दस दिन में तीसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल और CNG के दाम, लगातार हो रही बढ़ोतरी ने रसोई से लेकर बाजार तक हर चीज महंगी, आम जनता पर बढ़ेगा महंगाई का बोझ

Petrol, diesel, and CNG prices have risen for the third time in ten days. The steady increase has made everything from the kitchen to the market more expensive, increasing the burden of inflation on the general public.

दस दिन में तीसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल और CNG के दाम, लगातार हो रही बढ़ोतरी ने रसोई से लेकर बाजार तक हर चीज महंगी, आम जनता पर बढ़ेगा महंगाई का बोझ

रायपुर : पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आमजन का जीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. एक तरफ डीजल की उपलब्धता को लेकर परिवहन क्षेत्र में संकट गहराता जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ ईंधन के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने रसोई से लेकर बाजार तक हर चीज महंगी कर दी है. चालू माह में तीसरी बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के बाद अब विपक्ष ने सरकार के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है.
इस नए बदलाव के बाद पेट्रोल के दाम 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दाम 91 पैसे प्रति लीटर तक बढ़ गए हैं. 15 मई को पहली बार करीब 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी.
इसके बाद 19 मई को दूसरी बार करीब 90 पैसे प्रति लीटर दाम बढ़े. अब 23 मई को तीसरी बार फिर 87 से 91 पैसे प्रति लीटर तक बढ़ोतरी कर दी गई है. यानि मई महीने में अब तक पेट्रोल-डीजल करीब 5 रुपए प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है.
जो लोग अपनी कार या बाइक से दफ्तर या काम पर जाते हैं, उनका पेट्रोल का मासिक खर्च अब सीधे तौर पर बढ़ जाएगा. डीजल की कीमतें बढ़ने से ट्रकों, बसों और सामान ढोने वाले भारी वाहनों का किराया बढ़ जाएगा. जब माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा, तो मंडियों तक आने वाली सब्जियों, फलों, दूध और रोजमर्रा के जरूरी सामानों की कीमतें भी अपने आप बढ़ जाएंगी. मध्यम वर्ग और व्यापारियों की चिंताएं अब काफी बढ़ गई हैं। जानकारों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं, तो आने वाले दिनों में महंगाई और भी ज्यादा पैर पसार सकती है.
अकलतरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि पेट्रोल-डीजल का रेट धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा है, शायद ‘अच्छे दिन’ किस्तों में लाए जा रहे हैं. विधायक के इस कटाक्ष ने क्षेत्र की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है. कांग्रेस अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पर खुलकर उतरती दिखाई दे रही है.
महंगाई ने गरीब और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी
विधायक राघवेंद्र सिंह ने कहा कि पेट्रोल-डीजल सिर्फ वाहन चलाने का साधन नहीं रह गया है. बल्कि इसका सीधा असर हर घर की रसोई और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. डीजल महंगा होने से खेती-किसानी, माल परिवहन, बस सेवा और छोटे कारोबार सभी प्रभावित हो रहे हैं. ट्रांसपोर्ट महंगा होने के कारण सब्जी, राशन, दूध, निर्माण सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता को राहत देने के बजाय टैक्स के जरिए लगातार बोझ बढ़ा रही है. महंगाई चरम पर है, लेकिन सत्ता में बैठे लोग केवल विज्ञापन और प्रचार में व्यस्त हैं.
डीजल संकट से परिवहन व्यवस्था चरमराई
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कई इलाकों में डीजल की उपलब्धता प्रभावित होने से यात्री परिवहन सेवा और मालवाहक वाहन संचालन पर असर पड़ रहा है. बस ऑपरेटरों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है. इसका खामियाजा अंततः आम जनता को अधिक किराया और महंगे सामान के रूप में भुगतना पड़ रहा है विपक्ष का आरोप है कि सरकार ईंधन मूल्य नियंत्रण में पूरी तरह विफल साबित हुई है और अब जनता के धैर्य की परीक्षा ली जा रही है.
कांग्रेस जल्द चला सकती है जनआंदोलन
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधायक राघवेंद्र सिंह के इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी जिले में महंगाई और ईंधन मूल्य वृद्धि के मुद्दे को लेकर आक्रामक आंदोलन की तैयारी में है. पार्टी इसे सीधे जनता के आर्थिक शोषण से जोड़कर सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की रणनीति पर काम कर रही है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत नहीं दी गई तो आने वाले दिनों में सड़क से लेकर विधानसभा तक आंदोलन तेज किया जाएगा। फिलहाल विधायक राघवेन्द्र सिंह के बयान ने यह साफ संकेत दे दिया है कि महंगाई का मुद्दा अब क्षेत्रीय राजनीति का बड़ा हथियार बनने जा रहा है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?mode=gi_t