बच्ची का रेप के बाद हत्याकांड, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने SP को सौंपा ज्ञापन, मासूम की हत्यारे को सजा दिलाने टीम बनाकर करेंगे मदद -नूतन सिंह ठाकुर
Murder of a young girl following her rape: Chhattisgarhia Kranti Sena submits a memorandum to the SP; the organization will form a team to assist in ensuring the perpetrator is punished — Nutan Singh Thakur
कोरबा : राजगामार में 7 साल मासूम भव्या जोशी की दुखद घटना और मानिकपुर चौंकी क्षेत्र के मुड़ापार दशहरा उत्सव में चाकू से हमले की वजह से मौत के मामले में त्वरित न्याय, बच्चों एवं महिलाओं की सुरक्षा और जिले में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी को ज्ञापन सौंपा.
ज्ञापन में कहा गया है कि कोरबा जिले में हाल ही में घटित गंभीर घटनाओं ने आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों एवं महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता उत्पन्न कर दी है. इन घटनाओं ने समाज के सामने यह गंभीर प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या आज हमारे बच्चे और महिलाएँ अपने ही क्षेत्र में पूरी तरह सुरक्षित हैं.
1. राजगामार में 7 साल की भासूम भव्या जोशी की घटना कृ समाज की अंतरात्मा को झकझोरने वाला मामला 19 अक्टूबर 2026 को राजगामार क्षेत्र में 7 साल की मासूम भव्या जोशी से जुड़ी हत्या की घटना सामने आई. इसके बाद 22 अक्टूबर 2026 गुरुवार को पुलिस प्रशासन द्वारा बच्ची का शव बरामद किया गया. इस हृदयविदारक घटना ने न केवल पीड़ित परिवार, बल्कि पूरे कोरबा जिले को गहरे दुःख और चिंता में डाल दिया है.
सात साल की की उम्र कोई ऐसी उम्र नहीं होती. जब किसी बच्चे को जीवन की भयावह सच्चाइयों का सामना करना पड़े. यह उम्र तो विद्यालय जाने, खेलने-कूदने, परिवार के स्नेह में रहने और अपने भविष्य के सपने देखने की होती है. जिस उम्र में एक बच्ची को अपने माता-पिता की सुरक्षा और समाज के भरोसे की जरुरत होती है. उस उम्र में ऐसी दर्दनाक घटना का सामने आना बेहद गंभीर विषय है.
यह सिर्फ एक मासूम बच्ची की मौत का मामला नहीं, बल्कि हमारे समाज में बच्चों की सुरक्षा, महिलाओं की गरिमा और कानून के प्रति विश्वास से जुड़ा बेहद गंभीर मामला है.
आज हर माता-पिता के मन में यह चिंता स्वाभाविक है कि जब एक छोटी बच्ची की सुरक्षा को लेकर ऐसी घटना सामने आती है. तो वे अपने बच्चों को किस तरह सुरक्षित महसूस कराएँ ? समाज में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सिर्फ परिवार की जिम्मेदारी नहीं है. इसके लिए प्रशासन, पुलिस और हर नागरिक को मिलकर प्रभावी कदम उठाने होंगे.
हम मांग करते हैं कि इस मामले की सभी पहलू से निष्पक्ष, पारदर्शी और वैज्ञानिक जांच की जाए. किसी भी तथ्य की अनदेखी न हो. सबूतों को सुरक्षित रखा जाए और दोषी की पहचान कर उसे कानून के अनुसार कठोरतम दंड दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जाए.
2. मानिकपुर चौंकी क्षेत्र के मुड़ापार दशहरा उत्सव में चाकू से हमला और एक व्यक्ति की मौत हाल ही में मानिकपुर चौंकी क्षेत्र के मुड़ापार दशहरा उत्सव के दौरान चाकू से हमला किए जाने के कारण एक व्यक्ति की मौत होने की घटना भी गंभीर चिंता का विषय है. सार्वजनिक और धार्मिक आयोजनों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरुरी है. ऐसी घटनाएँ कानून-व्यवस्था के प्रति आम जनता के भरोसे को प्रभावित करती हैं और यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा प्रभावी बनाने की जरुरत है. हम प्रशासन से मांग करते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जाँच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान पर्याप्त पुलिस बल, निगरानी और त्वरित आपातकालीन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
प्रमुख मांगें :-
1. भव्या जोशी प्रकरण में त्वरित न्यायः मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कर दोषी के विरुद्ध मजबूत साक्ष्यों के आधार पर शीघ्र कानूनी कार्रवाई की जाए.
2. फास्ट ट्रैक न्यायालय में सुनवाईः विधिक प्रावधानों एवं न्यायालय की प्रक्रिया के मुताबिक मामले की जल्द सुनवाई सुनिश्चित की जाए. दोष साबित होने पर अपराध की गंभीरता के अनुरूप कठोरतम वैधानिक सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जाए. कानून में मृत्युदंड का प्रावधान लागू होने की स्थिति में सक्षम न्यायालय सबूतों एवं विधिक प्रक्रिया के मुताबिक फैसला ले
3. बच्चों एवं महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनेः स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों, सुनसान क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर जरुरी कदम उठाए जाएँ.
4. पुलिस गश्त एवं निगरानी बढ़ाई जाएः संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी तथा आपातकालीन शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
5. सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षाः दशहरा, मेले, धार्मिक उत्सवों एवं अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में पर्याप्त पुलिस बल और प्रभावी सुरक्षा योजना लागू की जाए.
6. महिला एवं बाल सुरक्षा जागरूकताः विद्यालयों और समुदायों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएँ और बच्चों एवं महिलाओं के लिए शिकायत और मदद की व्यवस्था को ज्यादा सुलभ बनाया जाए.
7. जवाबदेही और कार्रवाई की जानकारीः दोनों घटनाओं में नियमानुसार की गई कार्रवाई और भविष्य में सुरक्षा सुधारों के बारे में संबंधित विभागों द्वारा जरुरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए.
3. बच्चों एवं महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनेः स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों, सुनसान क्षेत्रों तथा संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर जरुरी कदम उठाए जाएँ.
4. पुलिस गश्त एवं निगरानी बढ़ाई जाएः संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और आपातकालीन शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
5. सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षाः दशहरा, मेले, धार्मिक उत्सवों और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में पर्याप्त पुलिस बल और प्रभावी सुरक्षा योजना लागू की जाए.
6. महिला एवं बाल सुरक्षा जागरुकताः विद्यालयों और समुदायों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएँ और बच्चों एवं महिलाओं के लिए शिकायत और सहायता की व्यवस्था को ज्यादा सुलभ बनाया जाए.
7. जवाबदेही और कार्रवाई की जानकारीः दोनों घटनाओं में नियमानुसार की गई कार्रवाई और भविष्य में सुरक्षा सुधारों के मामले में संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए.
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मासूम की हत्यारे को सजा दिलाने टीम बनाकर करेंगे मदद - नूतन सिंह ठाकुर
राजगामार पुलिस थाना अंतर्गत 7 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी और नृशंक हत्या के मामले ने पूरे कोरबा को झाकझोर कर रख दिया है. इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले की त्वरित गिरफ्तारी संतोष जनक है. लेकिन इस मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई मांग नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने किया है. अधिवक्ता संघ कोरबा के वरिष्ठ अधिवक्ताओं और महिला अधिवक्ताओं ने भी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए आरोपी की पैरवी नहीं करने का फैसला लिया है वह स्वागत योग्य है. मासूम बच्ची के हत्यारे को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सभापति नूतन सिंह के साथ अधिवक्ता संघ कोरबा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि शर्मा, महिला उपाध्यक्ष उर्मिला सिंह, सहसचिव रवि भगत की टीम पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करेगा.
नूतनसिंह ठाकुर ने कहा कि समाज में ऐसे दरिदों को जीवित रहने का अधिकार नहीं है. हत्यारे को शीघ्र फांसी की सजा दिलाने के लिए निःशुल्क कानूनी मदद करेंगे.
कोरबा शहर में बढ़ रहे अपराध हो बड़ा कारण नशे के कारोबार में वृद्धि है. नूतन सिंह ने पुलिस अधीक्षक से मांग किया है कि नशे के खिलाफ पुलिस वृहद स्तर पर अभियान चलाएं और युवाओं को नशा परोसने वाले लोगों कड़ी से कड़ी कार्रवाई किया जाए.
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