जादू-टोना के शक में बुजुर्ग को बेरहमी से उतारा मौत के घाट, लकड़ी के पट्टे से जानलेवा हमला, शव फेंककर फरार, PM रिपोर्ट से खुला राज, 3 आरोपी गिरफ्तार

Elderly man brutally killed on suspicion of witchcraft; fatally attacked with a wooden plank; body dumped before the perpetrators fled; post-mortem report reveals the truth; three accused arrested.

जादू-टोना के शक में बुजुर्ग को बेरहमी से उतारा मौत के घाट, लकड़ी के पट्टे से जानलेवा हमला, शव फेंककर फरार, PM रिपोर्ट से खुला राज, 3 आरोपी गिरफ्तार

दंतेवाड़ा : दंतेवाड़ा जिले के ग्राम समलूर में जादू-टोना करने के शक में 65 साल के बुजुर्ग की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. गीदम थाना पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने कथित तौर पर जादू-टोने के शक और इसी बात को लेकर चली आ रही नाराजगी की वजह से वारदात को अंजाम दिया. आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लकड़ी का पट्टा भी बरामद किया गया है. तीनों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया.
मिली जानकारी के मुताबिक 9 सितंबर को ग्राम समलूर के उईकापारा निवासी सुखराम सोढ़ी की संदिग्ध हालत में मौत होने की खबर मिली. जानकारी मिलते ही गीदम पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. घटनास्थल का मुआयना करने के दौरान मृतक के चेहरे, गाल, कान और माथे पर चोट के निशान दिखाई दिए. मामला संदिग्ध होने की वजह से पुलिस ने मर्ग कायम कर पंचनामा कार्रवाई की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. इसके साथ ही मौत की असल वजह पता लगाने के लिए परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ शुरू की गई.
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से हत्या का खुलासा
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सुखराम सोढ़ी की मौत कठोर और कुंद वस्तु से लगी चोटों की वजह से मौत होने की पुष्टि हुई. इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या मानते हुए गीदम थाने में अपराध क्रमांक 76/2026 दर्ज किया. मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत कार्रवाई शुरू की गई. पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए गांव के लोगों और मृतक के परिजनों से पूछताछ की. इस दौरान जानकारी सामने आई कि गांव में कुछ लोगों को सुखराम पर कथित रूप से जादू-टोना करने का शक था. पुलिस के मुताबिक इसी शक को लेकर कुछ लोगों में सुखराम के प्रति नाराजगी थी.
पूछताछ में तीन आरोपियों तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने धनीराम भोगामी उर्फ मोटू उम्र 28 साल, बिनेश सोढ़ी उर्फ बीनू उम्र 25 साल और मंगतू सोढ़ी उम्र 27 साल से पूछताछ की. तीनों आरोपी ग्राम समलूर के रहने वाले हैं. पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान तीनों की वारदात में भूमिका सामने आई. आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया लकड़ी का पट्टा बरामद किया. इसके अलावा मामले से जुड़े अन्य सबूतों को भी जब्त कर जांच में शामिल किया गया है.
पुलिस ने तीनों आरोपियों को 11 सितंबर को गिरफ्तार किया. आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें दंतेवाड़ा अदालत में पेश किया गया. जहां से तीनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया. दंतेवाड़ा पुलिस ने शुक्रवार को मीडिया के सामने मामले का खुलासा करते हुए हत्या के पीछे जादू-टोने के शक को असल वजह बताया है. पुलिस अब मामले से संबंधित सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है. यह घटना अंधविश्वास की वजह से होने वाली हिंसा की गंभीरता को भी सामने लाती है. महज जादू-टोने के शक में किसी व्यक्ति को निशाना बनाना न सिर्फ गंभीर अपराध है. बल्कि ऐसी घटनाएं सामाजिक जागरूकता की जरुरत को भी रेखांकित करती हैं.
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