विभागीय परीक्षा में फर्जीवाड़ा: जुगाड़ से बने अफसर, 4 साल बाद धांधली खुली तो 42 टैक्स इंस्पेक्टर वापस बनाए गए बाबू, छत्तीसगढ़ जीएसटी विभाग में बड़ा एक्शन

Fraud in departmental exam: Officers appointed through 'shortcuts'—after the rigging came to light four years later, 42 Tax Inspectors were demoted back to clerical posts; major action taken by the Chhattisgarh GST Department.

विभागीय परीक्षा में फर्जीवाड़ा: जुगाड़ से बने अफसर, 4 साल बाद धांधली खुली तो 42 टैक्स इंस्पेक्टर वापस बनाए गए बाबू, छत्तीसगढ़ जीएसटी विभाग में बड़ा एक्शन

रायपुर : छत्तीसगढ़ के जीएसटी विभाग में सीमित भर्ती परीक्षा के जरिए टैक्स इंस्पेक्टर बने 42 कर्मचारियों की नियुक्ति रद्द कर दी गई है. 2021 और 2022 में हुई परीक्षा के जरिए लिपिक पद पर कार्यरत कर्मचारियों को वाणिज्यिक कर निरीक्षक बनाया गया था. भर्ती प्रक्रिया को लेकर शिकायतों के बाद विभाग ने जांच कराई. इसमें परीक्षा प्रक्रिया की कई खामियां सामने आईं.
चयनित कर्मचारियों की उत्तर-पुस्तिकाओं में एक जैसे जवाब मिले. कुछ मामलों में दोबारा जांच के बाद अंक बढ़ने की बात भी सामने आई. जांच रिपोर्ट के आधार पर सीमित भर्ती परीक्षा और उसके आधार पर किए गए चयन को निरस्त कर दिया गया. अब 42 कर्मचारियों को वाणिज्यिक कर निरीक्षक पद से हटाकर उनके मूल लिपिक पद पर वापस भेजा जाएगा.
जानिए, जांच समिति ने क्या खामियां पाईं
आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं: परीक्षा से पहले आरक्षण रोस्टर के मुताबिक अलग-अलग वर्गों के लिए पद निर्धारित नहीं किए गए। जांच में इसे भर्ती प्रक्रिया की प्रमुख खामी माना गया.
परीक्षार्थियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड नहीं: परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की उपस्थिति का रजिस्टर उपलब्ध नहीं मिला। इससे परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों का मूल रिकॉर्ड नहीं मिल सका.
उत्तर-पुस्तिकाओं में एक जैसे जवाब: चयनित अभ्यर्थियों में से अधिकांश की उत्तर-पुस्तिकाओं में एक जैसे उत्तर पाए गए. जांच में इसके लिए कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला.
कॉपियों की कोडिंग नहीं: अभ्यर्थियों की पहचान गोपनीय रखने के लिए उत्तर-पुस्तिकाओं में कोडिंग व्यवस्था नहीं अपनाई गई. शेष|पेज 11 री-चेकिंग में बढ़े अंक: कुछ उत्तर-पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन किया गया और अंकों में बढ़ोतरी हुई। जांच रिपोर्ट में इसे अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने से जोड़ा गया है.
चयन समिति ने किया पुनर्मूल्यांकन: चयन सूची जारी होने से पहले चयन समिति के अध्यक्ष, सदस्यों और परीक्षा नियंत्रक द्वारा उत्तर-पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन किए जाने की बात जांच में सामने आई.
उत्तर-पुस्तिकाओं की संख्या में अंतर: खरीदी गई, इस्तेमाल की गई और बची हुई उत्तर-पुस्तिकाओं के रिकॉर्ड में भी अंतर मिला. खरीदी और उपलब्धता से जुड़े दस्तावेज आपस में मेल नहीं खाते थे.
विधानसभा में उठा था परीक्षा में अनियमितता का मामला
वाणिज्यिक कर विभाग की सीमित भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मामला विभागीय जांच से पहले ही छत्तीसगढ़ विधानसभा में उठा था. विधायक अनुज शर्मा ने अलग-अलग तिथियों पर इस भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सवाल पूछे थे.
उन्होंने नोडल अधिकारियों, चयन समिति के सदस्यों, आरक्षण रोस्टर के पालन और अधिकारियों की भूमिका की जानकारी मांगी थी. 10 मार्च 2025 के तारांकित प्रश्न के जरिए वर्ष 2021-22 की सीमित भर्ती प्रक्रिया के नोडल अधिकारी, चयन समिति के सदस्यों, रोस्टर के पालन तथा समिति से जुड़े अधिकारियों पर वित्तीय या कानूनी आरोपों की जानकारी मांगी गई थी.
इसके बाद 17 जुलाई 2025 के अतारांकित प्रश्न में वर्ष 2021 से 2023 के बीच चयनित-अचयनित कर्मचारियों का विवरण, आरक्षण रोस्टर नहीं अपनाने का कारण और रिक्त पदों पर उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के समायोजन को लेकर सवाल किया गया. विधायक ने ध्यानाकर्षण सूचना भी दी थी.
इसमें उत्तर-पुस्तिकाओं में कथित हेराफेरी, कॉपियों की कोडिंग नहीं होने और अधिकारियों द्वारा स्वयं उत्तर-पुस्तिकाओं की जांच किए जाने जैसे आरोपों का उल्लेख था
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