छत्तीसगढ़ बोर्ड 12वीं हिंदी पेपर सोशल मीडिया में वायरल, 3000 रुपये में छात्रों को प्रश्नपत्र उपलब्ध, मास्टरमाइंड आरोपी वेणू जंघेल को गिरफ्तार
Chhattisgarh Board 12th Hindi paper goes viral on social media, available to students for Rs 3,000; mastermind accused Venu Janghel arrested
रायपुर : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं हिंदी विषय की परीक्षा का प्रश्नपत्र सोशल मीडिया में वायरल होने और पेपर लीक की गंभीर घटना में रायपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. थाना कोतवाली पुलिस एवं रायपुर क्राइम ब्रांच ACCU की संयुक्त टीम ने मामले के मुख्य आरोपी वेणु जंघेल को बिलासपुर से गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की गई. पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. रिमांड अवधि खत्म होने के बाद आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
मिली जानकारी के मुताबिक माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं हिंदी परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने की खबर मिली थी. मामले की संवेदनशीलता और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े होने की वजह से थाना कोतवाली में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ जुर्म दर्ज कर जांच शुरू की गई.
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी और साइबर विश्लेषण के जरिए मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया. शुरुआती जांच में यह सामने आया कि पेपर लीक की जानकारी वायरल होने के बाद कई लोग डिजिटल सबूत मिटाने में जुट गए थे. इसके बाद पुलिस ने साइबर तकनीक की मदद से डिलीटेड मोबाइल डेटा, चैट रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और ऑनलाइन ट्रांजैक्शनों की गहन जांच शुरू की. जांच एजेंसियों ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से डिलीट की गई जानकारी को रिकवर कर अहम सुराग जुटाए.
पुलिस टीम ने इस मामले में करीब 50 से ज्यादा छात्रों, संदिग्ध लोगों और दुसरे संबंधित लोगों से सिलसिलेवार पूछताछ की. पूछताछ और तकनीकी सबूतों के आधार पर पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंचने में कामयाब रही.
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी छात्रों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर उनसे करीब ₹3000 तक की रकम वसूल रहा था पुलिस को शक है कि आरोपी लंबे समय से इस गतिविधि में शामिल था और इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क भी सक्रिय हो सकता है. यही वजह है कि पुलिस अब आरोपी के संपर्क में रहे अन्य व्यक्तियों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रही है.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामला दर्ज होने के बाद आरोपी लगातार फरार चल रहा था. गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और मोबाइल और दुसरे डिजिटल सबूतों को नष्ट करने का प्रयास भी कर रहा था. आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस उपायुक्त मध्य जोन द्वारा ₹5000 के इनाम की घोषणा भी की गई थी.
थाना कोतवाली और ACCU की संयुक्त टीम ने लगातार तकनीकी निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद पुलिस टीम ने बिलासपुर में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान आरोपी ने पेपर लीक से जुड़े कई अहम राज उजागर किए हैं. उसने प्रश्नपत्र प्रसारण के तरीके, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के उपयोग, आर्थिक लेन-देन और अन्य लोगों की संलिप्तता के बारे में अहम जानकारियां दी हैं.
पुलिस को आरोपी के मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से कई अहम डिजिटल सबूत भी मिले हैं. रिकवर किए गए डिलीटेड डेटा और चैट रिकॉर्ड के आधार पर अब मामले में अन्य लोगों की भूमिका की जांच तेज कर दी गई है. पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं. मामले की जांच लगातार जारी है और थाना कोतवाली रायपुर द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.
गिरफ्तार आरोपी
वेणु उर्फ वेणु जंघेल पिता हरीशचंद्र जंघेल उम्र करीब 19 साल निवासी ग्राम बरसरा जिला बेमेतरा एवं वर्तमान निवासी लक्ष्मी नगर, गोकुल नगर क्षेत्र थाना गुढ़ियारी रायपुर
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