शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, गुजरात-महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से 4 आरोपी गिरफ्तार, रायपुर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी
Major breakthrough for Raipur Police: Four accused arrested from Gujarat, Maharashtra, and Madhya Pradesh for swindling crores by luring victims with promises of huge profits in share trading.
रायपुर : साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत रायपुर रेंज साइबर थाना पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले चार अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपी गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के रहने वाले हैं. तीन अलग-अलग मामलों में पीड़ितों से कुल करीब 1 करोड़ 15 लाख रुपये की ठगी का आरोप है. गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा ने साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इसके तहत रेंज साइबर थाना रायपुर को तकनीकी सबूतों के आधार पर मुख्य आरोपियों की पहचान करने, उनकी गिरफ्तारी करने और ठगी की रकम को चिन्हित कर होल्ड या जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं. इसी अभियान के तहत तीन अलग-अलग शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड के मामलों की जांच करते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची.
पहला मामला बलौदाबाजार के पलारी थाना क्षेत्र से जुड़ा है
प्रार्थी डागेश चंद्राकर ने शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा कमाने के नाम पर 69 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने अपराध क्रमांक 383/24 के तहत धारा 318(4) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की. जांच में आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई गई. पुलिस के मुताबिक शुभम चौहान और साबले प्रेम विश्वास ने कथित तौर पर फर्जी कंपनी, फर्जी सिम और अन्य साथियों की मदद से बैंक खाते खुलवाए और पीड़ित से उनमें रकम जमा कराई. जांच में सामने आया कि संबंधित बैंक खातों को लेकर अलग-अलग राज्यों के 20 से ज्यादा पुलिस थानों और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज हैं. पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को सूरत, गुजरात से गिरफ्तार किया.
दूसरा मामला भाटापारा सिटी थाना क्षेत्र का है
प्रार्थी मुकेश विश्वकर्मा ने शेयर ट्रेडिंग में लाभ दिलाने के नाम पर 12 लाख रुपये की ठगी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इस मामले में अपराध क्रमांक 513/24 धारा 318(4) बीएनएस के तहत जांच की गई. पुलिस ने आरोपी अनुज सेन को जबलपुर से गिरफ्तार किया.अनुज सेन मूल रूप से कटनी, मध्यप्रदेश का रहने वाला है. आरोप है कि वह जबलपुर और इंदौर जाकर फर्जी कंपनियां बनाता था और उन कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर ठगी की रकम का लेनदेन करता था. साइबर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी पहचान कर गिरफ्तारी की.
तीसरा मामला रायपुर के मंदिर हसौद थाना क्षेत्र का है
प्रार्थी वेदप्रकाश बघेल ने शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा दिलाने के नाम पर 34 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी. इस पर अपराध क्रमांक 659/25 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया. जांच के दौरान बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की पड़ताल में महाराष्ट्र के गोंदिया निवासी विक्की लक्ष्मीचंद राहंगडाले की भूमिका सामने आई. विक्की ने फर्जी कंपनी और फर्जी सिम का इस्तेमाल कर अपने अन्य साथियों की सहायता से जयपुर, राजस्थान में फर्जी बैंक खातों के जरिए पीड़ित से रकम जमा कराई थी. पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है.
गिरफ्तार आरोपियों में सूरत निवासी 22 साल के शुभम चौहान, 23 साल के साबले प्रेम विश्वास, कटनी निवासी 29 साल के अनुज सेन और गोंदिया निवासी 33 साल के विक्की राहंगडाले शामिल हैं. चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया. जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, फर्जी कंपनियों और सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इन आरोपियों के नेटवर्क ने देश के अलग-अलग राज्यों में कितने लोगों को शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी का शिकार बनाया है.
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