपेंगे शिकायत
पीड़ित सरल बघेल ने बताया कि वे इस पूरे मामले की लिखित शिकायत अब पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को सौंपने जा रहे हैं. उनका कहना है कि स्थानीय पुलिस कार्रवाई से बच रही है. अगर हमें इंसाफ नहीं मिला तो अपने परिवार की सुरक्षा के लिए खुद कदम उठाने पर मजबूर होंगे. 
इस मामले में बिल्हा थाना प्रभारी उमेश साहू का कहना है कि फिलहाल  उन तक कोई लिखित में शिकायत नहीं हुई है. 
गांव में भय का माहौल
हमले और पुलिस की लापरवाही से ग्राम गुमा में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि आरोपियों का स्थानीय प्रभाव इतना है कि वे खुलेआम घूम रहे हैं. जबकि पीड़ित परिवार डर के साए में है.

दोनों घटनाएँ — एक शहर, दो चेहरों की कहानी
बिलासपुर जिले में एक ओर शहर के बीचों बीच पूर्व एल्डरमैन पर हमला और दूसरी ओर ग्रामीण इलाके में पीड़ित परिवार पर पत्थरबाजी दोनों घटनाएँ इस बात की गवाही दे रही हैं कि स्थानीय विवाद किस तरह हिंसा में तब्दील हो रहे हैं.
चकरभाठा से लेकर ग्राम गुमा तक, सवाल एक ही है- कब तक आम नागरिक हिंसा और डर के बीच फँसे रहेंगे?
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