एक्सीडेंट नहीं बेटे की हुई हत्या, कलेजे के टुकड़े को दोस्तों ने मार डाला!, पीड़ित पिता ने लगाई इंसाफ की गुहार, पुलिस कह रही दूसरे जिले का मामला
It wasn't an accident—the son was murdered; friends killed their own companion! The grieving father pleads for justice, while the police claim the case falls under the jurisdiction of another district.
बिलासपुर : पेंडारी में रहकर खेती किसानी करने वाले एक व्यक्ति के बेटे को उसके ही दोस्त घर से बुलाकर ले जाते हैं. दूसरे दिन रात 11 बजे मोबाइल पर बताते हैं कि उनके बेटे का एक्सीडेंट हो गया है. जब तक माता-पिता अस्पताल पहुंचते हैं उनके बेटे की मौत हो जाती है. अब मां-बाप थाने का चक्कर लगाकर मामले की जांच का गुहार लगा रहे हैं. वहीं, थाने में तैनात मुंशी और अन्य लोग उन्हें दूसरे जिले का मामला बताकर लौटा दे रहे हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक सकरी क्षेत्र के पेंडारी में रहने वाले अजय सिंहउम्र 50 साल गांव में खेती किसानी करते हैं. उनका बेटा अरविंद सिंह ट्रांसपोर्टिंग काम करता था. अजय सिंह ने बताया कि 22 जून की शाम करीब छह बजे अरविंद को उसका दोस्त तरुण सिंह घर से लेकर गया. उन्होंने बिल्हा मोड़ के पास ट्रक का काम कराया. दूसरे दिन रात नौ बजे तक अरविंद वापस नहीं आया. तब परिवार के लोगों ने उसके मोबाइल पर कॉल किया. इस दौरान अरविंद ने एक घंटे के भीतर घर आने की बात कही. उसने हेमंत सिंह और अजय शर्मा के साथ होना बताया था. उसने कोरबा में होना बताया था.
रात 11 बजे तक घर नहीं आने पर उसकी मां छोटी सिंह ने फिर से मोबाइल पर कॉल किया. तब अजय शर्मा ने काल रिसिव किया. उसने बताया कि अरविंद कार के सामने कूद गया. इसके कारण उसे चोट आई है. उसने मस्तूरी के पास होने की बात कही थी. उन्होंने बताया कि उसे अस्पताल लेकर जा रहे हैं. रात करीब एक बजे अजय अपनी पत्नी को लेकर तोरवा स्थित प्राइवेट अस्पताल पहुंचे. तब तक अरविंद की मौत हो गई थी.
इस दौरान अरविंद के साथी वहां से भाग निकले थे. पिता और परिवार के लोगों ने पीएम कराया. इसके बाद शव लेकर मंडला चले गए. जहां से लौटने के बाद वे तोरवा थाने पहुंचे.जहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने पूरा मामला अकलतरा क्षेत्र का होने की बात कहते हुए उन्हें वापस लौटा दिया. इसके बाद वे अकलतरा थाना पहुंचे. जहां पूरे मामले की जानकारी देकर शिकायत की है.
अजय सिंह ने बताया कि अरविंद ट्रांसपोर्ट का काम करता था. अजय शर्मा उसकी ट्रक को किराए पर चलाता था. लेनदेन को लेकर अरिवंद ने अजय से कई बार मारपीट की है. वहीं, हेमंत सिंह से भी अरविंद का विवाद हुआ था. अजय सिंह ने आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि अजय और हेमंत ने ही साजिश के तहत काेरबा ले जाकर अरविंद की हत्या की है.
अरविंद के भाई जय सिंह ने बताया कि पंचनामा पीएम के दौरान अजय शर्मा और हेमंत सिंह गोलमोल बातें कर रहे थे. इस दौरान अजय सिंह के पैर में चोट थी. जब अरविंद के परिवार वालों ने उससे इस बारे में पूछताछ की तब वहां मौजूद तोरवा थाने के पुलिसकर्मी ने उन्हें चुप रहने के लिए कहा. साथ ही अरविंद के परिवार वालों को धमकाया भी. अब अरविंद के परिवार वाले इस पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं.
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