ढाई एकड़ जमीन की कथित फर्जी रजिस्ट्री कांड में बड़ा एक्शन, कोटवार मोतीलाल सस्पेंड, भूमि रिकॉर्ड में हेराफेरी के मिले सबूत, जांच के घेरे में पटवारी
Major action taken in the alleged fraudulent land registration case involving 2.5 acres; Kotwar Motilal suspended; evidence of land record tampering found; Patwari under investigation.
गरियाबंद : गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत बजाड़ी गांव में ढाई एकड़ जमीन की कथित फर्जी रजिस्ट्री मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. 9 जुलाई को मामला प्रमुखता से सामने आने के बाद देवभोग तहसील प्रशासन हरकत में आया और मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी गई. शुरुआती जांच में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्री कराने की पुष्टि होने के बाद चिचिया के कोटवार मोतीलाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है.
तहसीलदार ने शुरू की विस्तृत जांच
देवभोग तहसीलदार अजय चंद्रवंशी के निर्देश पर मामले से जुड़े सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. जांच के दौरान क्रेता, विक्रेता, गवाह, स्टाम्प वेंडर और रजिस्ट्री प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोगों के साक्ष्य लिए गए हैं. अब पूरे मामले की कड़ियां जोड़कर जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय की जा रही है.
भूमि रिकॉर्ड में हेरफेर के मिले शुरुआती प्रमाण
प्रारंभिक जांच में भूमि के किस्म परिवर्तन सहित अन्य दस्तावेजों में कथित हेरफेर के प्रमाण मिले हैं. जांच में यह भी सामने आया कि आवश्यक दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया में चिचिया के कोटवार मोतीलाल की संलिप्तता पाई गई, जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया.
पटवारी समेत कई लोग जांच के घेरे में
प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कराने में किन-किन लोगों की भूमिका रही. सूत्रों के मुताबिक संबंधित पटवारी सहित अन्य कर्मचारियों एवं दस्तावेज तैयार करने वालों की भूमिका भी जांच के दायरे में है.
क्या है पूरा मामला?
आरोप है कि बजाड़ी गांव निवासी भंवर सिंह ने अपने पड़ोसी के आधार कार्ड में कथित छेड़छाड़ कर खुद को हरिसिंह के रुप में पेश किया और करीब ढाई एकड़ जमीन उरमाल निवासी शांतिलाल जैन के नाम रजिस्ट्री करा दी. हालांकि नामांतरण की प्रक्रिया के दौरान ग्राम सरपंच को शक हुआ और उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई. इसी सतर्कता की वजह से नामांतरण रुक गया और पूरा मामला उजागर हो गया.
अब आगे क्या?
देवभोग तहसीलदार अजय चंद्रवंशी का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. अगर जांच में आपराधिक कृत्य की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.
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